
Banas river woman drowning : तेज बारिश के चलते उफान पर चल रही बनास नदी के मोही पुलिया पर गिरी महिला का चौबीस घंटे बाद गुरुवार सुबह पीपली आचार्यान में घाटी के पास शव मिला। एनडीआरएफ व सिविल डिफेंस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को तलाश लिया। फिर आरके जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है।
Woman body found in Banas river after 24 hours : कांकरोली थाना प्रभारी हंसाराम सिरवी ने बताया कि राज्यावास निवासी निर्मला कंवर (55) पत्नी विजयसिंह रावल बनास नदी में बुधवार सुबह 11 बजे मोही से राज्यावास पुलिया से नीचे गिर गई थी। नदी में पानी के तेज बहाव के चलते बह गई। पुलिस व प्रशासन चौबीस घंटे से महिला की तलाश में जुटा था। एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस के जवान, स्थानीय तैराक, ग्राम पंचायत मोही प्रशासन द्वारा तलाश के लिए आवश्यक संसाधन भी जुटाए गए, मगर महिला का पता नहीं चल पाया। गुरुवार सुबह सात बजे से ही बनास नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू हो गया और सुबह करीब 11 बजे मोही पुलिया से करीब 3 किमी. दूर पीपली आचार्यान के पास घाटी में बनास नदी में झाड़ियाें फंसा शव मिला। इस पर एनडीआरएफ के जवानों ने शव को इमरजेंसी नाव के जरिए बाहर निकाला। फिर महिला के शव को आरके जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। इस दौरान राजसमंद पुलिस उप अधीक्षक विवेकसिंह राव, कांकरोली थाना प्रभारी हंसाराम सिरवी, भू अभिलेख निरीक्षक विनोद कुमार शर्मा, मोही पटवारी कुलदीप बैरवा, राज्यावास के समाजसेवी विक्रमसिंह भाटी, पूर्व सरपंच बाबूलाल खारोल आदि भी मौके पर मौजूद थे। Woman drowned in Banas river Rajsamand

एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस की अहम भूमिका

Rajsamand Mohi bridge accident news : मोही पुलिया से निर्मला कंवर के बहने के बाद एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस टीमों की अहम भूमिका रही। इसमें एसडीआरएफ के हैड कांस्टेबल भारतसिंह, कांस्टेबल हीरालाल, मुकेश, महेश, शेर मोहम्मद, अमरसिंह, कर्मवीर, नरेश एवं सिविल डिफेंस के करणसिंह, हारुल सनाढय, सुरेश कुमावत, मोहित पालीवाल, नरेश मीणा, पूरणपुरी, नरेन्द्र पोरवाड़, जगदीश कुमावत आदि ने कड़ी मेहनत से तलाशी अभियान चलाया।
सदमे में पति, परिजन भी गमगीन

NDRF rescue operation Banas river : मृतक आशा सहयोगिनी निर्मला कंवर का पूरे गांव में मिनलसार व्यवहार था। इसके चलते बनास नदी में महिला के बहने के बाद समूचे राज्यावास गांव का माहौल गमगीन हो गया। पति विजयसिंह रावल को सदमे का गहरा आघात लगा। परिवार में दो पुत्र व एक पुत्री है, जिनकी शादी हो चुकी है। घटना के बाद राज्यावास में पैतृक आवास परिजन बदहवास की स्थिति में है।
