jaivardhannews.com

Mosam : राजस्थान में सर्दी का सितम जारी : ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट, 2 दिन बाद गर्मी की वापसी

Mosam : उत्तर भारत में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में साफ नजर आने लगा है। राजस्थान समेत दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मंगलवार को तेज ठंडी हवाएं चलीं, जिससे प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर दिन का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। चूरू, गंगानगर, सीकर और हनुमानगढ़ जैसे इलाकों में मंगलवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया।

जयपुर, दौसा, अलवर और सीकर सहित कई शहरों में शाम के समय सर्दी अचानक तेज हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाएं जारी रहेंगी, जिससे तापमान में और गिरावट हो सकती है। हालांकि, 7 मार्च से प्रदेश में तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

Weather Update : पिछले 24 घंटों का हाल : साफ आसमान, लेकिन तेज हवाओं ने बढ़ाई ठंडक

Weather Update : राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम साफ रहा और दिनभर अच्छी धूप खिली रही। हालांकि, दोपहर बाद प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में ठंडी हवाओं ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। इन तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर धूल उड़ती रही और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सबसे अधिक गिरावट सीकर जिले के फतेहपुर में दर्ज की गई, जहां तापमान सोमवार के मुकाबले 8 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। सोमवार को जहां फतेहपुर का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं मंगलवार को यह गिरकर 23.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

इसके अलावा, झुंझुनूं, माउंट आबू, नागौर, चूरू, बीकानेर, जोधपुर और सीकर में भी तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। वहीं, प्रदेश में सबसे अधिक तापमान भीलवाड़ा में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। डूंगरपुर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस, प्रतापगढ़ में 30.1 डिग्री सेल्सियस और धौलपुर में 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Rajasthan Ka Mosam : जयपुर में सर्दी का असर तेज, शाम को बढ़ी ठिठुरन

राजधानी जयपुर में भी मंगलवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। दोपहर बाद चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। तापमान में गिरावट के चलते शाम होते ही लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। सोमवार की तुलना में जयपुर का अधिकतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मंगलवार को जयपुर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आगे क्या रहेगा मौसम का हाल?

मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक किसी भी नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। इस कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में उत्तर से आने वाली तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा, जिनकी रफ्तार 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इन हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, 7 और 8 मार्च के बाद इन हवाओं का प्रभाव कम हो जाएगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगेगी।

गर्मी की आहट : 7 मार्च के बाद तापमान में होगी बढ़ोतरी

7 मार्च के बाद राजस्थान में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। इसके साथ ही धीरे-धीरे गर्मी का दौर शुरू होने लगेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में दिन के तापमान में वृद्धि देखी जा सकती है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है।

जनजीवन पर मौसम का असर

अचानक बढ़ी ठंड के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई, जिससे खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी हुई।मौसम में इस बदलाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने और खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

कृषि पर प्रभाव: गेहूं और सरसों की फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां

मौसम में आई इस गिरावट का प्रदेश की प्रमुख फसलों पर सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। वर्तमान मौसम गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। ठंडी हवाएं और हल्की ठंड फसलों की बढ़वार में सहायक मानी जाती हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मार्च के मध्य तक तापमान में अत्यधिक वृद्धि नहीं हुई तो इस साल रबी फसलों की अच्छी पैदावार हो सकती है। हालांकि, किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अचानक गर्मी बढ़ने से फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान में फरवरी और मार्च के महीने में इस तरह के मौसमी बदलाव सामान्य हैं। उत्तरी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं का असर राजस्थान सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में दिखाई देता है। इस बार भी यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन राहत की बात यह है कि प्रदेश में अब किसी नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। ऐसे में 7 मार्च के बाद तापमान बढ़ने लगेगा और दिन के समय गर्मी महसूस होने लगेगी।

फिलहाल राजस्थान में सर्दी का दौर जारी है, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा। अगले दो दिन तक प्रदेश में तेज सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। लेकिन 7 मार्च के बाद तापमान में वृद्धि होगी और गर्मी की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान लोगों को बदलते मौसम के अनुरूप खुद को तैयार करने और विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

Rajasthan Temprature : प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (4 मार्च)

शहरअधिकतम (°C)न्यूनतम (°C)
अजमेर26.516.8
भीलवाड़ा32.917.3
अलवर25.214.5
जयपुर27.017.6
कोटा28.319.4
चित्तौड़गढ़29.711.8
उदयपुर28.316.1
बाड़मेर29.617.8
जैसलमेर26.514.5
जोधपुर26.918.4
फलोदी29.216.8
बीकानेर25.013.0
गंगानगर24.011.0
धौलपुर29.917.4
नागौर24.614.2
हनुमानगढ़22.310.6
सिरोही24.513.9
माउंट आबू20.010.0
दौसा28.414.5
प्रतापगढ़30.118.1
Exit mobile version