
Udaipur criminal arrested उदयपुर पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई में 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। यह बदमाश, जिसका नाम दिलीप नाथ है, जमीन हड़पने और धमकी देने के मामले में वांछित था। खास बात यह है कि वह पुलिस से बचने के लिए महिला के वेश में छिपा हुआ था और विदेश भागने की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने बिहार से फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट (Passport) भी बनवा लिया था। इस गिरफ्तारी ने न केवल पुलिस की सतर्कता को उजागर किया, बल्कि अपराधियों के नए-नए हथकंडों को भी सामने ला दिया है।
कैसे पकड़ा गया हार्डकोर अपराधी: पुलिस की चतुर रणनीति
Udaipur News Today : उदयपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) योगेश गोयल ने इस मामले की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि दिलीप नाथ, जो नाई थाने के सीसारमा गांव का निवासी है, राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में छिपकर घूम रहा है। पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और उसकी तलाश शुरू कर दी।
टीम ने डूंगरपुर के साबला इलाके में दिलीप नाथ को एक स्कॉर्पियो गाड़ी (Scorpio) में देखा। इसके बाद पुलिस ने केवड़ा की नाल में नाकाबंदी (Blockade) कर दी और उसे धर दबोचा। इस ऑपरेशन में गोवर्धनविलास थानाधिकारी दिलीप सिंह झाला और टीड़ी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों अधिकारियों ने साबला से ही बदमाश की गाड़ी का पीछा शुरू किया और आखिरकार उसे 9 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह थी कि जब पुलिस ने उसे पकड़ा, तो वह महिला के वेश में था, ताकि उसकी पहचान छिप सके।
अपराध का पूरा मामला: जमीन हड़पने से लेकर धमकी तक
Dilip Nath arrested in female attire दिलीप नाथ एक हार्डकोर अपराधी (Hardcore Criminal) है, जिसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इस खास मामले में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बडगांव तहसील में एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उसने जबरन उससे जमीन का एग्रीमेंट (Agreement) करवाया और 35.50 लाख रुपये की वसूली कर ली। इस मामले में उसके दो साथी, नरेश वैष्णव और नरेश पालीवाल, पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन दिलीप नाथ लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन (Location) बदल रहा था।
हाईकोर्ट से हटी थी गिरफ्तारी पर रोक
Hardcore criminal disguised दिलीप नाथ ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट (High Court) में एक याचिका दायर की थी, जिसके जरिए उसने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगवा ली थी। लेकिन नाई थानाधिकारी लीलाराम की मजबूत पैरवी के चलते 6 मई 2025 को कोर्ट ने इस रोक को हटा दिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी, जिसके परिणामस्वरूप उसे पकड़ लिया गया। एसपी योगेश गोयल ने इस ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम की सराहना की और बताया कि इस टीम को डीजी डिस्क (DG Disc) से सम्मानित करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
विदेश भागने की तैयारी: फर्जी पासपोर्ट का खेल
Udaipur Police : गिरफ्तारी के बाद दिलीप नाथ से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि वह विदेश भागने की पूरी तैयारी कर चुका था। इसके लिए उसने बिहार के पटना में फर्जी दस्तावेजों (Fake Documents) के जरिए एक असली पासपोर्ट बनवा लिया था। एसपी योगेश गोयल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दिलीप नाथ उदयपुर का मूल निवासी है, लेकिन उसने पासपोर्ट आवेदन में अपना जन्मस्थान (Place of Birth) बिहार के गया जिले का बताया। इसके लिए उसने अपने आधार कार्ड (Aadhaar Card) में दर्ज मूल पता, जो उदयपुर के सीसारमा गांव का था, बदलवा लिया। उसने नया पता बिहार के गया जिले के बिकोपुर, कोठी बाजार के रूप में अपडेट करवाया। इसके बाद उसने पटना के पासपोर्ट कार्यालय (Passport Office) में तत्काल पासपोर्ट (Tatkal Passport) के लिए आवेदन किया।

आवेदन में उसने यह भी दावा किया कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला (Criminal Case) दर्ज नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि दिलीप नाथ के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में हत्या (Murder), अपहरण (Kidnapping), जमीन हड़पने (Land Grabbing), फिरौती (Ransom), और मारपीट (Assault) जैसे 35 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इस धोखाधड़ी के जरिए उसने 15 अप्रैल 2025 को पासपोर्ट हासिल कर लिया था।
फर्जी पासपोर्ट मामले में पटना में होगी कार्रवाई
एसपी ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने के इस मामले में उदयपुर पुलिस अब कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसके लिए पटना में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कराई जा रही है, ताकि इस धोखाधड़ी की गहन जांच हो सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पासपोर्ट कार्यालय में इस तरह की धोखाधड़ी कैसे हो गई और इसमें कौन-कौन शामिल थे।
पुलिस की सतर्कता और बदमाश की चालाकी
पुलिस उप अधीक्षक (DSP) सूर्यवीर सिंह ने इस ऑपरेशन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 8 मई 2025 को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने खेरवाड़ा, बिछीवाड़ा, कुशलगढ़, बांसवाड़ा, और गुजरात के शामलाजी, मोडासा, गोधरा, लिमखेड़ा, पीपलोद, दाहोद, मेघनगर, और थांदला जैसे इलाकों में तलाश शुरू की। पुलिस ने कई दिनों तक उसका पीछा किया और आखिरकार उसे उदयपुर जिले के केवड़ा की नाल में पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के समय दिलीप नाथ ने अपनी पहचान छिपाने के लिए महिला का वेश (Disguise as a Woman) धारण कर रखा था। उसने साड़ी पहनी थी और चेहरा ढकने की कोशिश की थी, ताकि कोई उसे पहचान न सके। लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने उसकी सारी चालें नाकाम कर दीं। गिरफ्तारी के बाद उसे गोवर्धन विलास थाने लाया गया और फिर कोर्ट में पेश किया गया।
दिलीप नाथ का आपराधिक इतिहास: 35 से ज्यादा मामले
दिलीप नाथ का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर है। वह लंबे समय से पुलिस की वांटेड लिस्ट (Wanted List) में था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, जमीन हड़पने, फिरौती, और मारपीट जैसे संगीन अपराधों के 35 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह अपनी गैंग के साथ मिलकर लोगों को धमकाकर उनकी जमीन हड़पने और मोटी रकम वसूलने का काम करता था। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।



