
Rain Alert : राजस्थान में ठंड ने अब अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार रात से चल रही उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं ने पूरे राज्य में कनकनी बढ़ा दी है। बीती रात शेखावाटी क्षेत्र के फतेहपुर में पारा लुढ़ककर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। सुबह-सुबह खेतों में जमी ओस बर्फ की तरह चमक रही थी, जबकि कई इलाकों में हल्का कोहरा छाया रहा। किसानों के लिए यह नजारा किसी सर्द सुबह की याद दिला रहा था।
Rajasthan me Barish : मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से आ रही शुष्क और ठंडी हवाओं ने मंगलवार को दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की। इस सीजन में पहली बार ऐसा हुआ जब राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। सिरोही सबसे ठंडा रहा, जहाँ दिन का पारा सिर्फ 21.7 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुँच पाया। जयपुर, दौसा, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जैसलमेर और अलवर जैसे शहरों में दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की कमी देखी गई।
सबसे कम रात का तापमान
- फतेहपुर (सीकर) – 2.5°C
- सीकर – 6.5°C
- नागौर – 6.9°C
- चूरू – 6.8°C
- करौली – 8.4°C
- झुंझुनू – 8.7°C
- अलवर – 8.5°C
- पिलानी – 8.2°C
इन आँकड़ों से साफ है कि शेखावाटी और बीकानेर संभाग सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में हैं।

27 नवंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज
Weather Update : मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 27 नवंबर से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) राजस्थान के ऊपर सक्रिय होने वाला है। इस सिस्टम का असर दो दिन तक रहेगा। 27 नवंबर को जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं मेघगर्जना के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
28 नवंबर को यह सिस्टम पूर्वी राजस्थान की ओर बढ़ेगा और जयपुर, अजमेर संभाग के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश की यह गतिविधि भले ही हल्की हो, लेकिन सर्दी को और तेज करने में अहम भूमिका निभाएगी।
ठंड का असर आम जनजीवन पर भी
Rajasthan ka Mosam : सुबह-शाम की सिहरन अब लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर रही है। बाजारों में ऊनी कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। स्कूल जाने वाले बच्चे और सुबह जल्दी निकलने वाले लोग अब जैकेट, मफलर और टोपी का सहारा ले रहे हैं। किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद है, क्योंकि रात में जमी भारी ओस रबी की फसलों को प्राकृतिक सिंचाई दे रही है। आने वाले तीन-चार दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक राजस्थान में कई जगह पाला पड़ने की स्थिति भी बन सकती है।
