
Gold-Silver Price Fall : देश व प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को खूब चौंकाया। अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते कारोबारी तनाव के कारण सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया था। लेकिन अब बाजार में एक नया मोड़ आया है। सोने और चांदी की कीमतों में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और भारतीय सर्राफा बाजार में सोना करीब 2000 रुपये और चांदी 4000 रुपये तक सस्ती हो गई है। आखिर इस गिरावट की वजह क्या है? क्या यह निवेशकों के लिए सुनहरा मौका है या फिर सतर्क रहने का समय?
Bullion Market : सोने को हमेशा से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतें आसमान छूने लगती हैं। हाल ही में अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी तनाव ने सोने की मांग को बढ़ाया था, जिसके चलते इसकी कीमत 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक हो गई थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।
Gold Price today : अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। इससे निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले निवेशों की ओर बढ़ा है। नतीजतन, सोने की मांग में कमी आई और कीमतें नीचे आईं। इसके अलावा, निवेशकों की नजर अब अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है, जो सोने की कीमतों को और प्रभावित कर सकते हैं।
Silver Price today : सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। अमेरिका-चीन के बीच तनाव में कमी और निवेशकों के बदलते रुझानों ने इस गिरावट को हवा दी है। MCX और सर्राफा बाजार में सोना और चांदी सस्ता होने से खरीदारों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है। लेकिन निवेश से पहले बाजार के रुझानों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
MCX पर सोने-चांदी का नया भाव
today gold price : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में लगातार दो दिनों से गिरावट देखी जा रही है। 5 जून की एक्सपायरी के लिए सोने का भाव 1900 रुपये घटकर 93,687 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। कल भी सोने में करीब 500 रुपये की कमी दर्ज की गई थी।
वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। MCX पर 4 जुलाई वायदा के लिए चांदी 3406 रुपये सस्ती होकर 94,712 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि कल चांदी की कीमत में 200-300 रुपये की मामूली बढ़ोतरी देखी गई थी, लेकिन आज यह फिर से नीचे आ गई।
सर्राफा बाजार में क्या है ताजा रेट?
भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई है। इंडियन बुलियन मार्केट के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: कल शाम 96,011 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब 1650 रुपये घटकर 94,361 रुपये पर आ गया।
- 22 कैरेट सोना: कल 87,946 रुपये था, जो अब 1511 रुपये कम होकर 86,435 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
- 18 कैरेट सोना: कल 72,008 रुपये था, जो 1300 रुपये की कमी के साथ 70,771 रुपये पर बंद हुआ।
चांदी की कीमतें भी सर्राफा बाजार में गिरावट के साथ 94,712 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रही हैं।
अक्षय तृतीया और सोने की मांग
भारत में अक्षय तृतीया को सोना खरीदने का शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन सोने की मांग में भारी उछाल आता है, जिसके चलते कीमतें अक्सर बढ़ जाती हैं। लेकिन इस बार अक्षय तृतीया के दिन सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जो खरीदारों के लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह सही समय हो सकता है।
भविष्य में क्या होगा सोने का भाव?
Axis Securities के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट देवया गागलानी के अनुसार, 2025 की शुरुआत सोने के लिए शानदार रही है। इस साल के पहले चार महीनों में सोने की कीमतों में करीब 25% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले एक दशक की सबसे मजबूत शुरुआत है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो सोना फिर से 1 लाख रुपये के पार जा सकता है और 1.10 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, अगर गिरावट का दौर जारी रहा, तो सोना 87,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक भी आ सकता है। इसलिए, निवेशकों को सतर्क रहकर बाजार के रुझानों पर नजर रखनी चाहिए।
निवेशकों के लिए सलाह
सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या यह सही समय है सोना खरीदने का? या फिर कीमतें और नीचे जाएंगी? विशेषज्ञों का कहना है कि सोना लंबी अवधि में हमेशा फायदेमंद रहा है। अगर आप शादी-विवाह या अन्य अवसरों के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह गिरावट आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। वहीं, निवेश के दृष्टिकोण से, बाजार के रुझानों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है। अमेरिका के आगामी आर्थिक डेटा और फेडरल रिजर्व की नीतियां भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
FAQs : महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
1. प्रश्न: भारत में आज सोने की कीमत क्या है?
उत्तर: 1 मई 2025 को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹94,880 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹86,990 प्रति 10 ग्राम है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹98,040 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। कीमतें शहर और करों के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
2. प्रश्न: चांदी की वर्तमान कीमत क्या है?
उत्तर: आज चांदी की कीमत ₹95,950 प्रति किलोग्राम है। दिल्ली में यह ₹98,000 प्रति किलोग्राम के आसपास है। हाल ही में चांदी में ₹500 की गिरावट दर्ज की गई है।
3. प्रश्न: सोने की कीमतों में हाल की गिरावट का कारण क्या है?
