
Rain Alert : राजस्थान में मानसून का दौर अब कुछ शांत हुआ है, लेकिन मौसम का रुख अभी भी बदला हुआ है। आसमान में बादलों का डेरा है, और मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह के मौसम की भविष्यवाणी की है। आज, मंगलवार, 22 जुलाई 2025 को केवल चार जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून ट्रफ लाइन अब अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर खिसक गई है, जो वर्तमान में जम्मू और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। इस बदलाव के कारण राज्य में भारी बारिश का दौर थम गया है, लेकिन हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
आगामी 4-5 दिनों तक पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, 27-28 जुलाई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते पूर्वी राजस्थान में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
बीसलपुर बांध: जुलाई में पहली बार गेट खोलने की तैयारी
Rajasthan ka Mosam : बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों की जीवनरेखा कहे जाने वाले बीसलपुर बांध को लगभग 94% तक भर दिया है। सोमवार, 21 जुलाई 2025 तक बांध का जलस्तर 315.23 RL मीटर तक पहुंच गया, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 315.50 RL मीटर है। त्रिवेणी नदी से लगातार हो रही पानी की आवक के कारण बांध अब ओवरफ्लो की कगार पर है। बीसलपुर बांध परियोजना के कार्यकारी अभियंता (XEN) मनीष बंसल ने बताया कि यह पहला मौका है जब जुलाई महीने में बांध के गेट खोले जाएंगे। इससे पहले छह बार अगस्त और एक बार सितंबर में गेट खोलने की नौबत आई थी।
प्रशासन ने मंगलवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच गेट खोलने की योजना बनाई है, जिसमें जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से बांध के बहाव क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। सोमवार को गेट खोलने की अफवाहों का प्रशासन ने खंडन किया, लेकिन पानी की आवक की रफ्तार को देखते हुए मंगलवार को यह कदम उठाया जा सकता है। पिछले 24 घंटों में बांध में 27 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई, जबकि कैचमेंट क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। अब तक बांध के कैचमेंट में 597 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी हैकोटा बैराज में भी सोमवार को दो गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। भारी बारिश के बाद बांध में पानी का स्तर बढ़ने से यह कदम उठाया गया। कोटा में जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन सक्रिय है, और स्थानीय अधिकारियों ने हालात पर नजर रखी हुई है।
तापमान में उछाल, बादल बने मेहमान
Mosam : मानसून ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर शिफ्ट होने से राजस्थान में भारी बारिश का सिलसिला थम गया है। सोमवार को जयपुर, दौसा, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, टोंक, श्रीगंगानगर, बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर जैसे कई शहरों में आसमान में हल्के बादल छाए रहे, और कुछ जगहों पर हल्की धूप भी निकली। इससे अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई। सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा:
- बीकानेर: 35.4 डिग्री
- बारां: 34.8 डिग्री
- चूरू: 34.5 डिग्री
- जैसलमेर: 35.4 डिग्री
- कोटा: 34.9 डिग्री
- बाड़मेर: 34.4 डिग्री
- भीलवाड़ा: 33 डिग्री
- हनुमानगढ़: 34.4 डिग्री
- पाली: 32.2 डिग्री
- जालोर: 33.9 डिग्री
जयपुर में सोमवार को बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई, जिससे शहरवासियों को गर्मी का अहसास हुआ।
जलभराव और राहत कार्य: अजमेर में प्रशासन सक्रिय
Weather Update : अजमेर में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति को देखते हुए विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी, कलेक्टर लोकबंधु और नगर निगम आयुक्त देशलदान ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने आनासागर झील से पानी की निकासी और अवरुद्ध मार्गों की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने जलभराव से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।
उदयपुर के खेरवाड़ा में गोदावरी धाम पर बना प्रसिद्ध गोदावरी बांध सोमवार को ओवरफ्लो हो गया। बांध के छलकने का नजारा देखने के लिए खेरवाड़ा और आसपास के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

रिमझिम बारिश और जलभराव की समस्या
Aaj ka Mosam : जोधपुर में सोमवार सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। शहर के बासनी दाऊजी होटल तिराहा, बासनी ओवरब्रिज और अशोक उद्यान जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। सड़कों पर गड्ढों में भरे पानी ने वाहन चालकों को परेशान किया। बालेसर में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 61 मिमी बारिश दर्ज की गई। बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर और सिरोही में भी हल्की बारिश हुई, जहां 1 से 24 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई। सिरोही के आबूरोड के किवरली में रविवार शाम बनास नदी में नहाने गए माउंट आबू के दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। उनके दो अन्य साथी बाल-बाल बच गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, और करीब सात घंटे की मेहनत के बाद रविवार देर रात एक बजे शव बरामद किए गए। इस घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया।
बारिश से प्रभावित अन्य जिले
Heavy Rain Alert : पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचाई। नागौर में नेशनल हाईवे बंद करना पड़ा, और दर्जनों इलाकों का संपर्क टूट गया। अजमेर में 50 साल बाद जुलाई में फिर से बाढ़ जैसे हालात बने, जहां 20 से अधिक कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। कई जगहों पर टॉयलेट सीट से भी पानी निकलने की स्थिति बनी, जिसके चलते लोग अपने घर छोड़कर छतों पर या किराए के मकानों में शरण लेने को मजबूर हुए। पुष्कर, पाली और बूंदी में भी हालात बिगड़े, जहां घरों और दुकानों में 4-4 फीट तक पानी भर गया।
राजस्थान में मानसून का मिजाज बदलता रहता है। जहां एक ओर बारिश ने राहत दी, वहीं कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात ने चुनौतियां खड़ी कीं। बीसलपुर बांध के गेट खुलने की तैयारी और प्रशासन की सतर्कता से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। लोगों से अपील है कि वे बांधों और नदियों के बहाव क्षेत्र से दूर रहें और मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करें।
🌧️ 22 जुलाई को राजस्थान में बारिश का अलर्ट
- 📍 अलर्ट जारी जिलों की संख्या: कुल 4 जिले
- ⚠️ अलर्ट का प्रकार:
- येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश की संभावना)
- 🗺️ जिन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी है:
- अलवर
- झालावाड़
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- 🌦️ अनुमानित मौसम:
- इन जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
