
Jaisalmer Tourist Places : थार के विशाल रेगिस्तान के बीच बसा जैसलमेर अपनी सांस्कृतिक विरासत, हवेलियों, ऐतिहासिक किलों और अनोखी डेज़र्ट सफारी के कारण दुनिया भर के पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य माना जाता है। ‘स्वर्ण नगरी’ कहलाने वाला यह शहर हर मौसम में सैलानियों को आकर्षित करता है, लेकिन दिसंबर से फरवरी का समय यहां घूमने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। जैसलमेर की सुनहरी रेत, शानदार वास्तुकला और राजस्थानी लोकसंस्कृति का अनूठा संगम हर पर्यटक को आकर्षित करता है। यहां हम जैसलमेर की उन प्रमुख जगहों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो आपकी यात्रा को वास्तव में अविस्मरणीय बना देंगी।
⭐ सैम सैंड ड्यून्स – थार का असली रोमांच

Jaisalmer Best Places to Visit : जैसलमेर शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित सैम सैंड ड्यून्स रेगिस्तान की अद्भुत सुंदरता को करीब से देखने का मौका देता है। दूर-दूर तक फैली सुनहरी रेत, ऊंट सफारी (Camel Safari) और तेज रफ्तार जीप सफारी (Jeep Safari) यहां आने वालों को उत्साह और रोमांच से भर देती है। शाम के समय यहाँ तंबूओं (Desert Camps) में राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य का ज़बरदस्त माहौल बनता है। तारे भरा आसमान और रेत के बीच होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
⭐ पटवों की हवेली – जैसलमेर का शाही कला धरोहर

Jaisalmer Travel Guide : 19वीं सदी में व्यापारी गुमानचंद पटवा द्वारा बनवाई गई पाँच हवेलियों का यह समूह अपनी बेहतरीन नक्काशी, जटिल डिज़ाइन और दीवारों पर बनी रंगीन पेंटिंग्स के लिए मशहूर है। इन हवेलियों में से एक को म्यूजियम में तब्दील किया गया है, जहां प्राचीन वस्तुएँ, पारंपरिक परिधान, आभूषण और राजस्थानी कला के कई दुर्लभ नमूने देखने को मिलते हैं। यह जगह जैसलमेर के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक जीवन की गहराई को दिखाती है।
⭐ गड़ीसर झील – शांति और सुंदरता का अद्भुत संगम

14वीं सदी में निर्मित गड़ीसर झील कभी शहर का प्रमुख जल स्रोत हुआ करती थी। आज यह जगह जैसलमेर का एक शांत और फोटोजेनिक पर्यटन स्थल बन चुकी है। झील के किनारे नक्काशीदार छतरियों, मंदिरों और खूबसूरत मेहराबों के बीच बैठकर सैलानी घंटों समय बिताते हैं। ‘तिलों की पोल’ नामक भव्य प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का झुंड इसकी खूबसूरती और बढ़ा देता है।
⭐ कुलधरा गांव – रहस्य और रोमांच से भरा ऐतिहासिक स्थल

Jaisalmer Kuldhara Village : जैसलमेर से 20 किलोमीटर दूर स्थित ‘कुलधरा’ सदियों पुराना एक वीरान गांव है, जिसे भूतहा गांव (Haunted Village) भी कहा जाता है। माना जाता है कि 18वीं सदी में यहां के सभी निवासी एक ही रात में गांव छोड़कर गायब हो गए थे। ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने यहां सूर्यास्त के बाद रुकने की मनाही लगाई है। दिन में यह जगह इतिहास प्रेमियों और साहसिक यात्रियों के लिए रोमांचक अनुभव प्रदान करती है।
⭐ जैसलमेर किला – UNESCO World Heritage Site

