
Petrol pump scam : पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते समय डिस्प्ले पर ‘0’ देखकर क्या आप निश्चिंत हो जाते हैं कि आपको सही मात्रा में पेट्रोल या डीजल मिल रहा है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए! पेट्रोल पंपों पर एक नई धोखाधड़ी की तकनीक, जिसे ‘जंप ट्रिक’ (Petrol Pump Jump Trick) के नाम से जाना जाता है, तेजी से फैल रही है। इस स्कैम में मशीनों के मीटर में हेराफेरी करके ग्राहकों को उनके भुगतान की तुलना में कम ईंधन दिया जा रहा है। यह धोखाधड़ी इतनी चालाकी से की जाती है कि आम ग्राहक भ्रमित हो जाते हैं और उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनके साथ ठगी हो रही है। हाल के वर्षों में कई पेट्रोल पंपों पर इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन जंप ट्रिक के बारे में जागरूकता की कमी के कारण ग्राहक इसका शिकार बन रहे हैं। इस लेख में हम इस स्कैम की पूरी जानकारी, इसके काम करने का तरीका, और इससे बचने के उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
क्या है ‘जंप ट्रिक’ और कैसे काम करता है यह स्कैम?
Fuel meter fraud in India : ‘जंप ट्रिक’ एक ऐसी धोखाधड़ी तकनीक है, जिसमें पेट्रोल पंप की डिस्पेंसिंग मशीनों में छेड़छाड़ करके ग्राहकों को उनके पेमेंट की तुलना में कम ईंधन दिया जाता है। यह स्कैम इतना परिष्कृत है कि मशीन का डिस्प्ले शुरू में ‘0’ दिखाता है, जिससे ग्राहक को लगता है कि सब कुछ सामान्य है। लेकिन जैसे ही ईंधन भरना शुरू होता है, मीटर अचानक 0 से 10, 20, या उससे भी अधिक रुपये पर पहुंच जाता है, जबकि वास्तव में बहुत कम ईंधन टैंक में डाला गया होता है। यह तेज उछाल (Jump) ग्राहकों को भ्रमित करता है, और उन्हें लगता है कि उन्हें सही मात्रा में ईंधन मिल रहा है।
इस धोखाधड़ी के लिए पेट्रोल पंप ऑपरेटर मशीनों में विशेष सॉफ्टवेयर या इलेक्ट्रॉनिक चिप्स का उपयोग करते हैं, जो मीटर की रीडिंग को गलत तरीके से बढ़ा देता है। उदाहरण के लिए, अगर आप 500 रुपये का पेट्रोल भरवाते हैं, तो मशीन 500 रुपये की रीडिंग दिखा सकती है, लेकिन वास्तव में आपको केवल 400-450 रुपये का ईंधन ही मिलता है। इस तरह, पंप मालिक हर ट्रांजैक्शन पर छोटा-मोटा मुनाफा कमा लेते हैं, जो महीने के अंत तक हजारों रुपये में बदल जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में पेट्रोल पंप की मशीन का मीटर धीरे-धीरे बढ़ना चाहिए। शुरुआत में यह 0 से 4-5 रुपये तक ही बढ़ता है, लेकिन अगर मीटर अचानक 10, 20, या उससे अधिक रुपये पर उछल जाता है, तो यह मशीन में छेड़छाड़ का स्पष्ट संकेत हो सकता है। गौरतलब है कि सभी पेट्रोल पंप इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल नहीं हैं, लेकिन कुछ बेईमान ऑपरेटर इस तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
Petrol pump cheating techniques : पेट्रोल पंपों पर धोखाधड़ी कोई नई बात नहीं है। 2017 में, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कई पेट्रोल पंपों पर छापेमारी के दौरान ‘इलेक्ट्रॉनिक चिप’ के जरिए धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे। इन चिप्स को मशीनों में लगाकर मीटर रीडिंग को मैनिपुलेट किया जाता था। इसके बाद, कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, और तमिलनाडु में भी ऐसी शिकायतें दर्ज की गईं। हाल ही में, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियोज में कुछ पेट्रोल पंप कर्मचारियों को जंप ट्रिक का उपयोग करते हुए पकड़ा गया है, जिसने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
जंप ट्रिक से धोखाधड़ी के अन्य तरीके
How to avoid petrol pump fraud : जंप ट्रिक के अलावा, पेट्रोल पंपों पर धोखाधड़ी के कुछ अन्य तरीके भी प्रचलित हैं:
- शॉर्ट फ्यूलिंग (Short Fueling): इसमें ऑपरेटर जानबूझकर मशीन को जल्दी रोक देता है, ताकि आपको कम ईंधन मिले।
- मीटर रीसेट न करना: कुछ कर्मचारी जानबूझकर मशीन को रीसेट नहीं करते, जिससे पिछले ट्रांजैक्शन की राशि आपके बिल में जुड़ जाती है।
- होज पाइप ट्रिक: ईंधन की नली (Hose Pipe) को इस तरह मैनिपुलेट किया जाता है कि टैंक में कम ईंधन पहुंचता है।
- डिस्प्ले मैनिपुलेशन: डिस्प्ले पर गलत रीडिंग दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जाता है।
इन सभी तरीकों का उद्देश्य ग्राहकों को भ्रमित करना और उनके पैसे की तुलना में कम ईंधन देना है।
कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?
