
Kisan Credit Card new rules 2026 देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card – KCC) के तहत लिया गया लोन चुकाने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस योजना को और अधिक Flexible, Practical और Modern बनाने के लिए नई संशोधित Guidelines का Draft जारी किया है। इस प्रस्ताव में किसानों को खेती से जुड़े आधुनिक खर्चों के लिए भी वित्तीय सहायता देने का प्रावधान जोड़ा गया है। RBI ने इस Draft पर आम जनता, बैंकों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य Stakeholders से 6 मार्च 2026 तक Feedback मांगा है। सुझावों के आधार पर Final Guidelines जारी की जाएंगी।
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना
RBI KCC loan repayment 6 years : किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत किसानों को समय पर सस्ता और आसान Credit उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मकसद किसानों को साहूकारों या महंगे अनौपचारिक लोन से बचाना है।
इस योजना के तहत किसान निम्न जरूरतों के लिए लोन ले सकते हैं:
- खेती की बुवाई और उत्पादन खर्च
- Harvest के बाद स्टोरेज और मार्केटिंग खर्च
- घरेलू जरूरतें
- फार्म एसेट्स की मरम्मत और रखरखाव
- कृषि से जुड़ी Allied Activities
साल 2019 में इस योजना का दायरा बढ़ाकर Animal Husbandry, Dairy और Fisheries सेक्टर को भी शामिल किया गया था।
RBI ने क्यों बदले नियम
KCC scheme latest guidelines India : RBI का मानना है कि खेती की लागत, तकनीक और खेती के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आ चुका है। लेकिन KCC की पुरानी संरचना अभी भी पारंपरिक खेती मॉडल पर आधारित थी। इसी कारण अब योजना को किसान की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।
प्रमुख बदलाव: अब लोन चुकाने को मिलेंगे 6 साल
KCC loan benefits for farmers : सबसे बड़ा बदलाव Loan Tenure को लेकर किया गया है।
- पहले लोन चुकाने की अवधि कम थी
- अब इसे बढ़ाकर 6 साल तक किया जा रहा है
इससे विशेष रूप से उन किसानों को फायदा होगा जो Long Duration Crops (जैसे बागवानी, फल, गन्ना आदि) उगाते हैं।
अब उन्हें जल्दबाजी में फसल बेचकर भुगतान करने का दबाव नहीं रहेगा।
फसल सीजन होगा Standardized
KCC loan limit increase news : अब सभी बैंकों में Crop Cycle एक जैसा रखा जाएगा:
- Short Duration Crop: 12 महीने
- Long Duration Crop: 18 महीने
पहले हर बैंक अलग समय तय करता था, जिससे Repayment Schedule में भ्रम होता था। अब Uniform System लागू होगा।

ड्रॉइंग लिमिट होगी वास्तविक लागत से जुड़ी
अब KCC की Drawing Limit को Scale of Finance यानी वास्तविक खेती लागत से जोड़ा जाएगा।
इसका मतलब:
- किसान को कम लोन मिलने की समस्या खत्म
- जरूरत के अनुसार पर्याप्त Working Capital मिलेगा
- खेती बीच में बंद होने का जोखिम कम होगा
20% अतिरिक्त राशि अब टेक्नोलॉजी खर्च पर भी
पहले KCC में फार्म एसेट्स की मरम्मत और रखरखाव के लिए 20% अतिरिक्त प्रावधान मिलता था।
अब इसमें Modern Agriculture Technology भी शामिल कर दी गई है।
अब किन खर्चों के लिए मिलेगा पैसा
- Soil Testing (मिट्टी जांच)
- Real Time Weather Forecast Services
- Organic Farming Certification
- Good Agricultural Practices (GAP)
- स्मार्ट खेती से जुड़ी सेवाएं
इससे खेती धीरे-धीरे पारंपरिक से वैज्ञानिक मॉडल में बदलने की उम्मीद है।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा
इन बदलावों से किसानों को कई स्तर पर लाभ होगा:
आर्थिक राहत
- लंबी अवधि में लोन चुकाने से EMI का दबाव कम
- फसल खराब होने पर तुरंत भुगतान का तनाव नहीं
पर्याप्त फंड
- असल लागत के अनुसार Credit Limit
- बीच सीजन में पैसों की कमी नहीं
आधुनिक खेती को बढ़ावा
- ऑर्गेनिक फार्मिंग को प्रोत्साहन
- मौसम आधारित खेती निर्णय
- मिट्टी के अनुसार उर्वरक उपयोग
कर्ज के जाल से मुक्ति
- साहूकारों पर निर्भरता घटेगी
- बैंकिंग सिस्टम से जुड़ाव बढ़ेगा
किन बैंकों पर लागू होंगे नियम
यह Draft Guidelines इन सभी संस्थानों पर लागू होंगी:
- Commercial Banks
- Small Finance Banks
- Regional Rural Banks (RRB)
- Cooperative Rural Banks
यानी लगभग पूरे ग्रामीण बैंकिंग ढांचे में एक समान नियम लागू होंगे।
पहले क्या दिक्कतें थीं
पुराने नियमों में कई समस्याएं सामने आती थीं:
- अलग-अलग बैंकों के अलग नियम
- लोन अवधि कम
- टेक्नोलॉजी खर्च शामिल नहीं
- वास्तविक लागत से कम फंड
नए प्रस्ताव इन कमियों को दूर करने का प्रयास है।
कब तक दे सकते हैं सुझाव
RBI ने सभी Interested Persons से 6 मार्च 2026 तक सुझाव मांगे हैं।
कोई भी व्यक्ति अपनी राय:
- ईमेल के माध्यम से
- RBI की Official Website पर
भेज सकता है।
Final Guidelines Feedback मिलने के बाद जारी की जाएंगी।
समग्र असर: खेती होगी अधिक आधुनिक और सुरक्षित
यदि ये नियम लागू होते हैं तो KCC सिर्फ लोन योजना नहीं बल्कि “Smart Agriculture Finance System” बन सकती है।
इससे खेती जोखिम से योजना आधारित व्यवसाय की ओर बढ़ेगी।