Jaisalmer Trip Plan : रेगिस्तान की रेत की तरह सुनहरे बलुआ पत्थरों से बना जैसलमेर किला दुनिया के कुछ चुनिंदा ‘Living Forts’ में से एक है, जहाँ आज भी लोग रहते हैं। सोनार किला या ‘Golden Fort’ के नाम से प्रसिद्ध यह किला 2013 में UNESCO World Heritage Site घोषित किया गया। इसकी गलियों में घूमते हुए पुरानी हवेलियाँ, मंदिर और स्थानीय बाजार राजस्थानी परंपराओं से भरी हुई एक अद्भुत दुनिया प्रस्तुत करते हैं।
⭐ तनोट माता मंदिर – चमत्कारों से भरा पवित्र स्थान

भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित तनोट माता मंदिर अपनी चमत्कारिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। 1971 के युद्ध में इस मंदिर पर गिराए गए कई बम फटे ही नहीं। आज भी वे बम मंदिर परिसर में सुरक्षित रखे हैं। मंदिर की देखभाल BSF करती है और यहां आने वाले लोगों को यह जगह आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत अनुभव देती है।
जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Jaisalmer)
जैसलमेर वैसे तो सालभर खूबसूरत दिखता है, लेकिन यात्रा का सबसे अच्छा मौसम नवंबर से फरवरी माना जाता है। सर्दियों के महीनों में रेगिस्तान का तापमान आरामदायक रहता है और दिन में घूमने के लिए बेहतरीन माहौल मिलता है।
दिसंबर–जनवरी में जैसलमेर में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, क्योंकि इस दौरान डेजर्ट सफारी, लोक नृत्य, और स्टार गेज़िंग का अनुभव बेहद शानदार होता है। फरवरी में आयोजित होने वाला Jaisalmer Desert Festival भी दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है।
🚌 By Road (सड़क मार्ग)
NH-11 के जरिए जैसलमेर आसानी से पहुँचा जा सकता है।
जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर से सीधी बसें और टैक्सी मिल जाती हैं।
जैसलमेर में कहाँ ठहरें? (Where to Stay in Jaisalmer)
जैसलमेर में बजट से लेकर लग्जरी तक हर तरह के होटल और रिसॉर्ट उपलब्ध हैं।
⭐ Budget Hotels
- होटल शाही पैलेस
- द डेजर्ट प्राइड
⭐ Mid-Range
- होटल फोर्ट व्यू
- जावेरा पैलेस
⭐ Luxury Resorts & Desert Camps
- सुयोजित डेजर्ट कैंप
- द सेरेना हवेली
- मून नाइट रिसॉर्ट
डेजर्ट कैंप में नाइट स्टे + लाइव म्यूजिक + सफारी का अनुभव जैसलमेर टूर की जान होता है।
डेजर्ट सफारी की कीमतें (Desert Safari Price Guide)
🐪 Camel Safari
- ₹300 – ₹800 (शॉर्ट राइड)
- ₹1000 – ₹1500 (लॉन्ग राइड)
🚙 Jeep Safari
- ₹1200 – ₹3500
(कंपनी और रूट पर निर्भर)
🌙 Night Desert Camping
- ₹1500 – ₹4500 प्रति व्यक्ति
(इसमें डिनर + नृत्य कार्यक्रम + स्टे शामिल हो सकता है)
जैसलमेर के फेमस खाने (Popular Food of Jaisalmer)
जैसलमेर आने वाले लोग इन व्यंजनों को जरूर ट्राई करते हैं—
- दाल बाटी चूरमा
- केर-सांगरी
- गट्टे की सब्जी
- मिसरी बाजरा रोटी
- मखनिया लस्सी
- राजस्थानी कढ़ी
- दही और छाछ
लोकल स्ट्रीट फूड: प्याज़ कचौड़ी, मावा कचौड़ी, मुठिया भी खूब पसंद किया जाता है।
जैसलमेर घूमने के लिए कितने दिन चाहिए? (Ideal Trip Duration)
📌 2-Day Plan
- पटवों की हवेली
- कुलधरा गाँव
