
Mewar Marwar Rail Project : मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने वाला दशकों पुराना सपना अब साकार होने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। नाथद्वारा से देवगढ़ मदारिया तक निर्माणाधीन 82 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन पर काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। इस महत्वपूर्ण Rail Project का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है और इसे वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना पर कुल 968 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके पूरा होते ही मेवाड़ क्षेत्र को पहली बार मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान से सीधा Broad Gauge रेल संपर्क प्राप्त होगा, जिससे आवागमन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी।
मावली–मारवाड़ रेलखंड पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा काम
Nathdwara to Devgarh Railway Line : मावली जंक्शन से मारवाड़ जंक्शन तक फैले इस रेलखंड में नाथद्वारा से देवगढ़ मदारिया का हिस्सा सबसे अहम माना जा रहा है। रेलवे विभाग द्वारा इस मार्ग पर पुराने मीटरगेज ट्रैक को हटाकर ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके तहत ट्रैक चौड़ीकरण, पुल-पुलियाओं का विस्तार और आधुनिक तकनीक से ट्रैक बिछाने का कार्य किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संसाधनों और मानवबल की संख्या भी बढ़ाई गई है।
पश्चिमी राजस्थान से सीधे जुड़ेगा मेवाड़, यात्रा होगी आसान
Rajasthan New Railway Line 2026 : ब्रॉडगेज लाइन के देवगढ़ तक पहुंचते ही मेवाड़ क्षेत्र को उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे बड़े शहरों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे छात्रों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम यात्रियों को कम समय में, कम खर्च पर और अधिक सुविधा के साथ यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह कनेक्टिविटी क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देगी और लॉजिस्टिक्स तथा ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी नए अवसर पैदा करेगी।

Tourism को मिलेगी रफ्तार, स्थानीय अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
Udaipur Marwar Rail Connectivity : इस Rail Project का सबसे बड़ा लाभ पर्यटन उद्योग (Tourism Sector) को मिलने वाला है। अब तक देवगढ़, टाटगढ़, आमेट और आसपास के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल सीमित परिवहन सुविधाओं के कारण अपेक्षित विकास नहीं कर पाए थे।
रेल लाइन शुरू होने के बाद देश के कोने-कोने से पर्यटक आसानी से इन क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगे। इससे
- होटल और रिसॉर्ट व्यवसाय
- ट्रैवल एजेंसियां
- हस्तशिल्प उद्योग
- स्थानीय बाजार
- सेवा क्षेत्र
को सीधा फायदा होगा। साथ ही किसानों को अपने कृषि उत्पाद बड़े शहरों के बाजारों तक जल्दी पहुंचाने का बेहतर अवसर मिलेगा।
ब्रिटिशकाल की रेललाइन को मिल रहा नया जीवन
Aravalli Railway Project : मावली–मारवाड़ रेललाइन का निर्माण वर्ष 1936 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान किया गया था। उस समय यह रेल मार्ग उदयपुर और जोधपुर को जोड़ने के लिए बनाया गया था, लेकिन आज़ादी के बाद करीब 152 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड मीटरगेज तक ही सीमित रह गया। अब दशकों बाद इस ऐतिहासिक लाइन को ब्रॉडगेज में बदलकर आधुनिक रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे इसका स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।
अप्रैल 2024 से बंद है मीटरगेज ट्रेन संचालन
ब्रॉडगेज परियोजना का शिलान्यास जुलाई 2023 में नाथद्वारा में किया गया था। मावली से नाथद्वारा तक ब्रॉडगेज लाइन पहले ही पूरी की जा चुकी थी। इसके बाद नाथद्वारा से देवगढ़ तक गेज परिवर्तन का कार्य शुरू हुआ। इस प्रक्रिया के चलते अप्रैल 2024 से इस मार्ग पर मीटरगेज ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया, ताकि निर्माण कार्य बिना बाधा के तेजी से पूरा किया जा सके।
स्टेशनों का हो रहा आधुनिक कायाकल्प
इस रेल मार्ग पर स्थित कांकरोली, बेजनाल, सोनियाणा मेवाड़, कुंवारिया, लावासरदारगढ़, आमेट, कुंवाथल और देवगढ़ सहित सभी स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। स्टेशन विकास कार्य लगभग 60 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
विशेष रूप से कांकरोली स्टेशन पर
- तीन प्लेटफॉर्म
- यात्रियों के लिए फुट ओवरब्रिज
- रेलवे कर्मचारियों के लिए 14 आवासीय क्वार्टर
का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
रेलवे का बयान
रेलवे प्रवक्ता अशोक चौहान ने बताया,
“नाथद्वारा से देवगढ़ तक ब्रॉडगेज रेललाइन का कार्य 60 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। हमारा लक्ष्य इसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का है। फिलहाल परियोजना तेजी से प्रगति पर है।”
