
Personal loan Impact credit score : क्या आप भी अक्सर लोन के लिए आवेदन करने की आदत में हैं? यदि हां, तो यह आपके वित्तीय स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी मांगने से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि यह प्रभाव कैसे पड़ता है और इसे कैसे रोका जा सकता है, ताकि आपकी वित्तीय साख हमेशा मजबूत रहे।
लोन जीवन में कई बार बेहद उपयोगी साबित होता है, चाहे वह घर खरीदने के लिए होम लोन हो, शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन हो या फिर किसी इमरजेंसी के लिए पर्सनल लोन। लेकिन इस प्रक्रिया में आपका क्रेडिट स्कोर आपकी वित्तीय स्थिति का आईना होता है। एक मजबूत क्रेडिट स्कोर न केवल लेंडर्स के साथ आपका विश्वास बढ़ाता है, बल्कि यह आपके वित्तीय अनुशासन को भी दर्शाता है। यदि आप कभी अचानक इमरजेंसी लोन की जरूरत पड़ती है, तो अच्छा क्रेडिट स्कोर आपकी मददगार साबित हो सकता है। साथ ही, यह आपको कम ब्याज दरों और बेहतर शर्तों पर लोन हासिल करने में सहायता करता है, जो लंबे समय में आपकी जेब पर बोझ कम करता है।
बार-बार आवेदन का नकारात्मक असर
Personal loan application impact on credit score यदि आप छोटे समय में कई बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर गहरा असर डाल सकता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि लगातार लोन से संबंधित पूछताछ या हार्ड इंक्वायरी करने से आपका क्रेडिट स्कोर कमजोर हो सकता है। इससे लोन अप्रूवल की संभावना भी घट जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लेंडर्स इसे इस तरह देखते हैं कि आप बार-बार क्रेडिट की तलाश में हैं, जो वित्तीय अस्थिरता या जरूरत से ज्यादा कर्ज पर निर्भरता का संकेत देता है। यह स्थिति लेंडर्स को आपके प्रति सतर्क कर सकती है और आपकी Loan Eligibility को प्रभावित कर सकती है।
क्रेडिट स्कोर में गिरावट का कारण
Credit score drop due to hard inquiry क्रेडिट स्कोर में कमी का मुख्य कारण हार्ड इंक्वायरी है, जो तब होती है जब लेंडर्स आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि थोड़े समय में कई हार्ड इंक्वायरी होती हैं, तो यह लेंडर्स के लिए चिंता का विषय बन जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि आप शायद वित्तीय संकट में हैं या क्रेडिट पर अत्यधिक निर्भर हैं। हर हार्ड इंक्वायरी आपके क्रेडिट स्कोर से 5 से 10 अंक तक घटा सकती है, जो लंबे समय में आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को कमजोर कर देता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका स्कोर 750 था और तीन हार्ड इंक्वायरी हुईं, तो यह 720 या उससे भी कम हो सकता है, जो लोन मिलने की संभावना को कम करता है।
क्रेडिट स्कोर को नुकसान से कैसे बचें?
Loan eligibility after multiple applications अब सवाल उठता है कि क्रेडिट स्कोर पर पड़ने वाले इस नकारात्मक प्रभाव से कैसे बचा जाए? इसके लिए विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि आपको क्रेडिट कार्ड के लिए बार-बार आवेदन करने और कम समय में कई लोन के लिए अप्लाई करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, सॉफ्ट इंक्वायरी का सहारा लें, जो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर कोई असर नहीं डालती। सॉफ्ट इंक्वायरी के लिए आप सीधे लेंडर्स से संपर्क करने के बजाय किसी विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं, जैसे CIBIL वेबसाइट या अन्य वित्तीय ऐप्स। इससे आप अपनी क्रेडिट स्थिति की जांच कर सकते हैं बिना किसी जोखिम के।
सही रणनीति अपनाएं
क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रखने के लिए कुछ और कदम भी उठाए जा सकते हैं। सबसे पहले, लोन लेने से पहले अपनी जरूरत का सही आकलन करें और केवल तभी आवेदन करें जब यह वास्तव में जरूरी हो। दूसरा, अपने मौजूदा कर्ज को समय पर चुकाएं, क्योंकि EMI का समय पर भुगतान आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत करता है। तीसरा, क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो को 30% से नीचे रखें, यानी यदि आपके पास 1 लाख रुपये का क्रेडिट लिमिट है, तो 30,000 रुपये से ज्यादा का उपयोग न करें। चौथा, साल में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की समीक्षा करें ताकि कोई गलती या धोखाधड़ी का पता चल सके।
लेंडर्स की नजर में आपकी छवि
लेंडर्स आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेते हैं। बार-बार आवेदन करने से यह धारणा बन सकती है कि आप वित्तीय संकट में हैं, जिससे वे आपको हाई-रिस्क ग्राहक मान सकते हैं। इससे न केवल लोन मिलने में देरी होती है, बल्कि आपको ऊंची ब्याज दरों का सामना भी करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका क्रेडिट स्कोर 700 से ऊपर है, तो आपको 8-9% की ब्याज दर मिल सकती है, लेकिन स्कोर 600 से नीचे गिरने पर यह 12% या उससे अधिक हो सकती है, जो आपकी EMI को बढ़ा देता है।
दीर्घकालिक प्रभाव और समाधान
