
sonam raghuwanshi : इंदौर, मध्यप्रदेश के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी नई-नवेली पत्नी सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को धूमधाम से हुई थी। शादी के ठीक 9 दिन बाद, 20 मई को यह जोड़ा अपने हनीमून (Honeymoon) के लिए मेघालय के शिलॉन्ग रवाना हुआ। मेघालय की खूबसूरत वादियों में खुशहाल पल बिताने का सपना लेकर गए इस जोड़े की कहानी जल्द ही एक दुखद और रहस्यमयी मोड़ पर पहुंच गई। 23 मई को शिलॉन्ग के पास सोहरा (चेरापूंजी) इलाके में दोनों अचानक लापता हो गए। इस घटना ने दोनों परिवारों को सदमे में डाल दिया। आज, 9 जून 2025 को सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली, लेकिन मेघालय पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि सोनम ने ही अपने पति राजा की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
मेघालय डीजीपी का चौंकाने वाला दावा
sonam raghuwanshi news : मेघालय की डीजीपी (Director General of Police) आई नोंगरांग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सोनम ने पेशेवर हत्यारों (Professional Killers) को सुपारी देकर अपने पति राजा की हत्या करवाई। डीजीपी के मुताबिक, सोनम ने इस हत्याकांड की पूरी योजना बनाई थी। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “मात्र 7 दिनों में मेघालय पुलिस ने राजा हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। तीन हमलावर, जो मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं, गिरफ्तार किए गए हैं। एक महिला ने सरेंडर किया है, और एक अन्य संदिग्ध को पकड़ने के लिए ऑपरेशन (Operation) अभी भी जारी है। मेघालय पुलिस को बधाई।” डीजीपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों हमलावरों ने कबूल किया है कि सोनम ने उन्हें इस हत्या के लिए हायर किया था।
सोनम की बरामदगी: सरेंडर या पुलिस ने पकड़ा?
ghazipur सोनम की बरामदगी को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं। गाजीपुर के एसपी (Superintendent of Police) डॉ. ईरज राजा ने बताया कि नंदगंज इलाके में रात के समय पुलिस गश्त कर रही थी। तभी काशी ढाबा पर एक महिला को बेहोशी की हालत में पाया गया। पूछताछ और जांच के बाद उसकी पहचान सोनम रघुवंशी के रूप में हुई। यह वही सोनम थी, जो अपने पति राजा के साथ शिलॉन्ग में लापता हुई थी। पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल चेकअप (Medical Checkup) करवाया। इसके बाद उसे वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre) में शिफ्ट कर दिया गया। वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए एक सहायता केंद्र है, जहां उन्हें अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता, कानूनी मदद, चिकित्सा सुविधा और परामर्श (Counseling) जैसी सेवाएं दी जाती हैं। भारत सरकार ने इन केंद्रों का नाम सखी रखा है।
दूसरी तरफ, सोनम के पिता देवी सिंह ने बताया कि रात करीब 2 बजे सोनम गाजीपुर के एक ढाबे पर पहुंची थी। उसने ढाबा मालिक से फोन मांगा और अपने भाई गोविंद को कॉल किया। गोविंद ने गाजीपुर में अपने एक परिचित को ढाबे पर भेजा, और फिर सोनम से फोन पर बात की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, और सोनम को हिरासत में लिया गया। कुछ सूत्रों के अनुसार, सोनम ने नंदगंज पुलिस स्टेशन में सरेंडर (Surrender) किया, क्योंकि उसे पता चल गया था कि उसके तीन साथी हमलावर गिरफ्तार हो चुके हैं।
ढाबा मालिक की आपबीती: सोनम की हालत थी दयनीय
