
old vehicle fitness test fees : अगर आपकी कार या बाइक 10-15 साल से ज़्यादा पुरानी है, तो अब जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने पुराने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट की फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) 2025 के तहत ये नई दरें तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं।
नई फीस कितनी बढ़ी? एक नज़र में
| वाहन की उम्र | वाहन का प्रकार | पहले फीस (लगभग) | नई फीस | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|
| 20 साल से ज़्यादा | प्राइवेट कार | ₹1,200-1,500 | ₹15,000 | 10 गुना |
| 20 साल से ज़्यादा | टू-व्हीलर (बाइक/स्कूटर) | ₹200-300 | ₹2,000 | 8-10 गुना |
| 20 साल से ज़्यादा | हैवी कमर्शियल व्हीकल (ट्रक-बस) | ₹2,500-3,000 | ₹25,000 | 10 गुना |
| 15-20 साल | प्राइवेट कार | — | ₹7,000-10,000 | नई कैटेगरी |
| 10-15 साल | प्राइवेट कार | — | ₹3,000-5,000 | नई कैटेगरी |
सबसे बड़ा बदलाव
vehicle fitness test new rules 2025 : पहले प्राइवेट वाहनों (कार-बाइक) का फिटनेस टेस्ट सिर्फ़ 15 साल पूरा होने के बाद ही शुरू होता था। अब यह सीमा घटाकर 10 साल कर दी गई है। यानी आपकी कार या बाइक जैसे ही 10 साल की होगी, हर 2 साल में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर पर ले जाकर फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराना पड़ेगा।
तीन नई कैटेगरी – उम्र के हिसाब से फीस
- 10 से 15 साल पुराने वाहन
- 15 से 20 साल पुराने वाहन
- 20 साल से ज़्यादा पुराने वाहन
गाड़ी जितनी पुरानी, फीस उतनी ज़्यादा – यह नया फॉर्मूला लागू कर दिया गया है।

सरकार ने फीस क्यों बढ़ाई?
RTO fitness certificate new charges : मंत्रालय का तर्क है कि:
- भारत में लाखों वाहन अपनी डिज़ाइन लाइफ (10-15 साल) के बाद भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
- पुराने वाहन प्रदूषण और सड़क हादसों का बड़ा कारण बनते हैं।
- अभी तक फिटनेस टेस्ट बहुत सस्ता होने की वजह से टेस्टिंग सेंटर पर आधुनिक मशीनें नहीं थीं, टेस्टिंग में लापरवाही होती थी।
- नई ऊँची फीस से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) पर हाई-टेक उपकरण लगेंगे, टेस्टिंग सख्त और पारदर्शी होगी।
- एमिशन, ब्रेक, सस्पेंशन, लाइट्स, टायर्स आदि का कंप्यूटरीकृत टेस्ट होगा।
पुराने वाहन मालिकों पर क्या असर पड़ेगा?
- India vehicle fitness test price hike : मिडिल क्लास फैमिली पर बोझ
15-20 साल पुरानी मारुति, ह्यूंदाई, होंडा सिटी जैसी गाड़ियां लाखों घरों में हैं। अब हर 2 साल में 5,000 से 15,000 रुपये सिर्फ़ फिटनेस टेस्ट के लिए देने पड़ेंगे। - ट्रांसपोर्टर सबसे ज़्यादा प्रभावित
ट्रक, बस, टैंकर मालिकों को हर वाहन पर 25,000 रुपये देने होंगे। एक छोटे फ्लीट ऑपरेटर के 10 ट्रक भी हों तो 2.5 लाख रुपये सालाना सिर्फ़ फिटनेस फीस में खर्च। - लोग जल्दी नई गाड़ी लेने को मजबूर
कई लोग अब सोच रहे हैं कि बार-बार इतना खर्च करने से बेहतर है पुरानी गाड़ी स्क्रैप करके नई गाड़ी ले लें। - सेकंड-हैंड मार्केट में बाढ़ आ सकती है
जो लोग महंगी फिटनेस फीस नहीं दे पाएंगे, वे अपनी गाड़ी जल्दी बेच देंगे। आने वाले महीनों में पुरानी गाड़ियों के दाम और गिर सकते हैं। - फेल होने पर री-टेस्ट की फीस भी दोगुनी-तिगुनी
पहली बार फेल होने पर सुधार करके दोबारा टेस्ट कराना पड़ेगा, जिसकी फीस भी हजारों में होगी।
व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को तेज़ करना
bike fitness test fee 2025 : सरकार का टारगेट 2030 तक सड़कों से 15 साल से पुराने ज्यादातर वाहनों को हटाना है। ऊँची फिटनेस फीस और सख्त टेस्टिंग से पुराने वाहन मालिक खुद ही स्क्रैपेज सेंटर की तरफ़ जाएंगे।
- पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर नई गाड़ी पर 4-5% तक छूट और रोड टैक्स में छूट मिलती है।
- कई राज्य अब रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर पर 20-25% तक अतिरिक्त बेनिफिट देने की तैयारी कर रहे हैं।
EV और BS-6 वाहनों को मिलेगा सबसे ज़्यादा फायदा
नई BS-6 और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को 15 साल तक फिटनेस टेस्ट से पूरी छूट है। यानी जो लोग अभी नई पेट्रोल-डीजल BS-6 या EV गाड़ी लेंगे, उन्हें 15 साल तक एक रुपया भी फिटनेस फीस नहीं देना पड़ेगा। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार लोगों को क्लीन और नई टेक्नोलॉजी की तरफ़ धकेल रही है।
वाहन मालिकों के लिए तुरंत सलाह
- अभी से गाड़ी का रेगुलर मेंटेनेंस शुरू कर दें – सर्विस, PUC, टायर्स, ब्रेक, लाइट्स सब ठीक रखें।
- ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर की पहले से बुकिंग कर लें, क्योंकि अगले 3-6 महीने में RTO और प्राइवेट ATS पर भारी भीड़ होने वाली है।
- अगर गाड़ी 13-14 साल पुरानी है और मेंटेनेंस कॉस्ट बहुत ज़्यादा आ रही है, तो स्क्रैपेज पॉलिसी का फायदा उठाकर नई गाड़ी लेने पर विचार करें।
पुरानी गाड़ी चलाना अब सस्ता नहीं रहा। सड़क सुरक्षा और स्वच्छ हवा के नाम पर आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। तैयार रहिए – नई फिटनेस फीस ने पुरानी गाड़ियों के दिन मुश्किल कर दिए हैं!
