
Atma Panchayat Story : राजसमंद जिले में राजसमंद पंचायत समिति की आत्मा ग्राम पंचायत अपनी 100 बीघा चारागाह भूमि को पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के एक अनूठे केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह प्रयास विश्व प्रसिद्ध पिपलांत्री मॉडल की तर्ज पर किया जा रहा है, जो अपने पर्यावरण संरक्षण के नवीन तरीकों के लिए जाना जाता है।
Piplantri Model Inspired Project आत्मा ग्राम पंचायत के सरपंच मूलाराम रेबारी ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि 2020 में सरपंच बनने के बाद पंचायत ने अतिक्रमण से मुक्त कराई गई 100 बीघा चारागाह भूमि पर 5 जून 2021 को पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पर्यावरण संरक्षण नर्सरी की नींव रखी। पिछले चार वर्षों की अथक मेहनत के बाद अब यह नर्सरी धीरे-धीरे पिपलांत्री मॉडल का रूप ले रही है। यह नर्सरी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चारागाह विकास योजना और स्थानीय लोगों के सक्रिय सहयोग से विकसित की जा रही है। अब तक नर्सरी में 20,000 पौधे लगाए जा चुके हैं और भविष्य में 30, 000 और पौधे लगाने की योजना है, जिसमें फलदार पौधों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
Atma Panchayat Green Model : विशेष पहल ‘कन्या उपवन’ की शुरुआत
Atma Panchayat Green Model : इस वर्ष नर्सरी में एक विशेष पहल ‘कन्या उपवन’ की शुरुआत की गई है। सरपंच मूलाराम ने बताया कि पिपलांत्री की ही तरह, पंचायत में बालिका के जन्म पर माता-पिता को पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिसकी देखरेख पंचायत और पेड़ लगाने वाले अभिभावक संयुक्त रूप से करेंगे। 100 बीघा में फैली इस नर्सरी में ट्रैक भी बनाए गए हैं, जिससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वर्तमान में मनरेगा के 10 श्रमिक नर्सरी की देखरेख में नियमित रूप से कार्यरत हैं। यहां पर सरपंच मूलाराम रेबारी, ग्राम विकास अधिकारी जोगेंद्र प्रसाद शर्मा ने सघन पौधरोपण के कार्य में जुटे हुए है। Rajsamand Environmental Initiative



