
prajwal revanna : कर्नाटक के प्रभावशाली रेवन्ना परिवार के वारिस और हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के एक मामले में दोषी करार दिया गया है। यह फैसला बेंगलुरु की विशेष अदालत के जज संतोष गजानन भट ने 1 अगस्त 2025 को सुनाया। इस केस की पीड़िता, जो 48 वर्षीय एक मेड थी, ने चार साल तक अपने साथ हुए अत्याचार को सहन किया और आखिरकार न्याय की जीत हुई। फैसला सुनते ही प्रज्वल, जो कभी कर्नाटक की सियासत में उभरता सितारा माना जाता था, कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगा। इस मामले में एक वीडियो, एक साड़ी और 113 गवाहों की गवाही ने अहम भूमिका निभाई। प्रज्वल के खिलाफ रेप के तीन और यौन उत्पीड़न (sexual harassment) का एक अन्य केस दर्ज है। यह पहला मामला है जिसमें ट्रायल पूरा हुआ और सजा सुनाई गई। पीड़िता प्रज्वल के हासन स्थित गन्निकाडा फार्महाउस में काम करती थी। इस केस ने न केवल प्रज्वल के राजनीतिक करियर को खत्म किया, बल्कि कर्नाटक के सबसे ताकतवर परिवार की साख को भी गहरी चोट पहुंचाई।
प्रज्वल रेवन्ना कभी कर्नाटक की राजनीति का चमकता चेहरा थे। उनके परिवार का कद इतना बड़ा था कि हासन में लोग कहते थे, “यहां संविधान के साथ-साथ रेवन्ना परिवार का भी कानून चलता है।” उनके दादा एचडी देवगौड़ा पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। पिता एचडी रेवन्ना विधायक और पूर्व मंत्री रहे, चाचा एचडी कुमारस्वामी पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक हैं, जबकि भाई सूरज रेवन्ना MLC हैं। इस प्रभावशाली परिवार की पृष्ठभूमि ने प्रज्वल को सियासत में एक मजबूत आधार दिया था। लेकिन 24 अप्रैल 2024 को हासन के एक स्टेडियम में मिली सैकड़ों पेन ड्राइव ने प्रज्वल की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया। इन पेन ड्राइव में प्रज्वल के करीब 3,000 सेक्स वीडियो और तस्वीरें थीं। ये वीडियो हासन के उस स्टेडियम में बिखरे मिले, जहां लोग सुबह की सैर (morning walk) के लिए आते थे। प्रज्वल की पहचान इतनी मशहूर थी कि ये वीडियो रातोंरात वायरल हो गए। इसके बाद 50 से ज्यादा महिलाओं ने प्रज्वल पर यौन उत्पीड़न और 12 ने रेप का आरोप लगाया। चार केस दर्ज हुए और प्रज्वल पुलिस की हिरासत में आ गया।
रेप का वीडियो और साड़ी बने सबसे बड़े सबूत
Prajwal Revanna rape case : स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चार्जशीट के अनुसार, प्रज्वल ने 2021 में पीड़िता के साथ दो बार रेप किया। पहली घटना हासन के गन्निकाडा फार्महाउस में और दूसरी बेंगलुरु के बसवनगुडी स्थित घर में हुई। इन घटनाओं का वीडियो प्रज्वल ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया था, जो बाद में SIT के हाथ लगा। वीडियो में पीड़िता प्रज्वल का विरोध करती और रोती हुई दिख रही थी। हालांकि, वीडियो में प्रज्वल का चेहरा स्पष्ट नहीं था, लेकिन फोरेंसिक जांच ने पुष्टि की कि वीडियो में वही शख्स था। इसके अलावा, एक और अहम सबूत पीड़िता की साड़ी थी, जिसे वह घटना के समय पहने थी। पीड़िता ने अपनी साड़ियों को फार्महाउस की एक अलमारी में रखा था। SIT की जांच में एक साड़ी पर प्रज्वल का DNA मिला, जो केस में निर्णायक साक्ष्य बना। फोरेंसिक जांच में साड़ी पर मिले स्पर्म सैंपल का DNA प्रज्वल से मेल खा गया। इसके साथ ही, 113 गवाहों की गवाही और 180 दस्तावेजों ने केस को और मजबूत किया।
पीड़िता की हिम्मत और वकीलों की मेहनत
