
Nirmal Choudhary police custody राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना ने सबको हिला कर रख दिया। राजस्थान विश्वविद्यालय के परिसर में परीक्षा देने गए संगड़िया (हनुमानगढ़) के विधायक अभिमन्यु पूनिया और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी को पुलिस ने अचानक हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब दोनों नेता परीक्षा कक्ष में व्यस्त थे। कैंपस में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात था, और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। दोनों को परीक्षा कक्ष से बाहर निकालकर तुरंत पुलिस वैन में बैठाया गया, जिससे परिसर में हंगामा और तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं ने वीडियो और पोस्ट साझा कर पुलिस की इस कार्रवाई को “गुंडागर्दी” करार दिया।
राजस्थान विश्वविद्यालय में शनिवार सुबह छात्रों की परीक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान दर्शन शास्त्र के चौथे सेमेस्टर का पेपर देने पहुंचे निर्मल चौधरी और विधायक अभिमन्यु पूनिया को पुलिस ने निशाना बनाया। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में कैंपस में घुसे और बिना किसी पूर्व सूचना के दोनों नेताओं को परीक्षा कक्ष से उठाकर ले गए। इस दौरान कैंपस में मौजूद छात्रों और शिक्षकों ने इसका विरोध किया, जिससे माहौल और गर्म हो गया। पुलिस ने तुरंत दोनों को गांधी नगर थाने ले जाया, लेकिन बाद में विधायक अभिमन्यु को मोती डूंगरी थाने और निर्मल चौधरी को मालवीय नगर थाने शिफ्ट कर दिया गया।
निर्मल चौधरी ने आरोप लगाया कि सुबह से ही जयपुर पुलिस उनके पीछे सादे कपड़ों में नजर आ रही थी। उन्होंने कहा, “मैं शांतिपूर्वक परीक्षा देने गया था, लेकिन सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों ने मुझे और विधायक जी को जबरन उठा लिया। यह लोकतंत्र पर हमला है।” दूसरी ओर, अभिमन्यु पूनिया ने भी इस कार्रवाई को “कायरतापूर्ण” बताया और कहा कि पुलिस ने बिना वर्दी के ऐसा करना अपनी कमजोरी दिखाई है। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जनता से इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
पुलिस की तैयारी और कार्रवाई का कारण
Jaipur police action university campus पुलिस की ओर से इस कार्रवाई के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई छात्र राजनीति के दौरान दर्ज हुए पुराने मामले से जुड़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का केस दर्ज हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने यह कदम उठाया। कैंपस में सुबह से ही पुलिस का भारी जाब्ता तैनात था, जो इस बात का संकेत देता है कि कार्रवाई पहले से प्लान की गई थी। हालांकि, डीसीपी और एडिशनल डीसीपी के फोन कॉल्स का जवाब नहीं मिलने से स्थिति और अस्पष्ट हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कुछ समय बाद स्थिति साफ हो जाएगी, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
कैंपस में हंगामे का माहौल
MLA Abhimanyu Poonia Nirmal Choudhary news जैसे ही पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया, कैंपस में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कई छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस की इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण करार दिया। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उचित कारण के नेताओं को उठाया, जो शिक्षा के मंदिर में अनुचित हस्तक्षेप है। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें पुलिस की वैन में दोनों नेताओं को ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। छात्रों का कहना है कि अगर जल्द ही दोनों को रिहा नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
नेताओं की प्रतिक्रिया और जनता का रोष
Rajasthan University News : विधायक अभिमन्यु पूनिया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर से मुझे और भाई निर्मल चौधरी को गिरफ्तार कर पुलिस ने कायरता का परिचय दिया है। क्या अब भाजपा के इस क्रूर शासन में आम आदमी की आवाज उठाना अपराध हो गया है? हम इस अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे।” उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, और कई यूजर्स ने सरकार और पुलिस की आलोचना की। निर्मल चौधरी ने भी वीडियो में कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है और वे चुप नहीं बैठेंगे।
जनता में भी इस घटना को लेकर रोष है। कई लोग इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि पुलिस ने बिना उचित प्रक्रिया के कार्रवाई की। सोशल मीडिया पर #JusticeForAbhimanyu और #ReleaseNirmal जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं, जो इस घटना के प्रति बढ़ते आक्रोश को दर्शाते हैं।
पुलिस और प्रशासन की स्थिति
पुलिस की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। गांधी नगर थाने में दोनों नेताओं को लाने के बाद उन्हें अलग-अलग थानों में शिफ्ट करने की खबर ने सवालों को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस तरह की कार्रवाई से विश्वविद्यालय का माहौल खराब हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका कहना है कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही जानकारी दी जाएगी। दूसरी ओर, कैंपस के आसपास पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।



