
Electricity new rules : देश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। आने वाले कुछ महीनों में पूरे देश में बिजली के दाम एक जैसे नहीं रहेंगे। अब बिजली का रेट इस बात पर निर्भर करेगा कि आप उसे दिन के किस समय उपयोग कर रहे हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने “Time of the Day Tariff (ToD Tariff)” का कानून पहले ही नोटिफाई कर दिया है, और अब सभी राज्यों को इसे लागू करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस नई व्यवस्था में सुबह, दोपहर, शाम और रात—हर स्लॉट में बिजली की अलग-अलग कीमत होगी। असम देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां ToD टैरिफ 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गया। अब अगले 3–6 महीनों में राजस्थान सहित सभी राज्यों में यह व्यवस्था लागू होना तय माना जा रहा है। यह प्रणाली ठीक वैसी होगी जैसे पहले मोबाइल कंपनियां रात और दिन के समय कॉल के अलग-अलग रेट तय करती थीं। उसी तरह अब बिजली भी peak hours, solar hours, और night hours में अलग-अलग दरों पर मिलेगी।
⭐ स्मार्ट मीटर से होगा ToD टैरिफ का संचालन
Time of the Day Tariff : जयपुर में आयोजित “प्रवासी राजस्थानी दिवस” कार्यक्रम के दौरान Genus Power Infrastructure Ltd. के Joint Director जितेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि आने वाले समय में ToD टैरिफ भारत के बिजली सिस्टम को पूरी तरह बदल देगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर इस बदलाव की रीढ़ हैं, क्योंकि ये हर 15 मिनट में बिजली खपत का डेटा रिकॉर्ड करके बिजली कंपनियों को भेजते हैं। उनके अनुसार— “भारत स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से पूरी विद्युत प्रणाली को डिजिटल बना रहा है। आने वाले 18 महीनों में राजस्थान के हर घर में स्मार्ट मीटर लग चुका होगा, जिससे ToD टैरिफ लागू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।”

⭐ देश में स्मार्ट मीटरिंग की मौजूदा स्थिति
Peak hour electricity price : अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार की RDSS योजना के तहत देश भर में 20 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने की मंजूरी मिल चुकी है।
नवंबर 2025 तक—
- 3.15 करोड़ स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक इंस्टॉल हो चुके हैं
- RDSS व non-RDSS मिलाकर कुल 4.76 करोड़ स्मार्ट मीटर लग चुकें हैं
आने वाले 5–6 साल में 25–26 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है।
कृषि कनेक्शन को फिलहाल इस सिस्टम से बाहर रखा गया है, क्योंकि वहां अलग सब्सिडी और फीडर सिस्टम चलता है।
⭐ 18 महीनों में राजस्थान के हर घर में स्मार्ट मीटर
Smart meter benefits India : Genus Power राजस्थान में अभी तक 20–22 लाख स्मार्ट मीटर लगा चुकी है। कंपनी का दावा है कि अगले एक से डेढ़ साल यानी 18 महीनों में पूरा राज्य स्मार्ट मीटरिंग से कवर हो जाएगा।
✔ स्मार्ट मीटर से मिलने वाले बड़े फायदे:
- रियल टाइम खपत डेटा – हर 15 मिनट में ऐप पर अपडेट
- कौन सा उपकरण कितना बिजली ले रहा है, इसकी सटीक जानकारी
- किसी उपकरण से होने वाली पेनल्टी या ओवरलोड का पता
- उपभोक्ता अपनी खपत की प्लानिंग कर सकता है
- बिलिंग की दिक्कतें खत्म—सबकुछ ऑनलाइन, बिना लाइन में लगे
⭐ Time of the Day Tariff क्या होगा और कैसे काम करेगा?
Electricity price change time wise : इस नए सिस्टम में पूरा दिन 3 मुख्य स्लॉट में बंटेगा:
🔵 1. Solar Hours (सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक)
- इस समय सोलर प्लांट्स बिजली का अधिक उत्पादन करते हैं
- बिजली सबसे सस्ती मिलने की संभावना
- उपभोक्ता 20–30% तक बचत कर सकते हैं
🔴 2. Peak Hours (शाम 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक)
- मांग सबसे ज्यादा
- बिजली कंपनियों को महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है
- यह स्लॉट सबसे महंगा होगा
🌙 3. Night Hours (रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक)
- कंपनियों को सबसे सस्ती बिजली मिलती है
- उपभोक्ता 30–40% तक फायदा उठा सकते हैं
- गीजर, वॉशिंग मशीन, EV चार्जिंग इसी समय करने पर भारी बचत
अग्रवाल ने कहा—
“विदेशों में उपभोक्ता अपने उपकरणों का टाइमर सेट करके उसी समय बिजली का उपयोग करते हैं, जब वह सबसे सस्ती होती है। भारत में भी यही मॉडल लागू होगा।”
⭐ ToD के बाद उपभोक्ता कैसे बचत कर पाएंगे?
उदाहरण के तौर पर—
- अगर आपका बिल ₹2000 आता है और आप Peak Hours में बिजली की खपत 40% कम कर देते हैं…
- और Solar या Night Slots में खपत बढ़ाते हैं…
तो आपका बिल ₹400–₹700 तक कम हो सकता है।
⭐ असम पहला राज्य, अब राजस्थान की बारी
असम में 100% स्मार्ट मीटरिंग लगभग पूरी होने के बाद 1 अप्रैल 2025 से ToD टैरिफ लागू हो गया।
असम में समय स्लॉट इस प्रकार प्रस्तावित हैं—
- Night Hours: 12 am – 6 am (सबसे सस्ता)
- Solar Hours: 6 am – 5 pm (सस्ता)
- Peak Hours: 5 pm – 12 am (सबसे महंगा)
राजस्थान में इस पर फैसला राज्य सरकार लेगी, लेकिन चूंकि केंद्र ने इसे कानून में शामिल कर दिया है, इसलिए इसे लागू करना अनिवार्य है।
⭐ बिलिंग सिस्टम पूरी तरह ऑनलाइन होगा
स्मार्ट मीटर लगने के बाद—
- लाइन में लगकर बिल जमा करने की जरूरत नहीं
- आप जितनी बिजली इस्तेमाल करना चाहते हैं, उतने रुपए का रिचार्ज कर सकते हैं
- यह सिस्टम मोबाइल के prepaid recharge जैसा होगा
- उपभोक्ता अपनी खपत खुद मॉनिटर करेगा
⭐ ToD से उपभोक्ताओं को सबसे बड़ा फायदा क्या मिलेगा?
✔ सस्ती बिजली वाले स्लॉट में उपकरण चलाकर बिल में बड़ी बचत
✔ बिजली कंपनियों पर Peak Hours का दबाव कम
✔ सोलर पावर का अधिक उपयोग
✔ ऊर्जा खपत में संतुलन
✔ ट्रांसफॉर्मर और लाइन लोड पर नियंत्रण
⭐ Genus Power के बड़े निवेश की घोषणा
अग्रवाल ने बताया कि Genus Power देश की सबसे बड़ी मीटर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है।
- हर चौथा मीटर Genus का है
- कंपनी ने सबसे बड़ा FDI लाया है
- Govt. of Singapore ने $2 Billion निवेश किया है
- Genus Power का योगदान $500 Million
- कंपनी के पास 27 हजार करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार है
