
pm jan aushadhi kendra yojana : भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। इस परियोजना का संचालन केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स मंत्रालय के तहत फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा किया जाता है। इसका मूल उद्देश्य है हर नागरिक, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, को उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराना। इसके साथ ही, यह योजना लोगों में जेनरिक दवाओं के प्रति जागरूकता फैलाने और उद्यमियों को जन औषधि केंद्र खोलने का अवसर देकर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने का काम करती है। यह परियोजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाती है, बल्कि सामाजिक समावेशिता और आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित करती है। इस लेख में हम PMBJP के लाभ, जन औषधि केंद्र खोलने की योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, और इस योजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
PMBJP: एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत
Who can open a jan aushadhi Kendra : भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, जहां लाखों लोग महंगी दवाओं के बोझ तले दबे हैं, PMBJP एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। इस योजना का लक्ष्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण दवाइयां इतनी सस्ती कीमत पर मिलें कि उनकी जेब पर बोझ न पड़े। साथ ही, यह योजना जेनरिक दवाओं के प्रति लोगों के मन में बनी भ्रांतियों को दूर करने का काम करती है। जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती होती हैं, फिर भी इनकी गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाता।
इसके अलावा, यह योजना उद्यमियों, विशेष रूप से ग्रामीण और कम विकसित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। जन औषधि केंद्र खोलकर न केवल वे समाज सेवा का हिस्सा बन सकते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो सकते हैं। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) समुदाय के लोगों को प्रोत्साहित करती है।

PMBJP के प्रमुख लाभ
Jan Aushadhi Kendra list प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत कई लाभ हैं, जो इसे एक अनूठी और प्रभावी योजना बनाते हैं। आइए, इन लाभों को विस्तार से समझते हैं: Benefits of PMBJP scheme
- किफायती दवाइयां:
PMBJP के तहत उपलब्ध जेनरिक दवाइयां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती होती हैं। इससे न केवल मरीजों की जेब पर बोझ कम होता है, बल्कि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के बेहतर इलाज प्राप्त कर सकते हैं। - उच्च गुणवत्ता की गारंटी:
जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध सभी दवाइयां WHO-GMP (विश्व स्वास्थ्य संगठन-गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त की जाती हैं। इन दवाओं के प्रत्येक बैच का परीक्षण NABL (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज) मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में किया जाता है, जिससे उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। - उद्यमियों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन:
- सामान्य प्रोत्साहन: केंद्र संचालकों को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अतिरिक्त, मासिक खरीद पर 15% तक का लाभ भी प्रदान किया जाता है।
- विशेष प्रोत्साहन: उत्तर-पूर्वी राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, द्वीपीय क्षेत्रों, या असाधारण जिलों में केंद्र खोलने वालों को अतिरिक्त 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह लाभ महिलाओं, दिव्यांगजनों, और SC/ST समुदाय के उद्यमियों को भी प्रदान किया जाता है।
- मुनाफा: केंद्र संचालकों को दवाओं के MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) पर 20% का मार्जिन (टैक्स को छोड़कर) प्राप्त होता है, जो उनकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनता है।
- महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता:
2019 में, PMBJP ने महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जनऔषधि सुविधा ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन की शुरुआत की। ये नैपकिन मात्र 1 रुपये प्रति पैड की कीमत पर उपलब्ध हैं और देशभर के 10,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों पर मिलते हैं। यह पहल महिलाओं के लिए किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करती है। - रोजगार सृजन:
यह योजना न केवल सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराती है, बल्कि उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने का अवसर देकर रोजगार सृजन में भी योगदान देती है। खासकर ग्रामीण और कम विकसित क्षेत्रों में यह योजना स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र खोलने की योग्यता
Pm jan aushadhi kendra yojana Eligibility : जन औषधि केंद्र खोलने के लिए कुछ निर्धारित योग्यताएं हैं, जो इस प्रकार हैं:
- व्यक्तिगत आवेदक:
- आवेदक के पास D.Pharma (डिप्लोमा इन फार्मेसी) या B.Pharma (बैचलर इन फार्मेसी) की डिग्री होनी चाहिए।
- यदि आवेदक के पास यह डिग्री नहीं है, तो उसे एक योग्य फार्मासिस्ट को नियुक्त करना होगा।
- संगठन या संस्थान:
- गैर-सरकारी संगठन (NGO), अस्पताल, या अन्य संगठन भी जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास एक योग्य फार्मासिस्ट हो।
- विशेष श्रेणियां:
- योजना विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, और SC/ST समुदाय के लोगों को प्रोत्साहित करती है। इन श्रेणियों के आवेदकों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

जन औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया
Pm jan aushadhi kendra yojana apply online : प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। यह पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिससे आवेदकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। नीचे इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया दी गई है:
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:
- आधिकारिक वेबसाइट janaushadhi.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “Apply for Kendra” विकल्प पर क्लिक करें।
- “Register Now” पर क्लिक करके अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे नाम, मोबाइल नंबर, और ईमेल आईडी, दर्ज करें।
- रजिस्ट्रेशन के बाद आपको ईमेल के माध्यम से यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- लॉगिन और आवेदन:
- प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके वेबसाइट पर लॉगिन करें।
- आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- आवेदन शुल्क:
- आवेदन के लिए 5,000 रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क जमा करना होगा।
- यह शुल्क ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से जमा किया जा सकता है।
- दस्तावेज अपलोड:
- सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे फार्मासिस्ट सर्टिफिकेट, जमीन के दस्तावेज, और वित्तीय प्रमाण, PDF, JPEG, या PNG प्रारूप में अपलोड करें। प्रत्येक दस्तावेज का आकार 200 KB से अधिक नहीं होना चाहिए।
- आवेदन जमा करना:
- फॉर्म भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन जमा करें।
- आवेदन स्वीकृत होने पर आपको ईमेल के माध्यम से पुष्टि प्राप्त होगी।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- जमीन या स्थान से संबंधित दस्तावेज:
- केंद्र के लिए कम से कम 120 वर्ग फीट का स्थान होना चाहिए।
- स्थान का मालिकाना हक या लीज एग्रीमेंट का दस्तावेज।
- फार्मासिस्ट से संबंधित दस्तावेज:
- D.Pharma या B.Pharma डिग्री का सर्टिफिकेट।
- यदि आवेदक स्वयं फार्मासिस्ट नहीं है, तो नियुक्त फार्मासिस्ट का सर्टिफिकेट।
- वित्तीय क्षमता के प्रमाण:
- हाल का बैंक स्टेटमेंट।
- पिछले कुछ वर्षों का आयकर रिटर्न (ITR)।
- लाइसेंस:
- बिक्री लाइसेंस और ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन के दस्तावेज।
- विशेष प्रोत्साहन के लिए:
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, और SC/ST/दिव्यांग सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)।
- अन्य आवश्यक अंडरटेकिंग या प्रमाण पत्र।
PMBJP का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
Jan Aushadhi Kendra registration प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और आर्थिक क्रांति का प्रतीक है। यह योजना निम्नलिखित तरीकों से समाज को प्रभावित करती है:
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार:
सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराकर यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती है। - महिलाओं का सशक्तिकरण:
सस्ते सैनिटरी नैपकिन और महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि के माध्यम से यह योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। - ग्रामीण विकास:
ग्रामीण और कम विकसित क्षेत्रों में जन औषधि केंद्र खोलने के लिए विशेष प्रोत्साहन देकर यह योजना स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को गति देती है। - जागरूकता और शिक्षा:
जेनरिक दवाओं के प्रति लोगों की भ्रांतियों को दूर करके यह योजना स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देती है।