Prajwal Revanna sex scandal news : इस केस को सीनियर एडवोकेट अशोक नायक और बीएन जगदीशा ने लड़ा। फैसले के बाद अशोक नायक ने कहा, “यह जीत मेरी नहीं, बल्कि पीड़िता की है। उसकी हिम्मत और विश्वसनीय बयान ने न्याय दिलाया।” उन्होंने बताया कि 100 से ज्यादा गवाहों में से 26 की गवाही ली गई और 180 दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश किए गए। पीड़िता का बयान सबसे मजबूत साक्ष्य रहा। नायक ने कहा, “यह केस जटिल था क्योंकि घटना चार साल पुरानी थी। सबसे बड़ी चुनौती थी आरोपों को साबित करना। डिजिटल साक्ष्य (digital evidence) ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई। प्रज्वल ने खुद रेप का वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे फोरेंसिक जांच में असली साबित किया गया। वीडियो से घटनास्थल की पहचान हुई और प्रज्वल के शरीर के कुछ हिस्सों का मिलान डॉक्टरी जांच से कराया गया।” SIT ने DNA रिपोर्ट, फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट और पीड़िता के कपड़ों को भी सबूत बनाया। चार साल बाद भी जांच अधिकारियों ने ये साक्ष्य जुटाए और कोर्ट ने सिर्फ 38 सुनवाइयों में फैसला सुना दिया।
पीड़िता की आपबीती: धमकी, ब्लैकमेलिंग और रेप
Prajwal Revanna video leak : SIT की चार्जशीट के मुताबिक, पहली घटना 2021 में लॉकडाउन के दौरान गन्निकाडा फार्महाउस में हुई। पीड़िता ने बताया, “प्रज्वल ने मुझसे पानी मंगवाया। मैं उसके कमरे में पानी लेकर गई, तो उसने दरवाजा बंद कर दिया और मेरे साथ जबरदस्ती की। उसने अपने मोबाइल से वीडियो बनाया और धमकी दी कि अगर मैंने किसी को बताया, तो वह वीडियो मेरे परिवार को भेज देगा।” कुछ दिन बाद पीड़िता को रेवन्ना परिवार के बेंगलुरु के बसवनगुडी घर में सफाई के लिए बुलाया गया। यहां भी प्रज्वल ने उसे कमरे में बुलाकर रेप किया। लगातार अत्याचार से तंग आकर पीड़िता ने 2022 में नौकरी छोड़ दी। लेकिन जब उसका वीडियो टीवी पर वायरल हुआ और परिवार ने देखा, तब उसने हिम्मत जुटाकर 28 अप्रैल 2024 को होलेनरासीपुर थाने में FIR दर्ज कराई। इसके बाद प्रज्वल जर्मनी भाग गया, लेकिन 31 मई 2024 को भारत लौटते ही उसे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया।
सजा का दायरा: 10 साल से उम्रकैद तक
Prajwal Revanna maid rape verdict : सुप्रीम कोर्ट के वकील संकेत एम. येनागी के अनुसार, प्रज्वल पर IPC की धारा 376(2)(k) के तहत केस दर्ज है। इसमें कम से कम 10 साल का कठोर कारावास और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अन्य धाराओं के तहत 3 से 7 साल की अतिरिक्त सजा भी हो सकती है। प्रज्वल के खिलाफ दो और रेप केस और एक यौन उत्पीड़न का केस लंबित है, जिनमें फैसला आना बाकी है।

अन्य पीड़िताओं की कहानी
Prajwal Revanna farmhouse rape case प्रज्वल के खिलाफ दो अन्य महिलाओं ने भी रेप का केस दर्ज कराया है। पहली पीड़िता, जो 44 वर्षीय है और प्रज्वल की पार्टी से जुड़ी थी, ने बताया, “1 जनवरी 2021 को मैं उनके सरकारी बंगले में गई थी। प्रज्वल के स्टाफ ने मुझे फर्स्ट फ्लोर पर भेजा। वहां प्रज्वल ने मेरा रेप किया और मेरे पति को गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद भी उसने कई बार मुझ पर अत्याचार किया।” दूसरी पीड़िता ने बताया कि प्रज्वल ने उसकी मां के साथ रेप किया और उसे वीडियो कॉल पर ब्लैकमेल किया। उसने कहा, “प्रज्वल मेरी मां को धमकी देता था कि अगर मैंने उसकी बात नहीं मानी, तो मेरे पिता को नौकरी से निकाल देगा। जब हमने शिकायत की, तो मेरे पिता को नौकरी से हटा दिया गया।”
JDS और रेवन्ना परिवार पर असर
बेंगलुरु के वरिष्ठ पत्रकार यासिर मुश्ताक के अनुसार, इस फैसले से जनता दल (सेक्युलर) (JDS) और रेवन्ना परिवार की सियासत पर गहरा असर पड़ेगा। JDS पहले ही NDA में शामिल होकर कमजोर हो चुकी है, लेकिन उसका कोर वोट बैंक अब भी परिवार के साथ है। इसका सबूत है कि वीडियो कांड के बाद भी हासन में प्रज्वल को 6 लाख से ज्यादा वोट मिले। यासिर कहते हैं, “इस फैसले से प्रज्वल का राजनीतिक करियर खत्म हो गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी को फायदा होगा। निखिल तीन बार चुनाव हार चुके हैं, लेकिन अब उनके लिए परिवार में कोई चुनौती नहीं बचेगी।” कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता निजाम फौजदार ने कहा, “यह मामला रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है। अगर अन्य पीड़िताएं सामने आती हैं, तो सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा देगी।”
