
Rain Alert : मौसम विभाग ने गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को राजस्थान के 27 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें जयपुर, अजमेर, कोटा, सीकर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, भरतपुर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, और अन्य जिले शामिल हैं। विभाग के अनुसार, 11 जुलाई से बारिश और तेज होने की संभावना है, जो 13 जुलाई तक जारी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर सक्रिय एक लो-प्रेशर सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा। खासकर दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की आशंका है।
इस मानसून सीजन में राजस्थान में बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 1 जून से 8 जुलाई तक राज्य में औसत से 126% अधिक बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 81.2 मिलीमीटर (MM) बारिश होती है, लेकिन इस बार 183.5 MM बारिश हो चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में मानसून की असाधारण सक्रियता को दर्शाता है। बुधवार को उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, और बीकानेर में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया।
हनुमानगढ़ में बाढ़ जैसे हालात
Weather Update : हनुमानगढ़ में मंगलवार रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह 9 बजे तक रुक-रुककर जारी रही। लगातार 9 घंटे की मूसलाधार बारिश ने जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। जंक्शन की PWD कॉलोनी में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया, जिससे सरकारी आवास पूरी तरह जलमग्न हो गए। कलेक्टर और SP ऑफिस के बाहर 2 से 3 फीट पानी जमा हो गया, जिससे कर्मचारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर 12 में रेलवे अंडरपास में करीब 10 फीट पानी भर गया, जिससे आवागमन ठप हो गया।
हनुमानगढ़ के वार्ड नंबर 2, नई खूंजा में मंगलवार देर रात बारिश के कारण एक कच्चे मकान की छत ढह गई। इस हादसे में मलबे में दबकर एक विधवा महिला की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था नाकाफी होने से लोगों में नाराजगी है।
बीकानेर में जलभराव
Mosam : बीकानेर में बुधवार दोपहर तेज बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर, सूरसागर, और जूनागढ़ की खाई में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। श्रीगंगानगर में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 69 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, हनुमानगढ़ के संगरिया में 22 MM, दौसा के बांदीकुई में 39 MM, भरतपुर के पहाड़ी में 42 MM, भुसावर में 29 MM, अलवर में 16 MM, खैरथल में 36 MM, और सूरतगढ़ में 28 MM बारिश हुई। फतेहपुर, चूरू, सीकर, और पिलानी में भी हल्की बारिश ने मौसम को सुहाना बनाया।
बनास नदी में डूबा युवक
Rajasthan ka Mosam : सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा तहसील में बुधवार को एक दुखद घटना घटी। जलालपुरा (तहसील बौंली) निवासी बबलू सपेरा (40) अपनी पत्नी के साथ बनास नदी की रपट पर नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग जमा हुए और सिविल डिफेंस की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद शव बरामद हुआ। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया।
तापमान में गिरावट, उमस बरकरार
Rain Storm Alert : बारिश के साथ-साथ आंधी ने कई जिलों में तापमान को 4 डिग्री सेल्सियस तक कम कर दिया। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 34.8, चूरू में 36.2, बीकानेर में 36.8, हनुमानगढ़ में 34.1, सीकर में 35.2, कोटा में 34, और अजमेर में 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, बारिश के बावजूद वातावरण में ह्यूमिडिटी लेवल 75% से अधिक रहा, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, पिलानी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, और जोधपुर जैसे जिलों में नमी का स्तर सामान्य से अधिक रहा।
जयपुर में ट्रैफिक जाम और जलभराव
Aaj ka Mosam : जयपुर में मंगलवार देर शाम हुई तेज बारिश ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। टोंक रोड, आगरा रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, परकोटा, एमआई रोड, और जेएलएन मार्ग जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। दिन में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए पंप लगाए, लेकिन कई निचले इलाकों में पानी निकासी में देरी हुई।

बीसलपुर बांध में पानी की आवक
टोंक जिले में रिमझिम बारिश ने बीसलपुर बांध के जलस्तर को बढ़ा दिया है। पिछले 24 घंटों में बुधवार सुबह 6 बजे तक बांध में 2 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई। इससे बांध का जलस्तर 313.88 RL मीटर तक पहुंच गया, जो कुल क्षमता 38.703 टीएमसी का 70.95% है। त्रिवेणी नदी 2.80 मीटर की गति से बह रही है, जिससे बांध में पानी की आवक लगातार जारी है। यह बांध जयपुर और अजमेर की जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है, और इसके बढ़ते जलस्तर से अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से 13 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। 11 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश और तेज हो सकती है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और निचले इलाकों में जलभराव से बचने की सलाह दी है।
राजस्थान में इस बार मानसून ने अभूतपूर्व बारिश लाकर कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में जलभराव और हादसों ने प्रशासन के सामने चुनौतियां खड़ी की हैं। वहीं, बीसलपुर बांध जैसे जलाशयों में पानी की आवक ने भविष्य की जल आपूर्ति के लिए आशा जगाई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन को जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने की जरूरत है।
बारिश का हाल
🌧 10 जुलाई 2025 – येलो अलर्ट
जिन जिलों में अलर्ट है:
- चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर
- दौसा, करौली, धौलपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर
- नागौर, अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां
- झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
- उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, पाली, जालोर
🌧 11 जुलाई 2025
- 🟧 ऑरेंज अलर्ट:
- बारां
- झालावाड़
- 🟨 येलो अलर्ट:
- बाकी सभी जिले (बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर को छोड़कर)
🌧 12 जुलाई 2025
- 🟧 ऑरेंज अलर्ट:
- सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़
- 🟨 येलो अलर्ट:
- बाकी सभी जिले (जैसलमेर, बाड़मेर को छोड़कर)
🌧 13 जुलाई 2025
- 🟧 ऑरेंज अलर्ट:
- सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़
- 🟨 येलो अलर्ट:
- बाकी सभी जिले