उत्तर: अमेरिका-चीन के बीच कारोबारी तनाव में कमी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घटी है। इससे MCX और सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 1900-2700 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई।
4. प्रश्न: चांदी की कीमतें क्यों गिरी हैं?
उत्तर: चांदी की कीमतों में गिरावट वैश्विक बाजार में मांग कम होने और सोने की कीमतों के साथ तालमेल के कारण हुई है। MCX पर 4 जुलाई वायदा के लिए चांदी ₹3406 सस्ती होकर ₹94,712 प्रति किलोग्राम पर पहुंची।
5. प्रश्न: क्या अक्षय तृतीया ने सोने की कीमतों को प्रभावित किया?
उत्तर: अक्षय तृतीया पर सोने की मांग आमतौर पर बढ़ती है, लेकिन इस बार कीमतों में गिरावट देखी गई। यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता और कम मांग के कारण हुआ। फिर भी, खरीदारों के लिए यह सस्ते दामों पर सोना खरीदने का अच्छा अवसर हो सकता है।
6. प्रश्न: 2025 में सोने की कीमतों का रुझान कैसा रहा?
उत्तर: 2025 में सोने की कीमतों में 26% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले दशक की सबसे मजबूत शुरुआत है। हालांकि, हाल के दिनों में कीमतें ₹1 लाख से नीचे आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ₹87,000 तक गिर सकता है या ₹1.10 लाख तक जा सकता है।
7. प्रश्न: क्या चांदी सोने से बेहतर निवेश है?
उत्तर: चांदी अधिक अस्थिर होती है, लेकिन इसकी औद्योगिक मांग के कारण इसमें वृद्धि की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 में चांदी $44-45 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। सोना लंबी अवधि के लिए स्थिर है, जबकि चांदी में अल्पकालिक लाभ की संभावना है।
8. प्रश्न: भारत में सोने की कीमतें कैसे तय होती हैं?
उत्तर: भारतीय बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) अंतरराष्ट्रीय कीमतों, डॉलर-रुपये की विनिमय दर, आयात शुल्क (12.5%), और जीएसटी (3%) को ध्यान में रखकर कीमतें तय करता है। स्थानीय कर और परिवहन लागत भी प्रभाव डालते हैं।
9. प्रश्न: क्या सोने की कीमतें 2025 में और गिरेंगी?
उत्तर: कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 3-4 महीनों में सोने की कीमतें 10-15% तक गिर सकती हैं, खासकर अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाता है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
10. प्रश्न: भारत में सोने का आयात और कीमतों पर इसका प्रभाव क्या है?
उत्तर: भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के आयातकों में से एक है। आयात शुल्क और वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव स्थानीय कीमतों को प्रभावित करते हैं। सरकार ने हाल के वर्षों में आयात को नियंत्रित करने के लिए शुल्क बढ़ाए, जिससे कीमतें प्रभावित हुईं।
11. प्रश्न: क्या शादी के सीजन में सोने की मांग बढ़ेगी?
उत्तर: हां, शादी और त्योहारी सीजन में सोने की मांग बढ़ती है, खासकर अक्षय तृतीया और धनतेरस जैसे अवसरों पर। लेकिन इस साल उच्च कीमतों के कारण मांग 10-15% तक कम हो सकती है।
12. प्रश्न: सोने और चांदी में निवेश के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
उत्तर: विशेषज्ञ गिरावट के समय खरीदारी की सलाह देते हैं। वर्तमान में कीमतें नीचे हैं, जो निवेश के लिए अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि, बाजार के रुझानों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखें।
13. प्रश्न: क्या सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक स्थिति से प्रभावित होती हैं?
उत्तर: हां, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, जैसे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध या अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, सोने की कीमतों को प्रभावित करती हैं। कमजोर डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव सोने को और आकर्षक बनाते हैं।
14. प्रश्न: क्या लैब-ग्रोन हीरे सोने की मांग को प्रभावित कर रहे हैं?
उत्तर: हां, सोने की उच्च कीमतों के कारण कुछ उपभोक्ता लैब-ग्रोन हीरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे आभूषणों में सोने की मांग पर असर पड़ रहा है।
15. प्रश्न: क्या सोना और चांदी अभी भी सुरक्षित निवेश हैं?
उत्तर: हां, सोना और चांदी को मुद्रास्फीति और आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ सुरक्षित निवेश माना जाता है। विशेषज्ञ पोर्टफोलियो में 10-20% सोने का आवंटन सुझाते हैं। चांदी में भी औद्योगिक मांग के कारण वृद्धि की संभावना है।
नोट: कीमतें बाजार की स्थिति, शहर, और करों के आधार पर बदल सकती हैं। निवेश से पहले स्थानीय ज्वैलर या विश्वसनीय स्रोतों से सटीक दरें जांच लें। यह जानकारी सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं है।