प्रज्वल के भाई सूरज पर भी गंभीर आरोप
प्रज्वल के भाई सूरज रेवन्ना पर भी अननैचुरल सेक्स (unnatural sex) के दो केस दर्ज हैं। 23 जून 2024 को हासन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। एक पार्टी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि सूरज ने 16 जून 2024 को गन्निकाडा फार्महाउस में उसके साथ अननैचुरल सेक्स किया और जान से मारने की धमकी दी।
प्रज्वल रेवन्ना सेक्सुअल हैरेसमेंट केस
24 अप्रैल 2024 की सुबह कर्नाटक के हासन जिले में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया। हासन के एक स्टेडियम की रनिंग ट्रैक पर जब लोग मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे, तो उन्हें वहां सैकड़ों पेन ड्राइव बिखरी हुई मिलीं। इन पेन ड्राइव्स में हासन से पूर्व सांसद और JDS नेता प्रज्वल रेवन्ना की करीब 2,970 सेक्स क्लिप्स और फोटो मौजूद थे। इन क्लिप्स में प्रज्वल खुद अलग-अलग महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आया। घटना के बाद आरोपों की चपेट में आए प्रज्वल ने दावा किया कि ये वीडियो एडिट किए गए हैं और यह एक साजिश है। जांच में सामने आया कि प्रज्वल के पूर्व ड्राइवर कार्तिक का इसमें बड़ा हाथ था, जिसने मार्च 2023 में नौकरी छोड़ने के बाद ये वीडियो लीक किए। SIT जांच में खुलासा हुआ कि कई वीडियो खुद प्रज्वल ने शूट किए थे। इन वीडियो में दिखाई गई महिलाएं मुख्यतः हासन, साक्षर और होलेनरासीपुर के आस-पास के इलाकों की थीं। सोशल मीडिया और मीडिया में जब यह क्लिप्स तेजी से वायरल होने लगीं, तो इस कांड ने न सिर्फ राज्य में हलचल मचाई, बल्कि पूरे देश की निगाहें इस पर टिक गईं। वीडियो सामने आने के बाद प्रज्वल के खिलाफ 4 केस दर्ज किए गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि वीडियो लीक होने के महज दो दिन बाद, 26 अप्रैल को प्रज्वल चुपचाप देश छोड़कर भाग गया। जब पता चला कि वह जर्मनी में है, तब इंटरपोल नोटिस और जांच एजेंसियों की मेहनत रंग लाई और अंततः 31 मई 2024 को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उसके भारत लौटते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। य
प्रज्वल रेवन्ना पर लगे गंभीर धाराओं का पूरा विवरण
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर रेप और यौन उत्पीड़न से जुड़े कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। यह धाराएं न केवल उनके राजनीतिक करियर को झटका देने वाली हैं, बल्कि अगर दोष सिद्ध हुआ तो उन्हें लंबी जेल सजा भी हो सकती है। आइए जानते हैं, उन पर कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं और इनकी कानूनी सजा क्या है:
🔴 IPC की धारा 376(K)
- अपराध: एक ही महिला के साथ बार-बार रेप करना
- सजा: 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा
🔴 धारा 376(2)(K)
- अपराध: सरकारी पद पर रहते हुए महिला से रेप
- सजा: 10 साल से उम्रकैद तक
🔴 धारा 354B
- अपराध: महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग
- सजा: 3 से 7 साल की कैद और जुर्माना
🔴 धारा 354A
- अपराध: शारीरिक शोषण और यौन टिप्पणी
- सजा: 3 साल तक की कैद और जुर्माना
🔴 धारा 354(C)
- अपराध: बिना अनुमति महिला की प्राइवेट तस्वीरें या वीडियो बनाना / शेयर करना (Voyeurism)
- सजा: 1 से 3 साल की कैद और जुर्माना
🔴 धारा 506
- अपराध: आपराधिक धमकी देना
- सजा: 2 साल तक की कैद और जुर्माना