बार-बार लोन आवेदन का असर केवल तत्काल नहीं, बल्कि लंबे समय तक आपके वित्तीय भविष्य पर पड़ सकता है। कम क्रेडिट स्कोर के कारण भविष्य में होम लोन, कार लोन या बिजनेस लोन लेना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, बीमा प्रीमियम या किराए के लिए क्रेडिट चेक में भी यह बाधा बन सकता है। इससे बचने के लिए आप एक वित्तीय योजना बनाएं, जिसमें आप अपने कर्ज को व्यवस्थित करें और केवल आवश्यकता पड़ने पर ही लोन के लिए कदम उठाएं। किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
सॉफ्ट इंक्वायरी का महत्व
सॉफ्ट इंक्वायरी एक ऐसा तरीका है, जो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर कोई निशान नहीं छोड़ता। यह तब होता है जब आप स्वयं अपनी क्रेडिट स्थिति की जांच करते हैं या कोई लेंडर प्री-क्वालिफिकेशन के लिए आपकी रिपोर्ट देखता है। इसके विपरीत, हार्ड इंक्वायरी तब होती है जब आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए औपचारिक आवेदन करते हैं। सॉफ्ट इंक्वायरी के लिए आप CIBIL, Experian या PaisaBazaar जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर सकते हैं, जो मुफ्त में आपकी क्रेडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराते हैं। इससे आप अपनी स्थिति का आकलन कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सुधार की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
Personal Loan to Improve Credit Score
- क्रेडिट मिक्स बेहतर होता है
अगर आपके पास केवल क्रेडिट कार्ड का बकाया है, तो पर्सनल लोन लेने से आपकी क्रेडिट प्रोफाइल में विविधता (Credit Mix) आती है। यह स्कोर के लिए पॉज़िटिव माना जाता है। - समय पर EMI भुगतान
यदि आप हर महीने पर्सनल लोन की EMI समय पर भरते हैं, तो यह आपके Repayment History को मजबूत करता है। यह क्रेडिट स्कोर का सबसे अहम फैक्टर है। - क्रेडिट यूटिलाइजेशन कम होता है
पर्सनल लोन लेकर आप अपने क्रेडिट कार्ड का बकाया चुका सकते हैं। इससे आपका Credit Utilization Ratio कम हो जाता है, जो स्कोर सुधारने में मदद करता है। - छोटा लोन भी मददगार
ज्यादा बड़ी रकम का लोन जरूरी नहीं। आप छोटा Personal Loan लेकर भी स्कोर को सुधार सकते हैं, बशर्ते उसका भुगतान समय पर करें। - लंबी अवधि का लाभ
लगातार 12–18 महीने तक EMI सही समय पर भरने से आपका CIBIL Score धीरे-धीरे 650+ से 750+ तक जा सकता है।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
Do personal loan applications affect credit score?
हाँ, पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने पर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में Hard Inquiry दर्ज होती है। हर Hard Inquiry से आपके सिबिल स्कोर में 5–10 पॉइंट तक की गिरावट आ सकती है।
Will taking a personal loan affect credit score?
हाँ, पर्सनल लोन आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करता है। अगर आप समय पर EMI चुकाते हैं तो स्कोर बढ़ेगा, लेकिन देर या डिफॉल्ट करने पर स्कोर गिर जाएगा।
Does applying for a personal loan affect credit rating?
हाँ, पर्सनल लोन का आवेदन करने से क्रेडिट रेटिंग पर असर पड़ता है। बार-बार आवेदन करने से लेंडर्स को लगता है कि आप अधिक कर्ज़ पर निर्भर हैं, जिससे स्कोर कमजोर हो सकता है।
How much will my credit score drop if I apply for a loan?
आमतौर पर, हर Loan Application पर क्रेडिट स्कोर 5 से 10 अंक गिर सकता है। अगर आप कम समय में कई बार आवेदन करते हैं तो स्कोर पर ज्यादा नकारात्मक असर पड़ेगा।
तुरंत सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं?
- क्रेडिट कार्ड बकाया समय पर चुकाएं।
- EMI कभी मिस न करें।
- क्रेडिट यूटिलाइजेशन 30% से कम रखें।
- पुराना क्रेडिट कार्ड बंद न करें।
- साल में 1 बार अपनी सिबिल रिपोर्ट चेक करें और गलतियां सुधारें।
मेरा सिबिल स्कोर 600 है, क्या मुझे पर्सनल लोन मिल सकता है?
600 का स्कोर लो माना जाता है। इस स्कोर पर पर्सनल लोन मिलना मुश्किल है, लेकिन NBFCs या Private Lenders ज्यादा ब्याज दर पर लोन दे सकते हैं।
सिविल खराब होने पर कौन सा बैंक पर्सनल लोन देता है?
सिबिल खराब होने पर प्राइवेट NBFCs (जैसे Bajaj Finserv, Fullerton, Indiabulls, MoneyTap) या कुछ छोटे बैंक लोन देते हैं, लेकिन उनकी ब्याज दरें ज्यादा होती हैं और प्रोसेसिंग चार्ज भी अधिक लग सकता है।
अगर मैं सिबिल डिफाल्टर लिस्ट में हूं तो क्या मुझे होम लोन मिल सकता है?
नहीं ❌, अगर आप सिबिल डिफॉल्टर लिस्ट में हैं तो होम लोन मिलना लगभग नामुमकिन है। बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां केवल उन ग्राहकों को होम लोन देती हैं जिनका स्कोर 700+ हो।
सिबिल स्कोर ठीक होने में कितना समय लगता है?
सिबिल स्कोर सुधारने में 6 महीने से 18 महीने तक लग सकते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप EMI और क्रेडिट कार्ड पेमेंट समय पर कर रहे हैं या नहीं। लगातार अनुशासन से स्कोर 600 से 750+ तक लाया जा सकता है।
