
Jackal attack : राजसमंद जिले में कुंवारिया कस्बे के नजदीक स्थित फियावड़ी गांव की भील बस्ती में एक सियार ने घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बच्चे को बचाने की कोशिश में एक बुजुर्ग भी सियार का शिकार बन गए। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया और लोगों में डर का माहौल फैल गया। ग्रामीण अब जंगली जानवरों से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
फियावड़ी गांव की भील बस्ती में रहने वाले पप्पूलाल सेन ने इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 साल का मासूम जितरमल अपने घर के बाहर चबूतरे पर खेल रहा था। दोपहर का समय था और गांव में शांति थी। तभी अचानक मोहल्ले की ओर से एक सियार तेजी से दौड़ता हुआ आया और उसने जितरमल पर हमला बोल दिया। सियार ने बच्चे के सिर और पैर पर अपने तेज दांतों से कई जगह काट लिया, जिससे बच्चा दर्द से चीखने-चिल्लाने लगा। उसकी चीखें सुनकर आसपास के लोग सहम गए।
बुजुर्ग ने दिखाया साहस, लेकिन बन गए शिकार
Jackal bites child and elderly in village जितरमल की चीख सुनकर पास में खड़े बुजुर्ग वरदाराम भील तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े। उन्होंने सियार को भगाने की कोशिश की, लेकिन सियार ने उल्टा उन पर हमला कर दिया। सियार ने वरदाराम के गाल और पैर पर गहरे जख्म कर दिए। इस हमले में दोनों ही बुरी तरह घायल हो गए। वरदाराम ने बताया कि सियार इतना आक्रामक था कि उनकी कोशिशों के बावजूद सियार ने दोनों को जख्मी कर दिया।
इस घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चे और बुजुर्ग की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिजनों और पड़ोसियों ने तुरंत दोनों घायलों को उठाया और इलाज के लिए राजसमंद के आरके अस्पताल (RK Hospital) ले गए। अस्पताल में दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के सिर और पैर पर गहरे जख्म हैं, जबकि बुजुर्ग के गाल और पैर पर भी काटने के निशान हैं। दोनों को एंटी-रैबीज इंजेक्शन (Anti-Rabies Injection) दिए गए हैं और उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
सियार को पकड़ने की कोशिश नाकाम
Rajsamand jackal attack घटना के बाद गांव के कुछ युवाओं ने सियार को पकड़ने की कोशिश की। उन्होंने सियार का पीछा किया और उसे घेरने की रणनीति बनाई, लेकिन सियार बेहद तेजी से जंगल की ओर भाग निकला। ग्रामीणों ने बताया कि सियार संभवतः पास के जंगल से भटककर गांव में आ गया था। इस घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
जितरमल का ननिहाल में रहना
Jackal attack news पप्पूलाल सेन ने बताया कि जितरमल लंबे समय से अपने ननिहाल में रह रहा है। वह अपने माता-पिता के साथ नहीं, बल्कि ननिहाल में अपनी दादी-नाना के साथ रहता है। जितरमल की मासूमियत और खेलने की आदत ने उसे इस घटना का शिकार बना दिया। गांव वाले अब बच्चों को घर के बाहर अकेले खेलने से रोक रहे हैं और रात के समय घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों में बढ़ा डर, वन विभाग से मांग
फियावड़ी गांव के लोग इस घटना से बेहद डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सियार ने गांव में हमला किया हो। पहले भी कई बार जंगली जानवर गांव में घुसकर मवेशियों और लोगों पर हमला कर चुके हैं। गांव के पास जंगल होने के कारण जंगली जानवर अक्सर बस्ती की ओर आ जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि सियार को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और गांव की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।



