
Rajsamand murder case : राजसमंद जिले के खमनोर थाना क्षेत्र में डेढ़ महीने पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी भगवती लाल गमेती को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसके सहयोगी हेमराज को 12 अगस्त को हिरासत में लिया गया। दोनों को नाथद्वारा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
Khamnor murder news Rajasthan खमनोर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया कि 25 मई 2025 को बरवालीया से नवाघर दाड़मी जाने वाले मार्ग के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की पहचान न होने के कारण 29 मई को पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। कालूलाल पुत्र परथा भील, निवासी नेड़च, की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि उदयपुर जिले के गोगुंदा थाने में 31 मई को हीरालाल भील की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। हीरालाल 23 मई को खुमाणपुरा गांव से लापता हुआ था। बाद में, 2 जून को खमनोर में मिले शव की शिनाख्त हीरालाल के रूप में हुई।

बहन पर अभद्र टिप्पणी से भड़का गुस्सा
Sister insult leads to murder पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हिम्मत गमेती नामक व्यक्ति ने बताया कि मृतक हीरालाल और आरोपी भगवती लाल गमेती के बीच शराब पार्टी के दौरान विवाद हुआ। हीरालाल ने भगवती लाल की बहन के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे भगवती लाल आगबबूला हो गया। गुस्से में आकर भगवती लाल ने अपने साथी हेमराज के साथ मिलकर हीरालाल की हत्या की साजिश रची।
पानी में डूबोकर की हत्या
Rajsamand crime newsपुलिस के अनुसार, भगवती लाल और हेमराज ने हीरालाल को अपनी स्विफ्ट कार में बैठाकर खुमाणपुरा गांव के श्मशान घाट के पास ले गए। वहां बहते पानी में हीरालाल को डुबो दिया और उसके ऊपर पत्थर रखकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के अगले दिन, दोनों ने शव को कार में लादकर दाड़मी नेड़च के जंगलों में ले जाकर फेंक दिया, जो घटनास्थल से 15-17 किलोमीटर दूर था। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया है। खमनोर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। कई जगहों पर दबिश देने के बाद 10 अगस्त को मुख्य आरोपी भगवती लाल गमेती को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, 12 अगस्त को दूसरे आरोपी हेमराज को हिरासत में लिया गया। दोनों को नाथद्वारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