Petrol pump meter manipulation : पेट्रोल पंप पर ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। निम्नलिखित उपाय आपको इस स्कैम से सुरक्षित रख सकते हैं:
- मीटर पर शुरू से नजर रखें:
ईंधन भरवाने से पहले सुनिश्चित करें कि मशीन का डिस्प्ले ‘0’ पर रीसेट है। जैसे ही ईंधन भरना शुरू हो, मीटर की रीडिंग पर लगातार नजर रखें। अगर मीटर अचानक 10, 20, या उससे अधिक रुपये पर उछलता है, तो तुरंत ऑपरेटर से सवाल करें। - कम राशि से शुरू करें:
अगर आपको पंप पर धोखाधड़ी का शक है, तो पहले 100-200 रुपये का ईंधन भरवाएं। इससे आप मीटर की रीडिंग और ईंधन की मात्रा की जांच कर सकते हैं। - रसीद मांगें:
हर बार ईंधन भरवाने के बाद रसीद जरूर लें। रसीद में डिस्पेंस्ड ईंधन की मात्रा, राशि, और पंप का विवरण होता है, जिससे आप बाद में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। - कैशलेस पेमेंट का उपयोग करें:
UPI, डेबिट कार्ड, या क्रेडिट कार्ड जैसे कैशलेस पेमेंट ऑप्शंस का उपयोग करें। इससे ट्रांजैक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड रहता है, जो शिकायत के समय सबूत के रूप में काम आ सकता है। - विश्वसनीय पेट्रोल पंप चुनें:
हमेशा कंपनी-स्वामित्व वाले (Company-Owned, Company-Operated – COCO) पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाएं, क्योंकि इनमें धोखाधड़ी की संभावना कम होती है। इसके अलावा, उन पंपों पर जाएं जहां नियमित रूप से वेट्स एंड मेजर्स डिपार्टमेंट (Weights and Measures Department) की जांच होती है। - शिकायत दर्ज करें:
अगर आपको धोखाधड़ी का शक है, तो तुरंत पेट्रोल पंप के मैनेजर से बात करें। अगर संतोषजनक जवाब न मिले, तो निम्नलिखित तरीकों से शिकायत दर्ज करें:- टोल-फ्री नंबर: संबंधित ऑयल कंपनी (जैसे IOCL: 1800-233-3555, BPCL: 1800-22-4344, HPCL: 1800-233-3777) पर कॉल करें।
- ऑनलाइन पोर्टल: ऑयल कंपनी की वेबसाइट या PGPortal (pgportal.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें।
- वेट्स एंड मेजर्स डिपार्टमेंट: स्थानीय डिपार्टमेंट से संपर्क करें, जो पेट्रोल पंपों की मशीनों की जांच करता है।
- सोशल मीडिया और वीडियो का उपयोग:
अगर आप धोखाधड़ी का सबूत रिकॉर्ड करते हैं, जैसे कि मीटर की गलत रीडिंग का वीडियो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करें। इससे पेट्रोल पंप पर दबाव पड़ता है और ऑयल कंपनियां तुरंत कार्रवाई करती हैं।

सरकार और ऑयल कंपनियों की भूमिका
Petrol pump frauds in India पेट्रोल पंपों पर धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार और ऑयल कंपनियां कई कदम उठा रही हैं। वेट्स एंड मेजर्स डिपार्टमेंट नियमित रूप से पेट्रोल पंपों की मशीनों की जांच करता है और सर्टिफिकेशन प्रदान करता है। इसके अलावा, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL), और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) अपने पंपों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। हाल ही में, डिजिटल डिस्पेंसिंग मशीनों में ‘पल्सर चिप’ को अनिवार्य किया गया है, जो मीटर में छेड़छाड़ को मुश्किल बनाता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों की जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोक सकती है। उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अनिल शर्मा कहते हैं, “पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए ग्राहकों को खुद सतर्क रहना होगा। छोटी-छोटी सावधानियां, जैसे मीटर चेक करना और रसीद लेना, आपको बड़े नुकसान से बचा सकती हैं।”
