
Gold Price Today : दिवाली के बाद भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सोना अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर (All-Time High) से ₹5,677 और चांदी ₹25,599 सस्ती हो गई है। यह गिरावट निवेशकों और खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है, क्योंकि दोनों धातुओं की मांग और आपूर्ति पर कई कारकों का प्रभाव पड़ा है। IBJA के अनुसार, 22 अक्टूबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम ₹3,726 घटकर ₹1,23,907 पर आ गई है। यह स्तर 20 अक्टूबर को ₹1,27,633 से कम है, जबकि 17 अक्टूबर को सोने ने ₹1,29,584 का ऑल-टाइम हाई बनाया था। इस तेज गिरावट ने बाजार में चर्चा को जन्म दिया है, क्योंकि सोना लंबे समय से निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Asset) माना जाता रहा है।
चांदी की कीमतों में भारी कमी
Silver Price Today : चांदी की कीमतों में भी एक दिन में ₹10,549 की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। 22 अक्टूबर को चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम ₹1,52,501 पर आ गई है, जो पहले ₹1,63,050 थी। गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को चांदी ने ₹1,78,100 का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था। इस तरह, चांदी की कीमतों में ₹25,599 की कमी आई है, जो बाजार में मांग और आपूर्ति के बदलते समीकरण को दर्शाता है।

कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
Sone ka Bhav : सोना और चांदी की कीमतों में हाल की गिरावट के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- त्योहारी खरीदारी का समापन: भारत में दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के बाद सोने और चांदी की मांग में कमी आना स्वाभाविक है। त्योहारी सीजन के दौरान गहनों और सिक्कों की खरीदारी अपने चरम पर होती है, लेकिन इसके बाद डिमांड में कमी देखी जाती है। इस साल भी, दिवाली के बाद बाजार में खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिसका असर कीमतों पर पड़ा।
- अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में कमी: सोना और चांदी को वैश्विक स्तर पर ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe-Haven) के रूप में देखा जाता है। आर्थिक अनिश्चितता या भू-राजनीतिक तनाव के समय निवेशक इन धातुओं की ओर रुख करते हैं। हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक की खबरों ने ट्रेड वॉर की चिंताओं को कम किया है। इससे निवेशकों का भरोसा अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिसके परिणामस्वरूप सोने-चांदी की मांग घटी।
- प्रॉफिट बुकिंग और तकनीकी संकेत: हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू की है। टेक्निकल इंडिकेटर्स जैसे रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ने संकेत दिया कि कीमतें ओवरबॉट जोन में थीं, जिसके बाद ट्रेंड फॉलोअर्स और डीलर्स ने बिकवाली बढ़ा दी। इस बिकवाली ने कीमतों को और नीचे धकेल दिया।
- वैश्विक आर्थिक स्थिरता: वैश्विक बाजारों में स्थिरता और अन्य निवेश विकल्पों, जैसे स्टॉक मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी, की ओर निवेशकों का रुझान भी सोने-चांदी की मांग को प्रभावित कर रहा है।
इस साल सोना और चांदी की कीमतों में उछाल
Chandi ka Bhav : हाल की गिरावट के बावजूद, 2025 में सोना और चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम ₹76,162 थी, जो अब ₹1,23,907 हो गई है। इस तरह, इस साल सोने में ₹47,745 की बढ़ोतरी हुई है।
इसी तरह, चांदी की कीमत भी इस दौरान ₹66,484 बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹86,017 थी, जो अब ₹1,52,501 हो गई है। यह वृद्धि निवेशकों के लिए इन धातुओं के दीर्घकालिक मूल्य को दर्शाती है, भले ही अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हों।

सोना खरीदते समय ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें
सोना और चांदी खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है ताकि आप सही निवेश कर सकें और धोखाधड़ी से बच सकें। निम्नलिखित टिप्स आपकी मदद करेंगे:
- BIS हॉलमार्क की जांच करें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा प्रमाणित सोना ही खरीदें। BIS हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और मानक के अनुरूप है। हॉलमार्क में एक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जैसे AZ4524, जो सोने की शुद्धता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह कोड आपको 24 कैरेट, 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने की पहचान करने में मदद करता है।
- कीमत और वजन की पुष्टि करें: सोने या चांदी की खरीदारी से पहले उसका वजन और उस दिन की बाजार कीमत को कई विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट या अन्य प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म इस जानकारी के लिए उपयुक्त हैं। ध्यान रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए सही कैरेट का चयन करें।
- विश्वसनीय विक्रेता चुनें: केवल प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें। संभव हो तो खरीदारी के समय बिल और सर्टिफिकेट अवश्य लें, जिसमें सोने की शुद्धता, वजन और कीमत का उल्लेख हो।
- बाजार के रुझानों पर नजर रखें: सोना और चांदी की कीमतें वैश्विक और स्थानीय कारकों पर निर्भर करती हैं। खरीदारी से पहले बाजार के रुझानों का अध्ययन करें और सही समय का चयन करें।
भविष्य में कीमतों का अनुमान
विश्लेषकों का मानना है कि सोना और चांदी की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबे समय में इन धातुओं का मूल्य बढ़ सकता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, मुद्रास्फीति, और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक इन धातुओं को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाए रखते हैं। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर निर्णय लें।

