
Udaipur Files movie ban : उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर गुरुवार तक रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार, 21 जुलाई 2025 को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा गठित विशेष समिति ने फिल्म की समीक्षा के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश कर दी है। न्यायालय ने सभी पक्षकारों को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई तक समिति के सुझावों पर अपनी आपत्तियां या सहमति जता दें। इस दौरान फिल्म निर्माता कंपनी जानी फायरफॉक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की अपील और कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद की याचिका पर भी विचार-विमर्श हुआ।
केंद्र सरकार ने समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है, और अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म के निर्देशक को इन सुझावों को लागू करने के लिए औपचारिक निर्देश जारी किए हैं। समिति ने फिल्म में छह महत्वपूर्ण परिवर्तन करने की सिफारिश की है। इनमें मुख्य रूप से नूतन शर्मा के विवादास्पद संवादों को हटाना, क्रेडिट में उन फ्रेमों को निकालना शामिल है जो विभिन्न व्यक्तियों को धन्यवाद देते हैं, और अन्य संवेदनशील दृश्यों में संशोधन करना शामिल है। इन बदलावों का उद्देश्य फिल्म की सामग्री को संतुलित और विवादों से मुक्त बनाना है। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि फिल्म में ऐसी सामग्री शामिल न हो जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सके।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील
Kanhaiya Lal murder case movie : इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2025 को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी समेत तीन याचिकाकर्ताओं की अर्जी पर सुनवाई करते हुए फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इस निर्णय से असहमत होकर फिल्म निर्माता कंपनी जानी फायरफॉक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अपील दायर की। निर्माताओं का तर्क है कि फिल्म का उद्देश्य घटना की सच्चाई को सामने लाना है, न कि किसी समुदाय को ठेस पहुंचाना। दूसरी ओर, आरोपी मोहम्मद जावेद ने भी कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर पाबंदी की मांग की, जिसमें दावा किया गया कि यह उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।
कन्हैयालाल हत्याकांड: एक दर्दनाक घटना की याद
Udaipur Files film release status : 28 जून 2022 को उदयपुर में कन्हैयालाल नामक एक दर्जी की मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने क्रूरता से गला काटकर हत्या कर दी थी। यह घटना उस समय सुर्खियों में रही थी, जब हत्यारों ने अपने कृत्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले की गहन जांच शुरू की और पाकिस्तान के कराची निवासी सलमान व अबू इब्राहिम को फरार घोषित किया। NIA ने गौस मोहम्मद, मोहम्मद रियाज अत्तारी सहित 11 आरोपियों—मोहसिन, आसिफ, मोहम्मद मोहसिन, वसीम अली, फरहाद मोहम्मद शेख उर्फ बबला, मोहम्मद जावेद और मुस्लिम मोहम्मद—के खिलाफ चालान पेश किया।
कानूनी कार्रवाई: UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत मामला
Udaipur tailor murder film controversy : NIA की विशेष अदालत ने 9 फरवरी 2023 को इस मामले में हत्या, आतंकी गतिविधियों, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत संज्ञान लिया। अदालत ने इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की। जांच में सामने आया कि यह साजिश लंबे समय से रची जा रही थी और इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी हो सकते हैं।
जमानत की राह: दो आरोपियों को राहत
Kanhaiyalal murder film legal issues : मामले में अब तक दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। मोहम्मद जावेद को राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 सितंबर 2024 को जमानत दी, जिस पर मोहम्मद रियाज अत्तारी के साथ साजिश रचने का आरोप था। इससे पहले, 1 सितंबर 2023 को NIA कोर्ट ने फरहाद मोहम्मद उर्फ बबला को जमानत दी थी, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था। इन जमानतों ने मामले में कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, और कई लोग इसे लेकर असंतोष जता रहे हैं।



