
Lawrence gang member arrested : राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक सनसनीखेज खुलासे के साथ एक पूर्व कमांडो को गिरफ्तार किया है, जो गैंगस्टर आनंदपाल सिंह और लॉरेंस गैंग के लिए काम कर रहा था। इस व्यक्ति को पुलिस सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा था और वह गैंग के लिए संवेदनशील जानकारी जुटाने में लगा हुआ था। खासकर, वह व्यापारियों के मोबाइल नंबर गैंगस्टरों को सौंपता था, जिसके बाद ये अपराधी उन्हें धमकाकर फिरौती वसूलते थे। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रवीण सिंह जोड़ी (43) पुत्र भगवान सिंह के खिलाफ चूरू पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था, जो अब पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।
एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि प्रवीण सिंह जोड़ी की गिरफ्तारी के लिए AGTF की टीम लंबे समय से प्रयासरत थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए इंस्पेक्टर सुभाष सिंह तंवर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने अपनी पहचान को गोपनीय रखते हुए प्रवीण के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा की। शनिवार, 21 जून 2025 को हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह को सूचना मिली कि आरोपी चूरू के राजगढ़ रोड पर दिखाई दे सकता है। इस सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने उसे मौके पर दबोच लिया। यह गिरफ्तारी न केवल पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि गैंग्स की गतिविधियों पर नजर रखने में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
प्रवीण का खाकी से अपराध की दुनिया तक का सफर
Anandpal gang latest update दिनेश एमएन ने प्रवीण के अपराधी बनने की कहानी को विस्तार से साझा किया। प्रवीण सिंह जोड़ी मूल रूप से चूरू जिले के भालेरी थाना क्षेत्र के जोड़ी गांव का निवासी है। उसने अपने करियर की शुरुआत 2001 में झालावाड़ में पुलिस कॉन्स्टेबल के रूप में की थी, लेकिन समय के साथ उसका रास्ता गलत दिशा में मुड़ गया। लॉरेंस गैंग के मुख्य शूटर अंकित भादू को शरण देने और कुख्यात आनंदपाल गैंग के साथ सक्रिय जुड़ाव के कारण उसे 22 मई 2019 को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के बाद प्रवीण ने अपराध की दुनिया में अपनी पैठ मजबूत की और आनंदपाल सिंह गैंग तथा लॉरेंस गैंग के लिए काम करना शुरू कर दिया।
प्रवीण का मुख्य काम व्यापारियों के मोबाइल नंबर जुटाकर गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र जैसे अपराधियों को सौंपना था। ये गैंगस्टर फिर इन नंबरों का इस्तेमाल कर व्यापारियों को धमकियां देकर भारी-भरकम रकम की फिरौती वसूलते थे। इस दौरान प्रवीण ने श्रीगंगानगर जिले के थाना जवाहर नगर और लालगढ़ में अपराधियों को शरण देने के तीन गंभीर आपराधिक मामले भी दर्ज करवाए। उसकी इन गतिविधियों ने न केवल स्थानीय व्यापारियों में दहशत फैलाई, बल्कि पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
अन्य संबंधित घटनाएं
Praveen Singh Jodi arrest news हाल ही में AGTF ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू जोड़ी को गिरफ्तार किया था, जो संयोगवश प्रवीण के ही गांव का रहने वाला था। जितेंद्र के खेत से एक AK-47 राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए, जो गैंग्स की हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को उजागर करता है। यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि जोड़ी गांव अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है, जहां से गैंग्स अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं।
होटल सनसिटी फायरिंग का कनेक्शन
Suncity Hotel Churu firing connection प्रवीण का नाम एक और संगीन वारदात से भी जुड़ा है। 17 अगस्त 2024 की रात चूरू के कस्बे में स्थित होटल सनसिटी पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। होटल के कर्मचारी मन्जत अली (35) ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि रात करीब 10 बजे दो बाइक सवार नकाबपोश युवक होटल पर पहुंचे और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले में मन्जत और उसके साथी किसी तरह बाल-बाल बच गए। शोर सुनकर हमलावर मौके से फरार हो गए, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। प्रवीण जोड़ी पर इस मामले में चूरू एसपी ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था, जो अब उसकी गिरफ्तारी के साथ खत्म हो गया है।
जांच और भविष्य की रणनीति
Rajasthan gangster network busted पुलिस ने प्रवीण को गिरफ्तार करने के बाद चूरू पुलिस को सौंप दिया है, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है। एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि प्रवीण के बयानों से गैंग्स के नेटवर्क और उनके संचालन के तरीकों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह गिरफ्तारी केवल एक शुरुआत है, और पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में गैंग्स के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे ताकि वे इन धमकियों से निपट सकें।



