
Petrol Diesel Price Today : 9 जून 2025 की सुबह-सुबह देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट कर दी हैं। हर दिन की तरह आज भी सुबह 6 बजे तेल कंपनियों ने कीमतों को रिवाइज (Revise) किया, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद में एक बार फिर निराशा हाथ लगी। आज की कीमतें भी कल के समान ही हैं, यानी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसका मतलब साफ है कि आम जनता को फिलहाल तेल की कीमतों में किसी तरह की कमी से राहत मिलने की संभावना नहीं दिख रही। आइए, देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का ताजा हाल जानते हैं और यह भी समझते हैं कि आखिर क्यों कीमतों में बदलाव नहीं हो रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता, फिर भी घरेलू कीमतें स्थिर
Diesel rate update : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही हैं। आज की तारीख में कच्चा तेल 65 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे ट्रेड (Trade) कर रहा है। यह कीमत पिछले कुछ महीनों की तुलना में काफी कम है। इसके बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका कोई सकारात्मक असर नहीं दिख रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में तेल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ रुपये और डॉलर की विनिमय दर (Exchange Rate), केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स (Tax), और तेल कंपनियों की मार्जिन (Margin) नीतियां शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम होने के बावजूद, घरेलू स्तर पर कीमतें स्थिर रहना उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें: एक नजर
Today fuel price तेल कंपनियों ने देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपडेट किया है। नीचे दी गई सूची में आप अपने शहर के ताजा दाम देख सकते हैं। ये कीमतें प्रति लीटर के हिसाब से हैं और आज, 9 जून 2025 को प्रभावी हैं।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 103.44 | 89.97 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.85 | 92.44 |
| बेंगलुरु | 102.86 | 89.02 |
| लखनऊ | 94.65 | 87.76 |
| नोएडा | 94.87 | 88.01 |
| गुरुग्राम | 95.19 | 88.05 |
| चंडीगढ़ | 94.24 | 82.40 |
| पटना | 105.18 | 92.04 |
| जयपुर | 105.40 | 90.82 |
| उदयपुर | 105.67 | 91.07 |
| राजसमंद | 105.59 | 91.00 |
इन कीमतों से साफ है कि अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी अंतर है। उदाहरण के लिए, जहां दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर है, वहीं पटना में यह 105.18 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसी तरह, डीजल की कीमतें भी चंडीगढ़ में 82.40 रुपये प्रति लीटर से लेकर पटना में 92.04 रुपये प्रति लीटर तक हैं। इस अंतर की मुख्य वजह हर राज्य में लगने वाला वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) और स्थानीय टैक्स (Local Tax) है, जो अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होता है।
आखिरी बार कब घटी थीं कीमतें?
Crude oil vs petrol price : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार कमी पिछले साल 15 मार्च 2024 को देखने को मिली थी। उस समय केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) से पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इस कटौती का मकसद आम जनता को राहत देना और उपभोक्ताओं का विश्वास जीतना था। हालांकि, इसके बाद से कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। 22 मई 2022 के बाद से तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं किया है, जिसके चलते उपभोक्ता लगातार राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
तेल कंपनियां और कीमत निर्धारण की प्रक्रिया
Why petrol price not reduced : देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (Oil Marketing Companies – OMCs) तय करती हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (Hindustan Petroleum Corporation), और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (Bharat Petroleum Corporation Limited)। ये कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे अपनी वेबसाइट पर नई कीमतें अपडेट करती हैं। यह प्रक्रिया डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग (Dynamic Fuel Pricing) के तहत होती है, जिसे जून 2017 में लागू किया गया था। इस सिस्टम का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को भी कीमतों में शामिल करना है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
हालांकि, पिछले कुछ समय से कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कंपनियां अपने नुकसान की भरपाई करने और मार्जिन को संतुलित करने के लिए कीमतों में बदलाव नहीं कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भले ही कम हों, लेकिन रुपये की कमजोरी, टैक्स की ऊंची दरें, और कंपनियों की वित्तीय रणनीति इसके पीछे मुख्य कारण हो सकते हैं।
घर बैठे कैसे चेक करें तेल के दाम?
Indian Oil fuel rates today : अगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें जानना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कई आसान तरीके उपलब्ध कराए हैं। आप घर बैठे इन तरीकों से कीमतें चेक (Check) कर सकते हैं:
- वेबसाइट के जरिए: आप इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, या भारत पेट्रोलियम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने शहर की कीमतें देख सकते हैं। इन वेबसाइट्स पर हर दिन कीमतें अपडेट की जाती हैं।
- SMS सर्विस: तेल कंपनियों ने SMS के जरिए कीमतें चेक करने की सुविधा भी दी है। अगर आप इंडियन ऑयल के कस्टमर (Customer) हैं, तो अपने शहर का कोड और “RSP” लिखकर 9224992249 नंबर पर SMS भेज सकते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली के लिए कोड 102 है, तो आपको “RSP 102” लिखकर भेजना होगा। इसी तरह, BPCL के कस्टमर “RSP” लिखकर 9223112222 पर SMS भेज सकते हैं।
- मोबाइल ऐप: तेल कंपनियां अपने मोबाइल ऐप (Mobile App) के जरिए भी कीमतें उपलब्ध कराती हैं। आप इंडियन ऑयल का “Fuel@IOC” ऐप डाउनलोड करके ताजा कीमतें देख सकते हैं।
कीमतें स्थिर रहने का उपभोक्ताओं पर प्रभाव
पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहने का असर सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर पड़ता है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है। पेट्रोल और डीजल के दाम सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत को प्रभावित करते हैं। कीमतें कम न होने से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट (Transport Cost) में कमी नहीं आती, जिसका असर सब्जियों, अनाज, और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ता है। इससे महंगाई (Inflation) का दबाव बढ़ता है, और आम आदमी का बजट (Budget) प्रभावित होता है।
वहीं, ट्रांसपोर्ट सेक्टर (Transport Sector) से जुड़े लोगों, जैसे टैक्सी ड्राइवर, ऑटो चालक, और माल ढुलाई करने वालों के लिए भी यह एक चुनौती है। कीमतें कम न होने से उनकी कमाई पर असर पड़ता है, क्योंकि उनकी लागत बढ़ जाती है, लेकिन किराया उतना ही रहता है। कई ड्राइवरों ने बताया कि वे उम्मीद कर रहे थे कि कच्चा तेल सस्ता होने से उन्हें कुछ राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
भविष्य में राहत की संभावना?
फिलहाल, विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती की संभावना कम है। इसका कारण यह है कि तेल कंपनियां अपने पुराने नुकसान की भरपाई करने में लगी हैं। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स से होने वाली आय पर निर्भर हैं, जिसके चलते टैक्स में कमी की संभावना भी कम है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और कम होती हैं, और रुपये की स्थिति मजबूत होती है, तो भविष्य में कुछ राहत मिल सकती है।