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
1. How to avoid petrol pump scam?
पेट्रोल पंप स्कैम से बचने के लिए हमेशा ईंधन भरते समय मीटर पर नज़र रखें, शुरुआत में यह सुनिश्चित करें कि डिस्प्ले ‘0’ पर रीसेट हो। छोटी राशि से टेस्ट करके देखें, रसीद लें, कैशलेस पेमेंट करें, और केवल भरोसेमंद या कंपनी-स्वामित्व वाले पंप से ईंधन भरवाएं।
2. Where to complain about petrol pump scam?
आप शिकायत संबंधित ऑयल कंपनी के टोल-फ्री नंबर, उनकी वेबसाइट, या उपभोक्ता शिकायत पोर्टल (pgportal.gov.in) पर कर सकते हैं। इसके अलावा, वेट्स एंड मेजर्स विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
3. What is the pump switching scam?
पंप स्विचिंग स्कैम में ऑपरेटर ईंधन भरने के दौरान मशीन का नोज़ल या सेटिंग बदल देता है, जिससे मीटर में दिखाए गए ईंधन की मात्रा कम निकलती है। कई बार यह धोखाधड़ी तेज़ी से पंप बदलने या मीटर सेटिंग बदलकर की जाती है।
4. पेट्रोल पंप घोटाले की शिकायत कहां करें?
आप ऑयल कंपनी (जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके, उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर, या उपभोक्ता मामलों के विभाग और वेट्स एंड मेजर्स विभाग में शिकायत कर सकते हैं।
5. रिलायंस पेट्रोल पंप क्यों बंद हुआ?
कुछ समय पहले रिलायंस पेट्रोल पंप बंद होने का कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते प्राइसिंग अंतर और मार्जिन में कमी था। बाद में कंपनी ने फिर से अपने पंप संचालित करना शुरू किया।
6. पेट्रोल पंप चीटिंग कैसे चेक करें?
ईंधन भरवाते समय मीटर की रीडिंग और पंप की गति पर ध्यान दें। शुरुआत में डिस्प्ले 0 से धीरे-धीरे बढ़ना चाहिए, अचानक ‘जंप’ न हो। रसीद से मात्रा और कीमत का मिलान करें और शक होने पर तुरंत रोक लगाएं।
7. एलपीजी आईडी क्या है?
एलपीजी आईडी आपका यूनिक कंज्यूमर नंबर होता है, जिसे आपके गैस कनेक्शन से जोड़ा जाता है। यह सब्सिडी, बुकिंग और अन्य सेवाओं के लिए इस्तेमाल होता है।
8. क्या इंडियन ऑयल एक सरकारी कंपनी है?
हाँ, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) एक सरकारी उपक्रम (Public Sector Undertaking) है और भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
9. बीपीसीएल पेट्रोल पंप में शिकायत कैसे करें?
बीपीसीएल पेट्रोल पंप से संबंधित शिकायत के लिए 1800-22-4344 (टोल-फ्री नंबर) पर कॉल करें, BPCL की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, या वेट्स एंड मेजर्स विभाग में शिकायत करें।
