
Rakshabandhan Sisters killed in accident : रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार, जो भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है, इस बार एक परिवार के लिए असहनीय दुख और शोक लेकर आया। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे-21 पर शुक्रवार शाम एक भयानक सड़क हादसे ने पांच जिंदगियों को छीन लिया, जिनमें दो सगी बहनें भी शामिल थीं। यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियों को लील गया, बल्कि रक्षाबंधन के इस पावन मौके पर हर किसी के दिल को झकझोर गया। यह दर्दनाक हादसा राजस्थान के दौसा जिले में सिकन्दरा थाना क्षेत्र में जयपुर आगरा हाइवे पर कैलाई दुब्बी के पास शुक्रवार शाम को हुआ।
Road accident in rajasthan : शाम को सूरज ढल रहा था और लोग अपने घरों में रक्षाबंधन की तैयारियों में जुटे थे। लोहे के गार्डर से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गया और सामने से आ रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से पिचक गई और उसमें सवार लोगों के लिए कोई उम्मीद बाकी नहीं रही। कार सवार यादराम मीणा (36), जो महवा में लाइब्रेरी और कोचिंग चलाते थे और उनके साथ चार युवा—मोनिका मीणा (18), वेदिका मीणा, अर्चना मीणा (20), और मुकेश महावर (27)। ये सभी जयपुर के बस्सी स्थित निर्वाण कॉलेज में परीक्षा देने के बाद अपने गांव भजेड़ा, टोडाभीम (करौली) लौट रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में यादराम और मोनिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अर्चना, वेदिका, और मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गए।
जाम ने छीनी आखिरी उम्मीद
Dausa News : हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को तुरंत दौसा के अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जयपुर रेफर किया गया। लेकिन, दुख की बात यह रही कि जयपुर ले जा रही एंबुलेंस घाट की गुणी टनल में जाम में फंस गई। समय पर इलाज न मिलने के कारण अर्चना, वेदिका, और मुकेश ने भी अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर समय पर मदद मिल जाती, तो शायद ये जिंदगियां बच सकती थीं।

दो बहनों की अनकही कहानी
Trailer car collision : इस हादसे में जान गंवाने वाली मोनिका और वेदिका सगी बहनें थीं। दोनों अपने भविष्य को संवारने के लिए मेहनत कर रही थीं। परीक्षा देकर लौटते वक्त, शायद उनके मन में रक्षाबंधन की तैयारियों के सपने थे। राखी का धागा, भाई की कलाई पर बांधने की खुशी और परिवार के साथ हंसी-खुशी के पल— ये सब अब केवल एक अधूरी याद बनकर रह गए। रक्षाबंधन, जो भाई-बहन के प्यार और सुरक्षा का प्रतीक है, इस बार इन बहनों के लिए काल बनकर आया। उनके भाई, जो शायद राखी का इंतजार कर रहे होंगे, अब केवल उनकी यादों के साथ जीने को मजबूर हैं।
पुलिस और प्रशासन का रवैया
horrific accident in dausa : हादसे की सूचना मिलते ही दौसा पुलिस हरकत में आई। सिकंदरा थाने के SHO अशोक चौधरी ने बताया कि ट्रेलर ड्राइवर की लापरवाही इस हादसे का कारण बनी। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। देर रात दौसा के एसपी सागर राणा और कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। लेकिन, सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई उन पांच जिंदगियों को वापस ला सकती है?
रक्षाबंधन का बदला रंग
Rakhi 2025 : रक्षाबंधन का त्योहार, जो खुशियों और उमंगों का प्रतीक है, इस हादसे ने कई परिवारों के लिए मातम में बदल दिया। मोनिका और वेदिका की मौत ने उनके परिवार को ऐसा जख्म दिया, जो शायद कभी न भरे। इस हादसे ने हमें यह भी याद दिलाया कि सड़क सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। तेज रफ्तार, लापरवाही, और जाम जैसी समस्याएं न जाने कितने परिवारों की खुशियां छीन लेती हैं।

समाज के लिए सबक
यह हादसा हमें कई सवाल छोड़ गया। क्या हमारी सड़कें सुरक्षित हैं? क्या हमारे पास ऐसी व्यवस्था है जो समय पर घायलों को अस्पताल पहुंचा सके? क्या ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है? इन सवालों के जवाब तलाशने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों। रक्षाबंधन जैसे पवित्र मौके पर यह हादसा हमें यह भी सिखाता है कि जिंदगी अनमोल है, और इसे बचाने के लिए हमें हर स्तर पर जागरूक होना होगा।
