
Rajsamand road accident : राजसमंद जिले में चारभुजा थाना क्षेत्र में फोरलेन धानीन के पास बुधवार देर रात ट्रेलर के कुचलने से बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी तादाद में लोग एकत्रित हो गए और आक्रोश व्यक्त करने लगे, मगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लोगों से समझाइश करते हुए रास्ता बहाल करवा दिया। इधर, गुरुवार सुबह चारभुजा अस्पताल के मोर्चरी में शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है।
NH 58 road accident Rajasthan : चारभुजा थाने के सहायक उप निरीक्षक भंवरसिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर राजसमंद से गोमती के बीच धानीन गांव के पास कट पर ट्रेलर गलत साइड पर क्रॉस कर रहा था, तभी राजसमंद से गोमती की तरफ जा रहा खटामला पंचायत के सादड़ा निवासी 24 वर्षीय उदयसिंह पुत्र भीमसिंह राठौड़ चपेट में आ गया। ट्रेलर के टायर तले बाइक सवार उदयसिंह कुचलाने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बाद में गोमती चौकी व चारभुजा थाने से एएसआई भंवरसिंह, हरिसिंह, हैड कांस्टेबल विनोद मय पुलिस जाब्ते के घटना स्थल पर पहुंच गए। हादसे के बाद मौके पर कई लोग एकत्रित हो गए, जहां ट्रेलर के नीचे बाइक भी बुरी तरह से फंसी हुई थी। कुछ देर यातायात व्यवस्था भी बाधित हो गई, मगर पुलिस ने पहुंचकर ट्रेलर के नीचे फंसी बाइक को बाहर निकलवाया। फिर ट्रेलर को सड़क किनारे करते हुए आक्रोश लोगों से समझाइश करते हुए रास्ता बहाल करवाया। फिलहाल पुलिस ने ट्रेलर को जब्त करते हुए दुर्घटना का प्रकरण दर्ज करते हुए सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी। latest accident news

घायल की शंका पहुंचाया केलवा, फिर चारभुजा शिफ्ट
Trailer bike accident : एएसआई भवंरसिंह ने बताया कि भीषण सड़क हादसे में उदयसिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। फिर भी जिंदा होने की शंका पर उसे केलवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर शव को देर रात चारभुजा अस्पताल के मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया। साथ ही गुरुवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में पुलिस द्वारा शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
फोरलेन पर नहीं रूक रहे हादसे
accident news : उदयपुर से ब्यावर नेशनल हाइवे पर फोरलेन का निर्माण होने के बावजूद सड़क हादसे कम नहीं हो रहे हैं। खास तौर से फोरलेन के बीच कट अब जानलेवा बन गए हैं। इन स्थलों को पुलिस, परिवहन और पीडब्लूडी महकमे ने ब्लैक स्पॉट भी घोषित कर रखा है, मगर इसमें सुधार के प्रयास नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण संबंधित विभागीय अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जानते हुए भी ये ब्लैकस्पॉट ठीक क्यों नहीं हो पा रहे हैं



