
Sohni Devi murder case : राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मण्डावर की डूंगातो की गुआर में रहने वाली सोहनी देवी पत्नी शेर सिंह की 31 मई 2025 को निर्मम हत्या का पुलिस द्वारा खुलासा करने के बाद नया अपडेट आया है। पुलिस हत्या के मामले में दो नाबालिग को निरुद्ध कर बाल सम्प्रेषण गृह भेज दिया था। उसके बाद क्षेत्रीय लोग इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करने लगे। इस पर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी द्वारा जांच अधिकारी बदल दिया।
पुलिस के अनुसार 70 वर्षीय सोहनीदेवी की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच के बाद दो नाबालिग बेटियों को निरुद्ध किया। फिर उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से बाल सम्प्रेषण गृह भेज दिया। इस दौरान दोनों नाबालिगों ने कबूल किया कि उनके द्वारा ही महिला की हत्या की गई। फिर वे काफी डर गई थी। इसलिए बाड़े में महिला के शव को जला दिया। घटना के बाद देवगढ़ थाना पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दो बहनों को नामजद करते हुए हत्या का खुलासा कर दिया। उसके बाद भी मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। इस पर बड़ी तादाद में रावत समाज के लोग और ग्रामवासी मंडावर गांव में एकत्रित हुए। फिर तय किया कि जल्द ही पुलिस इस प्रकरण की जांच निष्पक्ष नहीं करती है, तो ग्रामवासी राजसमंद जिला मुख्यालय पर पड़ृाव डालेंगे और आक्रोश व्यक्त किया गया।
मण्डावर और आसपास के चौबीस गांव क्षेत्र के लोगों का मानना है कि दो नाबालिग लड़कियां इतने जघन्य अपराध को अंजाम नहीं दे सकतीं। ग्रामीणों ने आरोप था कि हत्या के मामले में अन्य किसी व्यक्ति का भी हाथ हो सकता है। इसलिए पुलिस इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करें। ग्रामीणों का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ा अपराधी है, जिसका खुलासा करने की जरूरत है, तभी आने वाले समय में इस तरह का कृत्य कोई नहीं करेगा।
महापंचायत का आयोजन
Mandawar murder of woman हत्याकांड के बाद मण्डावर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसमाज और चौबीस गांव क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस महापंचायत में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। महिलाओं ने विशेष रूप से पुलिस पर निष्पक्ष जांच करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और वास्तविक अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
महापंचायत में मण्डावर सरपंच प्यारी कुमारी, उप सरपंच सुभाष सिंह, भीम उप प्रधान, चौबीस गांव अध्यक्ष नारायण सिंह, पूर्व अध्यक्ष ज्ञान सिंह, ठिकरवास सरपंच भीम सिंह, लूम्ब सिंह, लाल सिंह, मकन सिंह, मोहन सिंह, पूरन सिंह, भंवर सिंह, नेनु सिंह लसानी, गणेश सिंह, मदन सिंह, घीसा सिंह, टिल सिंह, भगवान सिंह, प्रताप सिंह, जसवंत सिंह, चुन्ना सिंह चौहान, मूल सिंह, गोकुल सिंह, वीरद सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुष समाजबंधु मौजूद थे। इस सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कलेक्ट्री घेराव की घोषणा और जांच अधिकारी में बदलाव
Two minor girls accused महापंचायत के बाद ग्रामीणों ने सोमवार, 9 जून 2025 को राजसमंद जिला कलेक्ट्री (Collectorate) का घेराव करने की घोषणा कर दी। इस घोषणा के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच अधिकारी को बदल दिया गया। पहले यह जांच देवगढ़ थाना अधिकारी अनिल बिश्नोई के पास थी, लेकिन ग्रामीणों के दबाव और आंदोलन की घोषणा के बाद राजसमंद पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष त्रिपाठी ने इस मामले को अपने सुपरविजन (Supervision) में ले लिया। जांच की जिम्मेदारी अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) महेंद्र पारीक को सौंप दी गई है।
महेंद्र पारीक ने जांच शुरू करने के बाद मण्डावर गांव का दौरा किया। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और ग्रामीणों से इस मामले पर विस्तार से बातचीत की। पारीक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करेंगे और वास्तविक हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दिलवाएंगे। ग्रामीणों ने भी पारीक को पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर जांच में कोई ढील बरती गई, तो वे फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।
कलेक्ट्री घेराव स्थगित
Rajsamand murder case : जांच अधिकारी बदलने और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक के मण्डावर पहुंचकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने सोमवार को होने वाले राजसमंद कलेक्ट्री घेराव को स्थगित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे पारीक की जांच पर नजर रखेंगे और उसके नतीजों के आधार पर अपनी अगली रणनीति तय करेंगे।

विधायक प्रतिनिधि और पूर्व विधायक ने की मुलाकात
सोहनी देवी हत्याकांड के बाद शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए भीम विधायक हरि सिंह रावत के प्रतिनिधि रणजीत सिंह मण्डावर पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। रणजीत सिंह ने पुलिस प्रशासन से भी बात की और इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके साथ दिवेर मंडल अध्यक्ष यशवंत सिंह, कैलाश गर्ग, महेंद्र सिंह, किशोर सिंह, और नारायण सिंह भी मौजूद थे।
इसी तरह, भीम के पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत भी मण्डावर पहुंचे और सोहनी देवी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उनके साथ मंडल अध्यक्ष मदन सिंह, प्रभु दयाल नागर, और लाल सिंह भी थे। दोनों नेताओं ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों का सवाल: क्या नाबालिग लड़कियां कर सकती हैं हत्या?
Villagers protest Sohni Devi murder : पुलिस की प्रारंभिक जांच में दो नाबालिग लड़कियों को हत्याकांड का आरोपी बनाए जाने पर ग्रामीणों ने गहरे सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि 12 और 17 साल की नाबालिग लड़कियां इतने जघन्य अपराध को अंजाम नहीं दे सकतीं। ग्रामीणों का मानना है कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ा अपराधी है, जिसे पुलिस जानबूझकर बचा रही है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस हत्याकांड का ताल्लुक अवैध शराब के कारोबार (Illegal Liquor Trade) से हो सकता है, क्योंकि क्षेत्र में शराब माफिया (Liquor Mafia) सक्रिय हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि इस मामले की जांच में इस पहलू को भी शामिल किया जाए।



