
home construction cost : अब नए साल में अगर नए मकान बनाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपको झटका दे सकती है। HSBC Global Investment Research की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत में ही Cement Price Hike देखने को मिल सकता है, जिससे Construction Cost 2026 में तेज़ बढ़ोतरी की आशंका है। खास तौर से सीमेंट की दरें बढ़ेगी, जिससे मकान हो या कोई भी प्रोजेक्ट हो, उसकी कीमत बढ़ने की प्रबल संभावना है। ऐसे में कंट्रक्शन प्रोजेक्ट का प्लान बनाने वाले पहले से अतिरिक्त बजट की व्यवस्था कर लें, ताकि प्रोजेक्ट को पूरा करने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आए।
Cement Price Hike 2026 को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। अगर आप अगले साल घर बनाने या किसी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर सीधा असर पड़ सकता है। HSBC Global Investment Research की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक सीमेंट की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे निर्माण कार्य संबंधी पूरे प्रोजेक्ट पर असर पड़ेगा। इसलिए जो भी मकान, दुकान, मार्केट सहित किसी भी तरह के निर्माण कार्य का प्रोजेक्ट हो, उसके बजट को पहले से ही अतिरिक्त बजट रखें, ताकि भविष्य में सीमेंट की दरें बढ़ने पर बजट की समस्या नहीं रहे। हालांकि अतिरिक्त आर्थिक भार तो पड़ने ही वाला है, मगर एडवांस में तैयारी रखने पर बेवजह परेशानी से बचा जा सकता है।
2026 की पहली तिमाही में सीमेंट महंगी
cement prices rise : रिपोर्ट के अनुसार, Calendar Year 2026 (1QCY26) में सीमेंट की मांग मौसम के लिहाज़ से काफी मजबूत रहने वाली है। वहीं, नई उत्पादन क्षमता (New Capacity Addition) का असर तुरंत बाजार में नहीं दिखेगा। इसी वजह से कंपनियों को दाम बढ़ाने का मौका मिलेगा।
➡️ मजबूत मांग
➡️ सीमित सप्लाई
➡️ और बढ़ता Construction Cost 2026
कंपनियां बढ़ाएंगी दाम, कुछ बढ़ोतरी टिकेगी
home construction cost : HSBC का कहना है कि सीमेंट कंपनियां इस दौरान बड़े स्तर पर Price Hike Strategy अपनाएंगी।
हालांकि सभी बढ़ोतरी टिकेगी नहीं, लेकिन मजबूत मांग के चलते कीमतों का एक हिस्सा बाजार में बना रह सकता है।
इससे Real Estate Cost और Housing Market पर दबाव बढ़ना तय है।
नई क्षमता आएगी, लेकिन राहत देर से
Construction Cost : रिपोर्ट के मुताबिक, FY 2026-27 में सीमेंट इंडस्ट्री में 100 मिलियन टन से ज्यादा नई क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। लेकिन यह राहत तुरंत नहीं मिलेगी।
- नई क्षमता का असर: 2026 के दूसरे हिस्से में
- असर से पहले: 2026 की पहली छमाही तक ऊंचे दाम
यानी घर बनाने वालों के लिए शुरुआती महीनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
2025 की दूसरी छमाही क्यों रही कमजोर?
HSBC की रिपोर्ट बताती है कि 2025 की दूसरी छमाही सीमेंट सेक्टर के लिए खास अच्छी नहीं रही।
इसके पीछे ये कारण रहे—
- खराब मौसम
- सरकारी Infrastructure Spending में सुस्ती
- मांग में गिरावट
इस वजह से कंपनियां दाम बढ़ाने में नाकाम रहीं और मुनाफे पर दबाव बना रहा।
मांग बढ़ेगी, लेकिन पहले जैसी रफ्तार नहीं
आगे चलकर सीमेंट की मांग में सुधार तो होगा, लेकिन ग्रोथ पहले से धीमी रह सकती है।
- FY 2024 में मांग बढ़ोतरी: लगभग 9%
- आने वाले समय में अनुमान: 6–7% Demand Growth
चिंता की बात यह है कि नई क्षमता मांग से ज्यादा हो सकती है, जिससे आगे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

इन इलाकों में ज्यादा दबाव
दिसंबर तिमाही में परिचालन प्रदर्शन कमजोर रह सकता है, खासकर—
- Eastern India
- Southern India
इन क्षेत्रों में सीमेंट की कीमतों में क्रमिक गिरावट देखी गई है।
साथ ही Pet Coke Prices बढ़ने से लागत बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
दक्षिण और पूर्व भारत में फिर दाम बढ़ाने की तैयारी
Cement Price Hike : HSBC के अनुसार, सीमेंट कंपनियां South और East India में जनवरी से दाम बढ़ाने की कोशिश कर सकती हैं। हालांकि पूरी बढ़ोतरी टिकेगी नहीं, लेकिन कुछ हद तक सफलता मिलने की उम्मीद है।
➡️ इसका असर FY 2026 की चौथी तिमाही से
➡️ EBITDA Improvement के रूप में दिख सकता है
मध्यम अवधि में सेक्टर पर भरोसा
कुल मिलाकर, HSBC का सीमेंट सेक्टर को लेकर Mid-Term Outlook Positive बना हुआ है।
- मांग में सुधार
- पीक सीजन में अनुशासित कीमतें
- नई क्षमता का दबाव बाद में आना
ये सभी फैक्टर इंडस्ट्री को सपोर्ट कर सकते हैं।