- सम सैंड ड्यून्स
- कैमेल/जीप सफारी
📌 3-Day Plan
- जैसलमेर किला
- तनोट माता मंदिर
- लोद्रवा जैन मंदिर
- खाबा फोर्ट
- बड़ा बाग
इस तरह 3 दिन में जैसलमेर का पूरा अनुभव मिल जाता है।
जैसलमेर घूमने के टिप्स (Important Travel Tips)
- रेगिस्तान में दिन गर्म और रात बहुत ठंडी होती है—जैकेट साथ रखें।
- सनस्क्रीन, पानी की बोतल और कैप जरूरी है।
- ड्यून्स में कार्ड पेमेंट कम चलता है—थोड़ा कैश रखें।
- रात को हवा तेज होती है—कॉटन + वूलन दोनों रखें।
- ऊँट सफारी के दौरान कैमरा/मोबाइल सुरक्षित रखें।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
✅ What is Jaisalmer famous for?
जैसलमेर अपने ‘सोनार किला’, स्वर्णिम बलुआ पत्थर से बनी इमारतों, सैम सैंड ड्यून्स, रेगिस्तान सफारी, हवेलियों (विशेषकर पटवों की हवेली), और अपनी शाही राजस्थानी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।
✅ Are 2 days enough for Jaisalmer?
अगर आप केवल मुख्य स्थान (किला, हवेलियाँ, सैम सैंड ड्यून्स, कुलधरा गाँव) देखना चाहते हैं तो 2 दिन पर्याप्त हैं। लेकिन तनोट माता मंदिर, लोद्रवा जैन मंदिर, खाबा फोर्ट जैसे स्थान जोड़ने हों तो 3 दिन बेहतर हैं।
✅ How many places to visit in Jaisalmer?
जैसलमेर और आसपास मिलाकर लगभग 20 से अधिक प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। इनमें किला, हवेलियाँ, झीलें, रेगिस्तान, मंदिर, भूतीयां कहानियों वाले गाँव और कई ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं।
✅ जैसलमेर किस लिए प्रसिद्ध है?
जैसलमेर अपनी स्वर्णिम रेत, सोनार किला (Golden Fort), डेजर्ट सफारी, सैम सैंड ड्यून्स, हवेलियों, राजस्थानी लोक संस्कृति, ऊँट सफारी और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है।
✅ जैसलमेर के लिए 2 दिन काफी हैं?
हाँ, यदि आप मुख्य पर्यटन स्थल कवर करना चाहते हैं, तो 2 दिन पर्याप्त हैं। रेगिस्तान सफारी + सैम ड्यून्स + किला + हवेलियाँ → आसानी से 2 दिन में कवर हो जाते हैं।
✅ जैसलमेर जाने के लिए सबसे अच्छा महीना कौन सा है?
नवंबर से फरवरी जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय है। इस दौरान मौसम ठंडा और रेगिस्तान घूमने के लिए आरामदायक रहता है।
✅ क्या हम जैसलमेर में आकाशगंगा देख सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल। सैम सैंड ड्यून्स और खाबा फोर्ट आसपास का क्षेत्र ‘Dark Sky Zone’ माना जाता है, जहाँ साफ मौसम में आकाशगंगा (Milky Way) साफ दिखाई देती है।
✅ भारत का दूसरा सबसे बड़ा किला कौन सा है?
भारत का दूसरा सबसे बड़ा किला ‘मेहरानगढ़ किला’ (जोधपुर) माना जाता है। यह एशिया के सबसे मजबूत और विशाल किलों में भी गिना जाता है।
✅ क्या जैसलमेर एक सुनहरा शहर है?
हाँ, जैसलमेर को ‘Golden City of India’ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की इमारतें पीले बलुआ पत्थर से बनी हुई हैं, जो सूरज की रोशनी में सुनहरी चमक देती हैं।
✅ जैसलमेर में कौन सी भाषा बोली जाती है?
जैसलमेर में मुख्य रूप से मारवाड़ी बोली जाती है। इसके अलावा हिंदी और राजस्थानी भी व्यापक रूप से उपयोग में आती हैं।