raja raghuvanshi news गाजीपुर के काशी ढाबा के मालिक साहिल यादव ने इस घटना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “सोनम रात के समय ढाबे पर आई और उसने मुझसे मोबाइल मांगा। उसने अपनी फैमिली से बात की और फोन पर रोने लगी। वह काफी डरी हुई और परेशान लग रही थी।” साहिल ने आगे बताया कि ढाबे पर मौजूद एक परिवार की महिला ने सोनम को सांत्वना दी और उसे समझाने की कोशिश की। कुछ देर बाद सोनम के भाई गोविंद का फोन साहिल के मोबाइल पर आया। गोविंद ने साहिल को पुलिस को सूचित करने के लिए कहा, जिसके बाद पुलिस ने सोनम को हिरासत में ले लिया। साहिल के अनुसार, सोनम की हालत देखकर लग रहा था कि वह किसी बड़े सदमे से गुजर रही थी।
सोनम के पिता का दावा: मेरी बेटी बेगुनाह है
indore couple news सोनम के पिता देवी सिंह ने मेघालय पुलिस के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “शिलॉन्ग पुलिस झूठ बोल रही है। मेरी बेटी बेगुनाह है, और उसे इस मामले में फंसाने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ी गई है। हमारे बच्चों को ऐसी परवरिश नहीं दी गई कि वे इस तरह का कोई कदम उठा सकें। सोनम 25 साल की समझदार लड़की है, कोई 10 साल की बच्ची नहीं।” देवी सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि मेघालय पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस जांच नहीं की और अब अपनी नाकामयाबी छुपाने के लिए सोनम को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच (CBI Inquiry) की मांग की और कहा, “अगर सीबीआई जांच हुई, तो मेघालय पुलिस के कई अधिकारी जेल में होंगे।”
देवी सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “सोनम के मिलने की खुशी तो है, लेकिन राजा के चले जाने का दुख उससे कहीं ज्यादा है। हमने उसे अपने बेटे की तरह अपनाया था। इस हादसे ने हमें तोड़ दिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि शिलॉन्ग पुलिस ने इस मामले में उनके परिवार को कोई सहयोग नहीं दिया। उन्हें यह तक नहीं पता कि सोनम किस हालत में ढाबे तक पहुंची।
राजा का परिवार: मेघालय पुलिस पर भरोसा नहीं
sonam raghuwanshi latest news राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मेघालय पुलिस की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “मेघालय के मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि शिलॉन्ग पुलिस 24 घंटे काम कर रही थी, लेकिन हमें ऐसा बिल्कुल नहीं लगा। हमने एसपी को कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने हमारा कॉल तक नहीं उठाया। पिछले चार दिनों से उनसे कोई बात नहीं हुई। हमें बताया गया कि वे छुट्टी पर हैं। इतने बड़े मामले में कोई छुट्टी पर कैसे जा सकता है?” विपिन ने कहा कि मेघालय पुलिस पर अब उनका भरोसा खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर पुलिस इतनी सक्रिय थी, तो शुरुआती दिनों में कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
सोनम ने सरेंडर नहीं किया: विपिन का खुलासा
raja sonam case विपिन ने मेघालय पुलिस के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि सोनम ने सरेंडर किया है। उन्होंने बताया, “रात करीब 2 बजे सोनम के भाई गोविंद ने मुझे सूचना दी कि सोनम गाजीपुर में मिल गई है। गोविंद ने वीडियो कॉल (Video Call) के जरिए सोनम की पहचान की पुष्टि की। इसके बाद हमने यूपी पुलिस से संपर्क किया, और फिर पुलिस ने सोनम को हिरासत में लिया। उसने सरेंडर नहीं किया था।” विपिन ने यह भी कहा कि जब तक सोनम खुद इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार नहीं करती, तब तक वे उसे दोषी नहीं मानेंगे। उन्होंने बताया कि राजा और सोनम की शादी अरेंज मैरिज (Arranged Marriage) थी, और दोनों अपनी शादी से खुश थे। उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि सोनम या राजा के बीच कोई तनाव था।
हनीमून का प्लान: सोनम की जिद या साजिश?
