
Rain Alert : राजस्थान इस बार मानसून ने समय से पहले धमाकेदार एंट्री कर ली है। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा की। मानसून की दस्तक के साथ ही राज्य के कई इलाकों में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इस बार 7 दिन पहले ही मानसून आ गया। इसके साथ ही गुरुवार यानि 19 जून को प्रदेश के 27 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का Yellow Alert जारी किया है, जिसमें से 5 जिलों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 4 दिन तक दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहेगा।
Monsoon entry in Rajasthan : राजसमंद, उदयपुर, जयपुर, कोटा सहित कई जिलों में बुधवार को रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। सिरोही में सुबह से ही लगभग चार घंटे तक लगातार बारिश हुई, जिससे जलभराव की स्थिति बन गई। सीकर में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते कुछ सड़कों पर पानी भर गया। वहीं उदयपुर, कोटा, पाली और सवाई माधोपुर में भी अच्छी बरसात हुई। सुबह से शाम तक बादल व सूरज के बीच लुकाछीपी का खेल चलता रहा। रूक रूक कर दिनभर रिमझिम से तेज बारिश का दौर चलत रहा। इस बार मानसून ने अपेक्षित समय से एक सप्ताह पहले एंट्री की है और पहले ही दिन में प्रदेश का 50% से अधिक क्षेत्र इसके प्रभाव में आ गया। इसकी शुरुआत प्रदेश के दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों से हुई है।
Heavy Rain alert : राजस्थान में मानसून की जोरदार शुरुआत ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दी है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि आने वाले कुछ दिन लगातार बारिश की स्थिति बनी रहेगी, खासतौर पर दक्षिणी और पूर्वी जिलों में। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में अभी भी गर्मी का कहर जारी है, लेकिन उम्मीद है कि मानसून वहां भी जल्द पहुंचेगा।
झमाझम बारिश का दौर हो गया शुरू, देखिए
Rain in Udaipur : उदयपुर और जोधपुर संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। जयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में बादलों ने डेरा डाले रखा, लेकिन हल्की बारिश ही देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर जैसलमेर, बीकानेर और फलोदी जैसे इलाकों में गर्मी की तीव्रता बनी रही।
- चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद, पाली, जोधपुर, सिरोही, प्रतापगढ़ और कोटा के कई हिस्सों में 2 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- बारिश से खेतों और बाग-बगीचों को फायदा हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है।
- पाली जिले में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। पाली शहर में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली।
- तखतगढ़, देसूरी, रानी और आसपास के गांवों में शाम 4 बजे के बाद अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं, सोजत क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी रही।

पश्चिमी राजस्थान में अब भी बरकरार है गर्मी
Mosam : जहां एक ओर दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम अभी भी ड्राई (सूखा) बना हुआ है। यहां तापमान एक बार फिर बढ़ने लगा है। इधर, जैसलमेर में अधिकतम तापमान 43.1°C रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक रहा। बीकानेर, श्रीगंगानगर, फलोदी और बाड़मेर में भी पारा 40°C से ऊपर रहा, जिससे गर्मी ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
पिछले 10 सालों में मानसून की एंट्री का समय
| साल | मानसून की एंट्री की तारीख |
|---|---|
| 2024 | 25 जून |
| 2023 | 25 जून |
| 2022 | 30 जून |
| 2021 | 18 जून |
| 2020 | 24 जून |
| 2019 | 3 जुलाई |
| 2018 | 27 जून |
| 2017 | 26 जून |
| 2016 | 2 जुलाई |
| 2015 | 24 जून |
पहले ही दिन आधा राजस्थान भीगा
Rajasthan ka Mosam : राजस्थान में इस साल मानसून ने तय समय से पूरे 7 दिन पहले दस्तक दे दी है। आमतौर पर मानसून की एंट्री 25 जून के आसपास होती है, लेकिन इस बार 19 जून को ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई। पहले ही दिन मानसून ने राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से को कवर कर लिया है, जिससे प्रदेशभर में बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बार मानसून ने न केवल समय से पहले दस्तक दी है, बल्कि पूरे राजस्थान में बारिश का जबरदस्त आगाज हुआ है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही रहा, तो यह सीजन भी पिछले साल की तरह रिकॉर्डतोड़ बारिश लेकर आ सकता है।

