
Petrol Diesel Price Today : देशभर में पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में एक बार फिर से कमी देखने को मिली है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार की सुबह ताजा रेट्स जारी किए, जिसमें कई शहरों में ईंधन के दामों में कटौती की गई है। हालांकि, वैश्विक बाजार (Global Market) में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें फिर से 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। इस कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिली है, खासकर उन शहरों में जहां तेल की कीमतें हाल के दिनों में ज्यादा थीं।
तेल के दामों में कमी
Diesel rate today : सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू कीं। इस बार ज्यादातर शहरों में तेल सस्ता हुआ है, जिससे वाहन चालकों और आम जनता को राहत मिली है। हालांकि, देश के चार प्रमुख महानगरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन शहरों में तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। यह कटौती ऐसे समय में आई है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले (नोएडा) में पेट्रोल की कीमत में 15 पैसे की कमी आई है, और अब यह 94.66 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, डीजल भी 18 पैसे सस्ता होकर 87.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है। गाजियाबाद में भी राहत देखने को मिली है, जहां पेट्रोल 12 पैसे सस्ता होकर 94.53 रुपये प्रति लीटर और डीजल 14 पैसे की कटौती के साथ 87.61 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। हरियाणा के गुरुग्राम में भी कीमतों में कमी आई है। यहां पेट्रोल 14 पैसे सस्ता होकर 94.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल भी 14 पैसे की गिरावट के साथ 87.83 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की स्थिति
Fuel price cut : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के 24 घंटों में उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत बढ़कर 67.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि डब्ल्यूटीआई (WTI) भी बढ़त के साथ 65.45 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। यह बढ़ोतरी कई कारणों से हुई है, जिसमें मांग और आपूर्ति (Demand-Supply) की स्थिति, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और ओपेक+ (OPEC+) देशों के उत्पादन निर्णय शामिल हैं। हालांकि, भारत में तेल कंपनियों ने अभी इस बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं पर नहीं डाला है और कीमतों में कटौती का फैसला लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में भारत में भी तेल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें
Today fuel price तेल कंपनियों ने देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपडेट किया है। नीचे दी गई सूची में आप अपने शहर के ताजा दाम देख सकते हैं। ये कीमतें प्रति लीटर के हिसाब से हैं और आज, 9 जून 2025 को प्रभावी हैं।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 103.44 | 89.97 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.85 | 92.44 |
| बेंगलुरु | 102.86 | 89.02 |
| लखनऊ | 94.65 | 87.76 |
| नोएडा | 94.87 | 88.01 |
| गुरुग्राम | 95.19 | 88.05 |
| चंडीगढ़ | 94.24 | 82.40 |
| पटना | 105.18 | 92.04 |
| जयपुर | 105.40 | 90.82 |
| उदयपुर | 105.67 | 91.07 |
| राजसमंद | 105.59 | 91.00 |
इन शहरों में बदले रेट
Why petrol prices are falling कई शहरों में तेल की कीमतों में कटौती देखी गई है, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। इनमें शामिल हैं:
- गाजियाबाद: पेट्रोल की कीमत 94.53 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.61 रुपये प्रति लीटर।
- नोएडा: पेट्रोल 94.66 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.76 रुपये प्रति लीटर।
- गुरुग्राम: पेट्रोल 94.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.83 रुपये प्रति लीटर।
इन शहरों में कीमतों में कमी का असर परिवहन और दैनिक खर्चों पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है। खासकर उन लोगों को फायदा होगा, जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं या जिनके व्यवसाय में वाहनों का उपयोग ज्यादा होता है।
कीमतें तय करने की प्रक्रिया
Petrol diesel latest update : पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। यह प्रक्रिया जून 2017 से लागू है, जिसे डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग (Dynamic Fuel Pricing) कहा जाता है। इस सिस्टम के तहत, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर (Rupee-Dollar Exchange Rate) में होने वाले बदलावों को तुरंत कीमतों में समायोजित किया जाता है। पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत में कई घटक शामिल होते हैं, जैसे:
- एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty): केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया कर।
- वैल्यू एडेड टैक्स (VAT): राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला कर, जो हर राज्य में अलग-अलग होता है।
- डीलर कमीशन (Dealer Commission): तेल वितरकों को दिया जाने वाला शुल्क।
- अन्य शुल्क: परिवहन लागत और अन्य प्रशासनिक शुल्क।
इन सभी को जोड़ने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत मूल लागत से लगभग दोगुनी हो जाती है। यही वजह है कि भारत में तेल की कीमतें अन्य देशों की तुलना में ज्यादा रहती हैं।
इस कटौती का असर
Today’s fuel price drop reason : तेल की कीमतों में यह कटौती कई क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। परिवहन लागत में कमी से माल ढुलाई (Freight Charges) सस्ती हो सकती है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा, कम खर्च के कारण लोगों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति (Purchasing Power) में वृद्धि होगी। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर जल्द ही भारत में भी देखने को मिल सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जैसे भू-राजनीतिक तनाव, ओपेक+ के उत्पादन निर्णय, और मांग-आपूर्ति की स्थिति। अगर ये कीमतें लंबे समय तक 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं, तो भारत में भी तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, सरकार और तेल कंपनियां इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में सरकार ने कई बार एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके उपभोक्ताओं को राहत दी है।



