
EPFO PF withdrawal rules : भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) एक ऐसी बचत योजना है, जो न केवल रिटायरमेंट के लिए आर्थिक सहारा प्रदान करती है, बल्कि लंबी अवधि में धन संचय का एक शानदार जरिया भी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस योजना को संचालित करता है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों ही हर महीने बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा PF खाते में जमा करते हैं। यह राशि कर्मचारी के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ पेंशन और टैक्स छूट जैसे कई लाभ प्रदान करती है। लेकिन, कई बार लोग नौकरी बदलने के बाद अपने PF खाते से पैसे निकाल लेते हैं, जो उनकी वित्तीय योजनाओं को कमजोर कर सकता है।
क्यों है PF का पैसा निकालना नुकसानदायक?
नौकरी बदलते ही PF खाते से पैसे निकालने की आदत कई लोगों में देखी जाती है। कुछ लोग इसे पुरानी कंपनी से अपने रिश्ते को पूरी तरह खत्म करने का तरीका मानते हैं, तो कुछ को तत्काल नकदी (Cash) की जरूरत के चलते ऐसा करना पड़ता है। हालांकि, यह कदम तात्कालिक राहत तो दे सकता है, लेकिन दीर्घकालिक वित्तीय नुकसान का कारण बनता है। आइए समझते हैं कि PF का पैसा निकालने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं:
1. कंपाउंडिंग का लाभ खत्म हो जाता है
EPFO अपने खाताधारकों को आकर्षक ब्याज दर प्रदान करता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए EPF पर 8.25% की ब्याज दर तय की गई है, जो बाजार में उपलब्ध अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी बेहतर है। इस ब्याज का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग (Compound Interest) के रूप में मिलता है, जिसके कारण आपका निवेश समय के साथ कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप बार-बार PF का पैसा निकालते हैं, तो यह कंपाउंडिंग का जादू खत्म हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति 10 साल तक PF में योगदान करता है और बीच-बीच में पैसे निकाल लेता है, तो रिटायरमेंट के समय उसका फंड काफी कम हो जाएगा।
2. टैक्स की मार
PF खाते से पैसे निकालने का एक और बड़ा नुकसान टैक्स से जुड़ा है। यदि आपका PF खाता 5 साल से कम समय के लिए सक्रिय रहा है और आप उससे पैसे निकालते हैं, तो उस राशि पर टैक्स देना पड़ सकता है। इसके अलावा, अगर आपका खाता निष्क्रिय (Dormant) हो जाता है, यानी उसमें 3 साल तक कोई योगदान नहीं होता, तो उस पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स के दायरे में आ जाता है। वहीं, अगर आप 5 साल तक लगातार PF में योगदान करते हैं, तो निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसलिए, जल्दबाजी में पैसे निकालने से टैक्स की दोहरी मार पड़ सकती है।
3. पेंशन का लाभ खत्म
EPFO की स्कीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS), जिसमें नियोक्ता के 12% योगदान का 8.33% हिस्सा जाता है। यह राशि कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में मिलती है। अगर आप अपने PF खाते से पूरी राशि निकाल लेते हैं और EPS फंड को भी खाली कर देते हैं, तो आपको पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, अगर आप EPS फंड को बरकरार रखते हैं, तो 10 साल तक योगदान करने के बाद आपको पेंशन मिलने का हकदार बन सकते हैं। इसलिए, EPS फंड को सुरक्षित रखना आपके भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
PF अकाउंट को ट्रांसफर करें, निकालें नहीं
PF transfer process online नौकरी बदलने पर PF खाते से पैसे निकालने के बजाय उसे नई कंपनी में ट्रांसफर करना सबसे बेहतर विकल्प है। आज के डिजिटल युग में यह प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। EPFO के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) पोर्टल के जरिए आप कुछ ही क्लिक में अपने PF खाते को ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे न केवल आपका PF बैलेंस बरकरार रहता है, बल्कि ब्याज और कंपाउंडिंग का लाभ भी मिलता रहता है। ट्रांसफर करने से आपका EPS फंड भी सक्रिय रहता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ सुनिश्चित होता है।
ट्रांसफर की प्रक्रिया
- UAN पोर्टल पर लॉगिन करें: अपने UAN नंबर और पासवर्ड के साथ EPFO पोर्टल पर लॉगिन करें।
- ट्रांसफर रिक्वेस्ट सबमिट करें: ‘Online Services’ में जाकर ‘One Member – One EPF Account’ ऑप्शन चुनें।
- डिटेल्स भरें: पुरानी और नई कंपनी के PF अकाउंट डिटेल्स और अन्य जानकारी भरें।
- सबमिट करें: रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद नियोक्ता और EPFO इसे वेरिफाई करेंगे।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका PF बैलेंस नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा, और आपका फंड लगातार बढ़ता रहेगा।

टैक्स छूट का फायदा
Employee Pension Scheme EPF न केवल बचत और पेंशन का जरिया है, बल्कि यह टैक्स बचाने में भी मदद करता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत PF में किए गए योगदान पर 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, अगर आपका सालाना PF योगदान 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो अतिरिक्त राशि पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आ सकता है। वहीं, 2.5 लाख रुपये तक के योगदान पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। अगर आपका PF खाता 5 साल तक सक्रिय रहता है, तो निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन, अगर खाता 3 साल तक निष्क्रिय रहता है, तो उस पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल हो जाता है।
PF फंड को कैसे बनाएं मजबूत?
EPF contribution and withdrawal अपने PF फंड को लंबे समय तक मजबूत और लाभकारी बनाए रखने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर करें: इससे आपका फंड और EPS दोनों सुरक्षित रहेंगे।
- निष्क्रिय खाते को एक्टिव करें: अगर आपका PF खाता निष्क्रिय हो गया है, तो इसे जल्द से जल्द एक्टिव करें ताकि ब्याज टैक्स-फ्री बना रहे।
- लंबी अवधि तक निवेश करें: PF में जमा राशि को लंबे समय तक रखने से कंपाउंडिंग का अधिकतम लाभ मिलता है।
- जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी करें: अगर तत्काल नकदी की जरूरत है, तो पूरे PF बैलेंस के बजाय आंशिक निकासी का विकल्प चुनें। EPFO कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे मेडिकल इमरजेंसी, घर खरीदने या शादी के लिए आंशिक निकासी की अनुमति देता है।
क्यों है PF रिटायरमेंट का सहारा?
PF compound interest benefits प्रोविडेंट फंड को रिटायरमेंट की प्लानिंग का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है। यह न केवल आपको आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि पेंशन और टैक्स छूट जैसे लाभों के साथ आपके भविष्य को और मजबूत करता है। अगर आप अपने PF फंड को सही तरीके से मैनेज करते हैं, तो रिटायरमेंट के समय आपके पास एक बड़ा कोष होगा, जो आपको वित्तीय स्वतंत्रता देगा। इसके अलावा, EPS के तहत मिलने वाली पेंशन आपके बुढ़ापे में नियमित आय का स्रोत बन सकती है।
