
Chil Blain in Winter : सर्दी का मौसम शुरू होते ही शरीर को बदलते तापमान के साथ खुद को एडजस्ट करना पड़ता है। ठंड और गर्मी के बीच होने वाला यह उतार-चढ़ाव कई बार शरीर के अंदरूनी संतुलन को बिगाड़ देता है। इसका असर अलग-अलग तरह की शारीरिक समस्याओं के रूप में सामने आता है। इन्हीं समस्याओं में एक आम लेकिन तकलीफदेह परेशानी है उंगलियों और शरीर के खुले हिस्सों में होने वाला इंफ्लेमेशन। अचानक उंगलियों का फूल जाना, लाल या नीला पड़ जाना, दर्द, जलन और खुजली जैसी दिक्कतें रोजमर्रा के कामों को भी मुश्किल बना देती हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि यह सामान्य ठंड की वजह से हो रहा है, लेकिन असल में यह एक मेडिकल कंडीशन हो सकती है, जिसे Chilblains कहा जाता है।
Chilblain Symptoms in Hindi : डॉक्टर्स के अनुसार, सर्दियों में ठंडी हवा के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है और त्वचा के टिशूज तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसी प्रक्रिया के चलते उंगलियों और अन्य हिस्सों में सूजन और इंफ्लेमेशन शुरू हो जाता है।
आज की जरूरत की खबर में हम विस्तार से जानेंगे—
- चिल ब्लेन क्या होता है
- यह क्यों होता है
- किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है
- इसके लक्षण क्या हैं
- घरेलू और मेडिकल बचाव के उपाय
- डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है
चिल ब्लेन क्या होता है?
Chil Blain Treatment : चिल ब्लेन को मेडिकल भाषा में Perniosis या Pernio भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें त्वचा लंबे समय तक ठंडी और नम हवा के संपर्क में रहती है। इससे त्वचा के पास मौजूद छोटी ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। जब ठंड के बाद त्वचा अचानक गर्म होती है, तो ये ब्लड वेसल्स तेजी से फैलती हैं। यह बदलाव कई बार इतना तेज होता है कि खून आसपास के टिशूज में रिसने लगता है। नतीजतन त्वचा पर लालिमा, सूजन, खुजली और जलन बढ़ जाती है। यही स्थिति चिल ब्लेन कहलाती है।

शरीर के किन हिस्सों में चिल ब्लेन होता है?
Chil Blain Home Remedies : चिल ब्लेन आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों में होता है, जो सर्दी में ज्यादा खुले रहते हैं। इनमें शामिल हैं—
- हाथ और पैरों की उंगलियां
- पैर की एड़ी
- नाक और कान
- गाल
कुछ मामलों में टाइट कपड़ों से रगड़ लगने पर यह जांघों या हिप्स पर भी हो सकता है। बहुत ही रेयर केस में बटॉक्स पर भी चिल ब्लेन देखा गया है।
चिल ब्लेन के लक्षण क्या होते हैं?
Winter Skin Care Tips : चिल ब्लेन के लक्षण धीरे-धीरे या अचानक उभर सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षण हैं—
- त्वचा पर लाल या नीले रंग के धब्बे
- हाथों और पैरों में सूजन
- प्रभावित हिस्से में दर्द, जलन या चुभन
- खुजली और असहजता
- कुछ मामलों में छोटे फफोले या घाव
- ठंड के बाद त्वचा का रंग बदल जाना
ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि आपको चिल ब्लेन की समस्या हो रही है।
किन लोगों को चिल ब्लेन का खतरा ज्यादा रहता है?
चिल ब्लेन किसी को भी हो सकता है, लेकिन रिसर्च के अनुसार महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा पाया गया है। इसके अलावा—
- जो लोग ठंडे और नम इलाकों में रहते हैं
- जिनकी स्किन सेंसिटिव होती है
- जिनका ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होता है
- लंबे समय तक ठंड में रहने वाले लोग
इन सभी में चिल ब्लेन का रिस्क अधिक रहता है।
चिल ब्लेन से बचाव के लिए क्या सावधानियां अपनाएं?
चिल ब्लेन से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि शुरुआत में ही इसे होने से रोका जाए। इसके लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं—
- ठंड में हाथ-पैर को हमेशा ढककर रखें
- गर्म दस्ताने और मोटे मोजे पहनें
- परतों वाले कपड़े (Layered Clothing) पहनें
- अचानक बहुत ज्यादा गर्म पानी या हीटर का इस्तेमाल न करें
- ठंड से लौटने पर शरीर को धीरे-धीरे गर्म होने दें
चिल ब्लेन का घरेलू इलाज क्या है?
चिल ब्लेन के हल्के मामलों में कुछ घरेलू उपाय काफी राहत दे सकते हैं—
- प्रभावित हिस्से को हल्की गर्माहट दें
- ब्लैंकेट या लो-सेटिंग हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें
- डायरेक्ट हीट से बचें, जैसे बहुत गर्म पानी
- हल्की मालिश करें, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो
- रोजाना खुशबू-रहित मॉइस्चराइजर लगाएं
- एलोवेरा जेल, कैलेंडुला क्रीम या ओटमील सोक से राहत मिल सकती है
- खुजलाने से बचें, वरना इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है
ध्यान रखें, अगर त्वचा फटी हो, फफोले हों या ज्यादा दर्द हो रहा हो, तो मालिश बिल्कुल न करें।
चिल ब्लेन से बचने के लिए सावधानियां
- अचानक ठंडा–गर्म न होने दें
- अचानक ठंड से गर्मी में न जाएं
- अचानक गर्मी से ठंड में न जाएं
- घर के अंदर हीटर जलाएं
- जितना हो सके, ठंड अवॉयड करें
- घर से बाहर कम निकलें
- शरीर ढककर बाहर निकलें
- हाथों को हमेशा गर्म रखें
- दस्ताने पहनकर बाहर जाएं
- रेगुलर एक्सरसाइज करें
- स्मोकिंग बिल्कुल न करें
चिल ब्लेन के लक्षण
- इंफ्लेमेशन
- घाव या फफोले
- दर्द या खुजली
- स्किन पर धब्बे (हाथ-पैर पर ज्यादा)
- स्किन के रंग में बदलाव (लाल या नीला)
चिल ब्लेन से जुड़े आम सवाल-जवाब
सवाल: चिल ब्लेन का इलाज कैसे होता है?
जवाब: आमतौर पर डॉक्टर फिजिकल चेकअप और ठंड के संपर्क की हिस्ट्री के आधार पर इसका डायग्नोसिस कर लेते हैं। गंभीर या बार-बार होने वाले मामलों में ब्लड टेस्ट या स्किन बायोप्सी भी कराई जा सकती है।
सवाल: चिल ब्लेन कितने दिनों में ठीक होता है?
जवाब: अधिकतर मामलों में चिल ब्लेन 2 से 3 हफ्तों में या मौसम गर्म होने पर अपने आप ठीक हो जाता है।
सवाल: डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
जवाब: अगर 2 हफ्ते तक घरेलू देखभाल के बावजूद लक्षण ठीक न हों, या बार-बार यह समस्या हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
