
pothole birthday news : उदयपुर, जिसे झीलों की नगरी के रूप में जाना जाता है, आज एक अनोखे और व्यंग्यात्मक विरोध प्रदर्शन का साक्षी बना। शहर के मनवाखेड़ा इलाके में एक सड़क पर मौजूद गहरा गड्ढा पिछले एक साल से प्रशासन की उदासीनता का प्रतीक बन चुका है। 4 सितंबर 2025 को स्थानीय निवासियों ने इस गड्ढे का “पहला जन्मदिन” मनाकर नगर निगम (Municipal Corporation) और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (Smart City Project) के अधिकारियों की लापरवाही पर तंज कसा। इस विरोध प्रदर्शन में लोगों ने केक काटा और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी को रचनात्मक तरीके से व्यक्त किया। यह गड्ढा न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, बल्कि बारिश के मौसम में यह और भी खतरनाक हो गया है।
गड्ढे का “जन्मदिन” समारोह
Udaipur pothole protest गुरुवार सुबह, उदयपुर के हिरणमगरी से सटे मनवाखेड़ा इलाके में स्थानीय लोग एक अनोखे विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। इस क्षेत्र की एक प्रमुख सड़क पर मौजूद गहरा गड्ढा पिछले एक साल से ठीक नहीं किया गया है। इसकी अनदेखी से तंग आकर लोगों ने इस गड्ढे का “जन्मदिन” मनाने का फैसला किया। उन्होंने एक विशेष केक तैयार करवाया, जिस पर लिखा था, “गड्ढे को एक साल पूरा,” और इसे सड़क के बीच काटकर प्रशासन की लापरवाही पर कटाक्ष किया। यह अनोखा प्रदर्शन न केवल स्थानीय लोगों की हताशा को दर्शाता है, बल्कि यह प्रशासन को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाने का एक रचनात्मक प्रयास भी था।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह गड्ढा पिछले एक साल से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में, जब गड्ढा पानी से भर जाता है, यह और भी खतरनाक हो जाता है। लोगों ने बार-बार नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों से इसकी मरम्मत की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतें अनसुनी रहीं। इस “केक सेरेमनी” के जरिए उन्होंने प्रशासन को यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी अनदेखी अब सहनशक्ति की सीमा पार कर चुकी है।
गड्ढे की उत्पत्ति और समस्याएं
Udaipur pothole cake cutting protest मनवाखेड़ा के निवासी प्रेमचंद पटेल ने बताया कि यह गड्ढा तब बना, जब इलाके में सीवरेज लाइन (Sewerage Line) डालने का कार्य किया गया। लाइन बिछाने के बाद सड़क पर मिट्टी डालकर जल्दबाजी में सीमेंट-कंक्रीट (CC Road) की सतह बना दी गई। उन्होंने कहा, “सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि कुछ ही समय में इसमें गहरा गड्ढा बन गया। प्रशासन को कई बार सूचित करने के बावजूद इसे ठीक करने की कोई कोशिश नहीं की गई।”
स्थानीय निवासी प्यारेलाल डांगी ने बताया कि इस गड्ढे ने आवागमन को बेहद कठिन बना दिया है। बारिश के दौरान गड्ढा पानी से भर जाता है, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना असंभव हो जाता है। उन्होंने कहा, “पानी के नीचे छिपा यह गड्ढा पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों के लिए खतरा है। यहां तक कि स्कूल बसें (School Buses) भी इस रास्ते से गुजरने से बच रही हैं, क्योंकि गड्ढे की वजह से हादसों का जोखिम बढ़ गया है।”
विष्णु पटेल ने बताया कि यह सड़क पीस पार्क से मनवाखेड़ा तक जाती है और इलाके के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने कहा, “बड़े वाहन, जैसे ट्रक और बसें, इस रास्ते से नहीं गुजर पा रहे हैं। जब प्रशासन एक साल से इस समस्या को अनदेखा कर रहा है, तो हमने सोचा कि क्यों न इस गड्ढे का जन्मदिन मनाकर अपनी नाराजगी जाहिर की जाए। आखिर, हमें इसी के साथ जीना है!”

प्रशासन की उदासीनता और स्थानीय समस्याएं
Udaipur Manwakheda pothole news मनवाखेड़ा के निवासियों का कहना है कि यह गड्ढा केवल एक सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। उदयपुर, जो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विकसित हो रहा है, वहां इस तरह की समस्याएं शहर की प्रगति पर सवाल उठाती हैं। स्थानीय निवासी रमेश मीणा ने बताया, “हमने कई बार नगर निगम और स्मार्ट सिटी अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दीं। हमने स्थानीय पार्षदों और इंजीनियरों से भी मुलाकात की, लेकिन हर बार हमें केवल आश्वासन मिले। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।”
उन्होंने यह भी बताया कि बारिश के मौसम में यह गड्ढा और भी खतरनाक हो जाता है। पानी भरने से यह दिखाई नहीं देता, जिसके कारण छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ता विशेष रूप से जोखिम भरा है। स्थानीय निवासी मनीषा शर्मा ने कहा, “हमारे बच्चे स्कूल जाने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं, लेकिन गड्ढे की वजह से हम हर समय डर में रहते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत इसकी मरम्मत करे।”
