
BSNL new monthly plan : सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (Bharat Sanchar Nigam Limited) ने अपने ग्राहकों के लिए एक किफायती Monthly Plan लॉन्च किया है, जिसकी कीमत मात्र ₹225 रखी गई है। इस नए प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग, हर दिन 100 SMS और डेली 2.5GB हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा की सुविधा दी जा रही है। प्लान की वैलिडिटी पूरे 30 दिन की है, जो इसे बाकी प्राइवेट ऑपरेटर्स के मुकाबले और भी फायदेमंद बनाती है।
🔹 30 दिन की वैलिडिटी: यूजर्स के लिए बड़ा फायदा
BSNL 2.5GB per day plan : वर्तमान में Jio, Airtel और Vodafone-Idea (Vi) जैसी निजी कंपनियां अपने मंथली प्लान्स के नाम पर सिर्फ 28 दिन की वैलिडिटी देती हैं। ऐसे में BSNL ने यूजर्स को पूरे 30 दिन की फुल वैलिडिटी देकर एक बड़ा लाभ दिया है। अगर पूरे साल के हिसाब से तुलना की जाए, तो BSNL के प्लान में प्राइवेट कंपनियों की तुलना में करीब 24 दिन की अतिरिक्त वैलिडिटी मिलती है। यानी सालभर में लगभग एक महीने का अतिरिक्त फायदा यूजर को मिल सकता है।

🔹 2.5GB डेली डेटा और 75GB तक हाई-स्पीड इंटरनेट
BSNL unlimited calling plan : नए ₹225 वाले BSNL प्लान में यूजर को हर दिन 2.5GB 4G Data मिलेगा। इस तरह पूरे 30 दिन में कुल 75GB डेटा का फायदा मिलेगा। अगर आपके इलाके में Jio या Airtel 5G की स्पीड कम मिल रही है, तो BSNL का 4G नेटवर्क एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि अब कंपनी देशभर में अपने नेटवर्क को तेजी से अपग्रेड कर रही है।
🔹 सीनियर सिटीजन्स के लिए स्पेशल एनुअल प्लान
BSNL 30 days validity plan : BSNL ने हाल ही में सीनियर सिटीजन्स (60 वर्ष से अधिक आयु) के लिए एक बेहद सस्ता और लाभदायक Annual Plan भी लॉन्च किया है। इस प्लान की कीमत ₹1812 है, जिसमें यूजर्स को पूरे 365 दिन की वैलिडिटी, अनलिमिटेड कॉलिंग, और हर दिन 2GB डेटा की सुविधा दी जा रही है। इस विशेष ‘BSNL Samman Plan’ में कंपनी फ्री सिम कार्ड भी दे रही है और साथ ही 6 महीने का मुफ्त BiTV सब्सक्रिप्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है और यूजर्स इसे 18 नवंबर तक खरीद सकते हैं।
🔹 हाल ही में लॉन्च हुआ 347 रुपए वाला प्लान
BSNL Samman plan for senior citizens BSNL ने पिछले महीने ₹347 का एक और प्लान लॉन्च किया था, जो 50 दिन की वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में भी यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग और डेली डेटा बेनिफिट्स मिलते हैं। कंपनी लगातार अपने प्लान्स को कस्टमर-फ्रेंडली बना रही है ताकि नए यूजर्स जुड़ें और पुराने ग्राहकों को भी बेहतर वैल्यू मिल सके।

🔹 BSNL 4G सर्विस अब देशभर में रोलआउट
27 सितंबर को BSNL ने अपनी 4G सर्विस को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया, जब कंपनी ने अपने 25 साल पूरे किए।
कंपनी ने घोषणा की कि देशभर में 92,600 से अधिक नए मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे नो नेटवर्क या कमजोर सिग्नल जैसी समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है। खास बात यह है कि BSNL ने अपनी स्वदेशी 4G तकनीक खुद विकसित की है। यह पूरी तरह ‘Made in India’ Technology Stack है, जिसे देशभर में 98,000 लोकेशंस पर लगाया जा रहा है। इसका मतलब है कि अब गांवों से लेकर शहरों तक हर जगह बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी।
🔹 5G के लिए तैयार है BSNL का नेटवर्क
BSNL का नया Indigenous 4G Stack पूरी तरह 5G Ready है। यह Cloud-based, Future-ready Design पर आधारित है, जिसे केवल Software Update के ज़रिए 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि BSNL को किसी बड़े Hardware Change की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। Telecom Minister Jyotiraditya Scindia ने भी कहा कि BSNL का नेटवर्क seamlessly 5G में अपग्रेड किया जा सकेगा, जिससे आने वाले महीनों में कंपनी देशभर में 5G Services शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।
🔹 BSNL के ग्राहकों की संख्या में गिरावट
हालांकि कंपनी लगातार अपने नेटवर्क और प्लान्स को बेहतर बना रही है, लेकिन TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) के जुलाई 2025 के आंकड़ों के मुताबिक BSNL और MTNL के सब्सक्राइबर्स में कमी आई है। जुलाई में BSNL के 1.01 लाख ग्राहक घटे, जबकि MTNL के भी सब्सक्राइबर्स में गिरावट देखी गई। वर्तमान में पब्लिक सेक्टर की दोनों कंपनियों का कुल मार्केट शेयर 8% से भी कम रह गया है। दूसरी ओर, Reliance Jio ने जुलाई में सबसे ज्यादा 4.83 लाख नए ग्राहक जोड़े, जबकि Airtel ने 4.64 लाख नए यूजर्स बढ़ाए। Vodafone-Idea (Vi) की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है, जिसके **3.59 लाख ग्राहक जुलाई में कम हुए।
🔹 आखिर BSNL की ऐसी हालत क्यों हुई?
BSNL की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। शुरुआती दौर में इसके अधिकारी निजी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए मोबाइल सर्विस को जल्द लॉन्च करना चाहते थे, लेकिन सरकारी मंजूरियों में देरी के कारण कंपनी पीछे रह गई। 2006 से 2012 के बीच BSNL ने अपने नेटवर्क विस्तार में बहुत धीमी प्रगति की, जबकि Private Operators ने इस दौरान बड़ी छलांग लगाई। नेटवर्क कंजेशन और कॉल ड्रॉप जैसी समस्याओं की वजह से यूजर्स ने BSNL छोड़कर Jio, Airtel और Vodafone-Idea का रुख कर लिया। 2010 में हुई 3G Spectrum Auction में BSNL ने हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह एक सरकारी कंपनी थी। वहीं, WiMAX आधारित BWA Spectrum के लिए कंपनी को भारी रकम चुकानी पड़ी, जिससे इसकी वित्तीय स्थिति और कमजोर हो गई। जैसे-जैसे मोबाइल क्रांति बढ़ी, Landline Connections में गिरावट आती गई। 2006-07 में BSNL के पास 3.8 करोड़ लैंडलाइन यूजर्स थे, जो 2014-15 तक घटकर सिर्फ 1.6 करोड़ रह गए। इसके बाद 4G Spectrum Allocation में भी देरी हुई, जिससे BSNL वहीं अटक गई, जबकि प्राइवेट कंपनियां 5G सर्विस तक पहुंच गईं।
