
Elderly woman legs cut : राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। चांदी के कड़ों की लालच में एक बुजुर्ग महिला पर इतना क्रूर हमला किया गया कि उसके दोनों पैर काट दिए गए। यह दर्दनाक वारदात गंगापुर सिटी के बामनवास क्षेत्र में 8 अक्टूबर की रात को अंजाम दी गई। पीड़िता, 65 वर्षीय कमला देवी, वर्तमान में जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। उनकी आपबीती सुनकर हर कोई सिहर उठता है।
घटना का भयावह विवरण
Rajasthan shocking crime : कमला देवी, जो बामनवास के सीत्तौड़ा गांव की निवासी हैं, ने बताया कि यह क्रूरता तब शुरू हुई जब आरोपी रामोतार उर्फ काडू बैरवा ने उनसे पहली बार 5 अक्टूबर को मुलाकात की। वह उनके घर पहुंचा और मजदूरी का लालच देकर उन्हें और उनकी बहू को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। कमला के अनुसार, रामोतार ने उन्हें 8 अक्टूबर की सुबह गंगापुर सिटी के बाईपास पर बुलाया। सुबह 9 बजे वह वहां पहुंचीं, लेकिन आरोपी करीब डेढ़ घंटे बाद आया। उसने कमला को अपनी पत्नी के पास बैठने को कहा और वादा किया कि वह उन्हें काम पर ले जाएगा।
हालांकि, काम पर ले जाने के बजाय, रामोतार ने कमला को शाम 8 बजे अपने किराए के कमरे पर ले गया, जहां उसकी एक महिला मित्र तनु भी मौजूद थी। वहां दोनों ने मिलकर कमला को खाना खिलाया और रात होने का हवाला देकर उन्हें सुबह घर छोड़ने का भरोसा दिलाया। कमला ने बताया कि उस समय उन्हें कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह थक चुकी थीं और भूखी भी थीं। लेकिन यह विश्वास उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गया।
क्रूर हमले का भयानक सच
Silver anklet robbery case : रात को रामोतार ने कमला को अपने कमरे से पीपली की कोठी के सुनसान इलाके में ले गया। कमला ने बताया कि उसने जब गाड़ी को मुख्य सड़क से हटाकर शॉर्टकट रास्ते पर ले जाने का कारण पूछा, तो रामोतार ने कहा कि वह “टॉयलेट” के लिए रुक रहे हैं। लेकिन यह केवल एक बहाना था। अचानक, रामोतार ने कमला का गला दबा दिया, जबकि उसकी साथी तनु ने उनका मुंह बंद कर दिया ताकि वह चीख न सकें। कुछ ही पलों में कमला बेहोश हो गईं।
जब उन्हें होश आया, तो वह झाड़ियों में पड़ी थीं, और उनके दोनों पैर काटे जा चुके थे। उनके पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। इस क्रूरता की कल्पना मात्र से ही रूह कांप उठती है। कमला ने बताया कि वह कई घंटों तक बेहोशी की हालत में झाड़ियों में पड़ी रहीं। सुबह जब होश आया, तो वह दर्द से कराहते हुए किसी तरह सरकती हुई मुख्य सड़क तक पहुंचीं।
मदद और पुलिस की कार्रवाई
Kamla Devi brutal attack : सुबह के समय दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां उस रास्ते से गुजरीं। कमला ने हिम्मत जुटाकर मदद के लिए आवाज दी, लेकिन पहला ड्राइवर नहीं रुका। दूसरा ड्राइवर उनकी हालत देखकर रुक गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमला को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी रामोतार उर्फ काडू बैरवा (32) और उसकी महिला मित्र तनु को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि रामोतार एक महीने पहले ही सेवर जेल से छूटकर आया था और वह पहले भी इस तरह की आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है।
पहले भी कर चुका है ऐसी वारदात
Woman leg cut for jewelry : पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि रामोतार ने पहले भी चांदी के आभूषणों के लिए इस तरह की क्रूरता को अंजाम दिया था। उसने और उसकी साथी तनु ने मिलकर मजदूरी का झांसा देकर कमला को अपने जाल में फंसाया और उनके चांदी के कड़ों के लिए यह अमानवीय कृत्य किया। पुलिस ने उन लोगों की भी पहचान कर ली है, जिन्हें आरोपियों ने चुराए गए कड़े बेचे थे।
कमला की दर्दनाक आपबीती
Brutal attack on elderly woman कमला देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। हॉस्पिटल में भर्ती कमला ने बताया कि वह और उनकी बहू मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करती हैं। उनके लिए चांदी के कड़े न केवल आभूषण थे, बल्कि उनकी मेहनत की कमाई का प्रतीक भी थे। इस क्रूर हमले ने न केवल उनके शरीर को चोट पहुंचाई, बल्कि उनके मन को भी गहरी ठेस दी है।