इन जिलों में पहुंचा मानसून?
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार मानसून की बारिश उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, पाली, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बारां, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर, अजमेर, जोधपुर, करौली और धौलपुर के कुछ हिस्सों में हो रही है।
अब तक 34.6 मिमी बारिश, औसत से 63% ज्यादा
मौसम केंद्र निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक 1 से 17 जून के बीच प्रदेश में 34.6 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 63% अधिक है। अगले 5-7 दिनों तक खासकर उदयपुर और कोटा संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
राजस्थान के प्रमुख बांधों की स्थिति
| बांध का नाम | फुल लेवल (आरएल मीटर) | वर्तमान लेवल (आरएल मीटर) | कितना भरा (%) |
|---|---|---|---|
| राणा प्रताप सागर | 352.81 | 352.17 | 95.62% |
| कोटा बैराज | 260.30 | 259.89 | 97.58% |
| जवाहर सागर | 298.70 | 298.22 | 93.36% |
| माही बजाज | 281.50 | 269.15 | 40.12% |
| हारो बांध | 6.40 | 2.75 | 17.11% |
| बीसलपुर बांध | 315.50 | 312.45 | 54.04% |
| गाल्टा बांध | 6.10 | 3.78 | 38.33% |
| टोंटी सागर | 9.15 | 6.25 | 34.37% |
| मोरल बांध | 262.43 | 7.47 | 69.99% |
| पार्वती बांध | 223.41 | 217.80 | 38.05% |
| गुड्डा बांध | 10.52 | 6.55 | 44.68% |
| छापरवाड़ा | 5.18 | 1.27 | 7.01% |
| जवाई बांध | 18.67 | 6.09 | 16.47% |
| सरदार समंद | 7.62 | 4.96 | 24.25% |
| मेजा बांध | 9.14 | 2.86 | 6.45% |
| सौमकमला अम्बा | 13.00 | 7.25 | 37.66% |
| राजसमंद | 9.15 | 4.62 | 40.47% |
| जयसमंद | 8.38 | 2.36 | 42.23% |
| जाखम बांध | 31.00 | 14.90 | 23.91% |
पिछले साल रिकॉर्ड बारिश, इस बार भी उम्मीद
Weather Update : राजस्थान में मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर) के दौरान औसतन 435 मिमी बारिश होती है। लेकिन पिछले साल 2024 में पूरे प्रदेश में औसत से 56% ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। यह पिछले 10 वर्षों में सबसे ज्यादा रहा। इस साल भी मौसम विभाग ने औसत से अधिक बारिश का अनुमान जताया है।
2024 में राजधानी जयपुर में सामान्य बारिश 524.3 मिमी की तुलना में 986.6 मिमी बारिश हुई, जो 88% ज्यादा थी। दौसा में यह अंतर और ज्यादा रहा—औसतन 594.5 मिमी के मुकाबले 1409.4 मिमी, यानी 137% ज्यादा बारिश। सीकर, अलवर और झुंझुनूं में भी औसत से क्रमशः 54%, 73% और 35% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

झालावाड़ में औसत से थोड़ी कम बारिश
कोटा संभाग के चार जिलों—कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़—में से केवल झालावाड़ में औसत से थोड़ी कम, यानी 3% कम बारिश हुई। यहां सामान्यतः 884.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन पिछले साल सिर्फ 853.9 मिमी दर्ज हुई।
बाकी जिलों में कोटा (23%), बूंदी (63%) और बारां (30%) में औसत से ज्यादा बारिश हुई थी।
भरतपुर संभाग में जबरदस्त बारिश
भरतपुर संभाग के जिलों में 70% से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। भरतपुर में 543.3 मिमी औसत के मुकाबले 925.4 मिमी, धौलपुर में 1211.8 मिमी (107% ज्यादा), करौली में 1245.8 मिमी (109% ज्यादा) और सवाई माधोपुर में 1285.6 मिमी (94% ज्यादा) बारिश दर्ज हुई।
उदयपुर संभाग में संतुलित बारिश
उदयपुर संभाग में बारिश लगभग औसत के आसपास रही।
- उदयपुर में 698.3 मिमी (औसत 617.7 मिमी)
- चित्तौड़गढ़ में 817.8 मिमी
- प्रतापगढ़ में 1100.7 मिमी
- डूंगरपुर में 774 मिमी
- बांसवाड़ा में 1043.4 मिमी बारिश हुई।
टोंक में बाढ़, बीसलपुर बांध के खुले गेट
अजमेर संभाग के जिलों—टोंक, भीलवाड़ा और अजमेर—में जबरदस्त बारिश हुई। टोंक में हालात इतने बिगड़े कि बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। बीसलपुर बांध फुल होने के कारण उसके गेट खोलने पड़े।
- अजमेर में 819.6 मिमी (औसत 458.3 मिमी)
- टोंक में 1115.6 मिमी (97% ज्यादा)
- भीलवाड़ा में 854.8 मिमी (41% ज्यादा)
- नागौर में 656.5 मिमी (78% ज्यादा)
जैसलमेर में डेढ़ गुना, जोधपुर में भी अच्छा मानसून
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून ने अपना असर दिखाया।
- जैसलमेर में 176.9 मिमी औसत के मुकाबले 438.2 मिमी बारिश हुई, जो 148% ज्यादा रही।
- जोधपुर में 292.6 मिमी औसत के मुकाबले 507.6 मिमी (73% ज्यादा)।
- पाली (59%), बाड़मेर (65%), जालोर (13%) और सिरोही (6%) में भी औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।

बीकानेर संभाग में भी बेहतर रहा मानसून
बीकानेर संभाग के जिलों में भी मानसून का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
- बीकानेर: 423.3 मिमी (औसत 247 मिमी, 71% ज्यादा)
- चूरू: 536.3 मिमी (61% ज्यादा)
- गंगानगर: 314.1 मिमी (53% ज्यादा)
- हनुमानगढ़: 328.4 मिमी (29% ज्यादा)
यह रहा आपके द्वारा भेजी गई छवि का डेटा टेबल फॉर्मेट में टेक्स्ट के रूप में:
पिछले 10 साल में मानसून में हुई बारिश
| साल | वास्तविक बारिश (MM) | औसत बारिश (MM) | ज्यादा/कम (प्रतिशत में) |
|---|---|---|---|
| 2024 | 678.4 | 435.6 | 56% ज्यादा |
| 2023 | 499.7 | 435.6 | 15% ज्यादा |
| 2022 | 595.9 | 435.6 | 37% ज्यादा |
| 2021 | 485.3 | 415 | 17% ज्यादा |
| 2020 | 449.8 | 415 | 8% ज्यादा |
| 2019 | 583.6 | 415 | 41% ज्यादा |
| 2018 | 393.3 | 419 | 6% कम |
| 2017 | 454.9 | 419 | 9% ज्यादा |
| 2016 | 536.4 | 419 | 28% ज्यादा |
| 2015 | 457 | 419 | 9% ज्यादा |