sonam news राजा की मां संगीता ने इस मामले में एक नया पहलू सामने रखा। उन्होंने बताया कि शिलॉन्ग जाने का प्लान अचानक बना था, और घर में इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई थी। राजा ने सोनम से साफ कहा था कि वह अभी घूमने नहीं जा सकता, और अगर जाना भी होगा तो परिवार से पूछकर बाद में जाएगा। लेकिन सोनम ने अपनी जिद में टिकट बुक (Book) कर ली थी। राजा ने अपनी मां से कहा, “सोनम ने टिकट कर ली है, अब मैं क्या करूं?” संगीता ने उसे समझाया कि अगर टिकट बुक हो गई है, तो चले जाओ। राजा ने बताया कि यह 6-7 दिन का टूर (Tour) है, लेकिन उसने वापसी की टिकट नहीं बुक की थी। संगीता को अब लगता है कि शायद यह हनीमून का प्लान नहीं, बल्कि एक साजिश का हिस्सा था।
राजा की मां का दर्द: सोनम पर गहरा शक
सोनम के मिलने के बाद राजा की मां संगीता ने गहरे दुख के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “जब मुझे सोनम के मिलने की खबर मिली, तो मुझे एकदम झटका लगा। मैंने सोनम को देखा, उसके शरीर पर एक भी खरोंच नहीं थी। अगर उसे किसी ने मारा या किडनैप (Kidnap) किया होता, तो कुछ न कुछ चोट तो होती।” संगीता ने भावुक होकर कहा, “मुझे रात को नींद नहीं आती। मैं अपने बेटे की फोटो के सामने बैठती हूं और उससे कहती हूं, ‘जिसने भी तेरे साथ गलत किया, उसे ढूंढ के ला बेटा।’ मुझे लगता है कि वह मेरी बात सुनता है। जब मैं दुखी होती हूं, तो वह भी दुखी होता है। मुझे उसका एहसास होता है।” संगीता को अब सोनम पर गहरा शक है, और वे चाहती हैं कि इस मामले की गहराई से जांच हो।
शिलॉन्ग से लापता होने की पूरी कहानी
राजा और सोनम 20 मई को शिलॉन्ग के लिए रवाना हुए थे। सबसे पहले उन्होंने गुवाहाटी में मां कामाख्या के दर्शन किए, और फिर 23 मई को शिलॉन्ग पहुंचे। शुरुआत में दोनों से परिवार की बात होती रही। 22 मई को एक सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) में दोनों को शिलॉन्ग में सामान्य रूप से बात करते और अपनी स्कूटी पर सामान रखते देखा गया था। लेकिन 23 मई को वे नोंग्रीट गांव के डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज (Double Decker Living Root Bridge) घूमने गए, और उसके बाद उनका संपर्क टूट गया। 24 मई से दोनों के मोबाइल बंद हो गए, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई।
विपिन और सोनम के भाई गोविंद ने तुरंत कार्रवाई की। वे 25 मई को इंदौर से भोपाल, फिर दिल्ली, और गुवाहाटी होते हुए शिलॉन्ग पहुंचे। वहां से टैक्सी लेकर सोरा गए और तलाश शुरू की। सोरा में उन्होंने एक मोपेड किराए पर देने वाले अनिल से मुलाकात की, जिसने उन्हें उस जगह पर ले जाया जहां राजा की किराए की स्कूटी लावारिस हालत में मिली थी।
सोरा में सर्चिंग: पुलिस की लापरवाही का आरोप
सोरा थाने पहुंचने पर विपिन और गोविंद को पुलिस से कोई खास मदद नहीं मिली। विपिन ने बताया कि थाने में सिर्फ 8 पुलिसवाले थे, और उनके पास हथियार भी नहीं थे। पुलिस ने केस दर्ज करने के बजाय सिर्फ शिकायती आवेदन लिया और कहा, “और ढूंढिए, मिल जाएंगे।” अगले दिन उन्होंने होटल मैनेजर से बात की, जिसने बताया कि राजा और सोनम सुबह 5:30 बजे चेकआउट (Checkout) करके चले गए। विपिन को यह बात संदिग्ध लगी, क्योंकि नई शादी के बाद कोई कपल इतनी सुबह चेकआउट क्यों करेगा? विपिन ने कहा कि स्थानीय दुकानदारों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि सोरा में रुकना सुरक्षित नहीं है।
डबल डेकर ब्रिज की यात्रा और आखिरी बातचीत
विपिन ने बताया कि 23 मई को राजा और सोनम डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज घूमने गए थे। राजा ने एक गाइड लिया था और दोपहर 1:43 बजे आखिरी बार उनसे बात हुई थी। राजा ने बताया कि उन्होंने एक जगह कॉफी पी, लेकिन वह अच्छी नहीं लगी तो फेंक दी। फिर उन्होंने केले खाए और कहा कि अब लौट रहे हैं। लेकिन इसके बाद उनका संपर्क टूट गया। सर्चिंग के दौरान टीम को एक लाल और नीली जैकेट मिली, जिस पर खून के निशान थे। 2 जून को राजा का शव सोहरा के एक गहरे गॉर्ज (Gorge) में मिला। पास में एक हत्या का हथियार भी बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) का इंतजार है ताकि यह पता चल सके कि राजा की हत्या गॉर्ज में गिरने से पहले हुई या बाद में।

गाइड का सनसनीखेज खुलासा: तीन लोग थे साथ
शिलॉन्ग के मावलाखियात में एक गाइड अल्बर्ट पैड ने पुलिस को बताया कि 23 मई को सुबह 10 बजे उसने राजा और सोनम को नोंग्रियात से मावलाखियात के बीच तीन अन्य युवकों के साथ देखा था। अल्बर्ट ने कहा कि उसने एक दिन पहले राजा और सोनम को अपनी गाइड सर्विस ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और वानसाई नाम के गाइड को हायर किया। अल्बर्ट ने बताया कि चारों लोग हिंदी में बात कर रहे थे, लेकिन वह समझ नहीं पाया क्योंकि वह केवल खासी और अंग्रेजी जानता है। सोनम उन चारों से पीछे चल रही थी। अल्बर्ट के मुताबिक, चारों ने शिपारा होम स्टे (Homestay) में रात बिताई और अगले दिन बिना गाइड के लौट आए।
हत्या का मकसद: क्या थी वजह?
