
Udaipur school Incident : स्वतंत्रता दिवस के दिन राजस्थान के दो अलग-अलग जिलों में हुए हादसों ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उदयपुर में एक निर्माणाधीन सरकारी स्कूल का छज्जा गिरने से एक मासूम बच्ची की जान चली गई, जबकि दूसरी बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। दूसरी ओर, बूंदी के एक निजी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फॉल्स सीलिंग ढहने से पांच छात्र घायल हो गए। दोनों घटनाओं ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है।
उदयपुर जिले के कोटड़ा तहसील के आदिवासी बहुल पाथर पाड़ी गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। पीएमश्री स्कूल के निर्माणाधीन भवन का छज्जा अचानक ढह गया, जिसके मलबे में दबकर एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों बच्चियां उस समय स्कूल परिसर के पास बकरियां चरा रही थीं। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया, और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। उदयपुर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) ननिहाल सिंह ने बताया कि स्कूल का निर्माण कार्य चल रहा था, और इस दौरान स्कूल की कक्षाएं पास के एक अन्य भवन में संचालित हो रही थीं। हादसे के समय स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम चल रहा था, लेकिन निर्माणाधीन भवन में कोई गतिविधि नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत और घायल बच्चियां इस स्कूल की छात्राएं नहीं थीं। घायल बच्ची को तत्काल इलाज के लिए परिजन गुजरात ले गए।
ग्रामीणों में आक्रोश, घटिया निर्माण का आरोप
Udaipur school under construction collapse : इस हादसे के बाद पाथर पाड़ी गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और ठेकेदार पर घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। कोटड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
बूंदी: स्वतंत्रता दिवस समारोह में हादसा, 5 छात्र घायल
Bundi school false ceiling accident : इसी दिन बूंदी जिले में एक निजी स्कूल, सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। स्कूल के ऑडिटोरियम में फॉल्स सीलिंग अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबकर पांच छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों में चार छात्राएं—ट्विंकल (13) पुत्री विजेंद्र सोनी, अधीरा (6) पुत्री आदेश, सृष्टि (10) पुत्री विपुल, इतिशा (11) पुत्री अनुभव दाधीच—और एक छात्र विनय (10) पुत्र अदिश शामिल हैं।

हादसे के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग के अधिकारी, और स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और घायल बच्चों का हालचाल जाना। प्रारंभिक जांच में पता चला कि फॉल्स सीलिंग की खराब डिजाइन और रखरखाव की कमी इस हादसे का कारण हो सकती है।
स्कूल प्रशासन पर सवाल
Udaipur PM Shri school accident इस हादसे ने स्कूल प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए ऑडिटोरियम की सुरक्षा जांच पहले की जानी चाहिए थी। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया है।

राजस्थान में स्कूलों की जर्जर हालत पर चिंता
Students injured in Bundi ceiling collapse इन दोनों हादसों ने राजस्थान में सरकारी और निजी स्कूलों की आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की खराब स्थिति को फिर से उजागर किया है। हाल ही में झालावाड़ जिले में एक जर्जर स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत का मामला अभी लोगों के जेहन में ताजा है। उदयपुर और बूंदी की ये घटनाएं इस बात की चेतावनी हैं कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
सरकार और प्रशासन से मांग
शिक्षाविदों और अभिभावकों ने मांग की है कि राज्य के सभी स्कूलों का तत्काल स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाए। जर्जर भवनों में कक्षाएं बंद की जाएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं। साथ ही, निजी स्कूलों में भी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करवाया जाए। ग्रामीणों और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।



