
Hindustan Zinc water project : राजसमंद जिले के रेलमगरा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान अब निकट भविष्य में संभव होता नजर आ रहा है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और PHED उदयपुर रीजन के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) के तहत क्षेत्र के 11 गांवों में 10 हजार से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
Hindustan Zinc clean drinking water project ; राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने हिंदुस्तान जिंक के इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि “ग्रामीण क्षेत्र में वास्तविक स्थिति को समझते हुए पेयजल के लिए सरकार के साथ हिंदुस्तान जिंक का यह सहयोग अत्यंत सराहनीय है। इससे जल्द ही रेलमगरा क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी।” उन्होंने बताया कि कई जगह ओपन वेल (कुएं) के लिए काम शुरू हो चुका है और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे। इस एमओयू के तहत रेलमगरा पंचायत समिति के कोटडी और काबरा पंचायत के 9 गांवों तथा खडबामनिया के 2 गांवों में पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना है। परियोजना की कुल लागत 19.7 करोड़ रुपये है, जिसमें से 4.7 करोड़ रुपये हिंदुस्तान जिंक द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत प्रदान किए जाएंगे। इस परियोजना में पेयजल के लिए कुओं का निर्माण, पांच ओवरहेड स्टोरेज टैंक, और जल संग्रहण संरचनाओं का विकास शामिल है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
Hindustan Zinc CSR initiative Railmagra : इस अवसर पर पीएचईडी उदयपुर रीजन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता शैतान सिंह, पीएचईडी राजसमंद के अधीक्षण अभियंता रामवतार सैनी, अधिशासी अभियंता लोकेश सैनी, हिंदुस्तान जिंक की ओर से वेदांता समूह के हेड सीएसआर अनुपम निधि, और राजपुरा दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के आईबीयू सीईओ बलवंत सिंह राठौड़ उपस्थित थे। इसके अलावा, हिंदुस्तान जिंक दरीबा कॉम्प्लेक्स के सीएसआर हेड भूवनेश शर्मा, सीएसआर टीम की सदस्य अरुणा चीता, स्वेतलाना साहू, राधिका खीरिया, कोटडी सरपंच अभिषेक जाट, कुरज सरपंच अनिल चौधरी, और अन्य गांवों के सरपंच व जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या
PHED Hindustan Zinc MoU 2025 : रेलमगरा पंचायत समिति के कोटडी, काबरा, और खडबामनिया गांवों में पेयजल की समस्या लंबे समय से चली आ रही थी। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने हिंदुस्तान जिंक से इस मुद्दे के समाधान के लिए बार-बार अनुरोध किया था। कंपनी ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया। इस परियोजना से न केवल पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।
हिंदुस्तान जिंक की अन्य पहल
Hindustan Zinc water supply scheme 11 villages : हिंदुस्तान जिंक ने पहले भी क्षेत्र में जल संरक्षण और पेयजल सुविधाओं के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स द्वारा आसपास के तालाबों का गहरीकरण किया गया है, जो जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने क्षेत्र के 17 गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ एटीएम (RO ATM) स्थापित किए हैं, जिससे हजारों लोगों को स्वच्छ पानी मिल रहा है। इन प्रयासों से स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

💧 प्रोजेक्ट की लागत और कार्य योजना
Vedanta group CSR drinking water project : इस पेयजल परियोजना की कुल लागत ₹19.7 करोड़ है, जिसमें से ₹4.7 करोड़ हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत:
- रेलमगरा पंचायत समिति के तहत कोटड़ी और काबरा पंचायत के 9 गांवों और
- खड़बामनिया पंचायत के 2 गांवों में
- घर-घर तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
इस योजना के तहत कुएं, 5 ओवरहेड स्टोरेज टैंक, जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे गांववासियों को स्थायी रूप से स्वच्छ जल मिल सकेगा।