मेघालय के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (Deputy Inspector General) डेविस मारक ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या (Cold-Blooded Murder) थी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हत्या का मुख्य मकसद सोनम का एक विवाहेतर संबंध (Extramarital Affair) हो सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनम का एक अन्य व्यक्ति राज कुशवाहा के साथ संबंध था, और उसने राजा की हत्या की साजिश रची। डीजीपी नोंगरांग ने बताया कि यह हनीमून ट्रिप राजा को मारने की एक सुनियोजित योजना का हिस्सा थी।
मेघालय पुलिस की कार्रवाई: तीन गिरफ्तार, एक की तलाश
मेघालय पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो इंदौर, मध्यप्रदेश से और एक उत्तर प्रदेश के ललितपुर से पकड़ा गया। डीजीपी ने बताया कि एक अन्य संदिग्ध को पकड़ने के लिए ऑपरेशन अभी भी जारी है। पुलिस अब सोनम को मेघालय ले जाकर क्राइम सीन (Crime Scene) को रीक्रिएट करने की योजना बना रही है, ताकि हत्या की पूरी कहानी का पता लगाया जा सके।
सोरा की स्थिति: सुरक्षा का अभाव
सोरा, शिलॉन्ग से करीब 80 किलोमीटर दूर एक ग्रामीण इलाका है, जहां डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज के लिए पर्यटक जाते हैं। यहां करीब 4 हजार सीढ़ियां उतरकर होम स्टे और होटल हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न तो गार्ड हैं, न पुलिस, और न ही सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras) लगे हैं। विपिन ने बताया कि स्थानीय दुकानदारों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि सोरा में रुकना खतरे से खाली नहीं है। इस इलाके में ह्यूमन ट्रैफिकिंग (Human Trafficking) की भी खबरें सामने आती रही हैं, खासकर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास। हालांकि, इस मामले में ट्रैफिकिंग का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
परिवार की मांग: सीबीआई जांच हो
राजा और सोनम के परिवारों ने इस मामले में मेघालय पुलिस की जांच पर गहरे सवाल उठाए हैं। दोनों परिवारों ने एक स्वर में सीबीआई जांच की मांग की है। राजा के परिवार का कहना है कि मेघालय पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही बरती, जबकि सोनम के परिवार का मानना है कि पुलिस ने सोनम को फंसाने के लिए यह कहानी गढ़ी है। विपिन ने बताया कि मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव और सांसद शंकर लालवानी की मदद के बाद मेघालय पुलिस ने सर्चिंग में कुछ तेजी दिखाई, लेकिन शुरुआती दिनों की लापरवाही ने इस मामले को और उलझा दिया।
शादी का वीडियो वायरल: खुशहाल दिख रहा था जोड़ा
सोनम की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर राजा और सोनम की शादी का एक वीडियो वायरल (Viral) हो गया। इस वीडियो में दोनों की शादी की रस्में दिखाई गई हैं, जहां दोनों खुशहाल नजर आ रहे हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि यह एक अरेंज मैरिज थी, और शादी में दोनों पक्षों ने खुशी-खुशी हिस्सा लिया था। शादी के बाद दोनों के बीच किसी तरह का तनाव नहीं दिखा था। इस वीडियो ने इस मामले को और रहस्यमयी बना दिया है, क्योंकि कोई समझ नहीं पा रहा कि आखिर सोनम ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
अनसुलझे सवालों का पहाड़
यह हत्याकांड कई अनसुलझे सवालों को जन्म देता है। मेघालय पुलिस का दावा है कि सोनम ने अपने पति की हत्या की साजिश रची, लेकिन सोनम का परिवार इसे सिरे से खारिज कर रहा है। राजा का परिवार पुलिस की कार्यशैली से नाराज है और सच्चाई की गहराई तक जाने की मांग कर रहा है। सोनम की बरामदगी और तीन हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद जांच अब एक नए मोड़ पर है। क्या सोनम वाकई इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड (Mastermind) है, या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? क्या इस हत्या के पीछे विवाहेतर संबंध ही असली वजह है, या कोई और गहरा राज छुपा है? इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में जांच से ही मिल पाएगा।



