
school science fair : राजसमंद शहर के पास भाणा स्थित पर्ल ग्रेस एकेडमी में विज्ञान मेले का आयोजन हुआ, जिसमें छात्र छात्राओं ने एक से बढ़कर एक हैरान व चकित कर देने वाले माॅडल बनाए। कक्षा 1 से 9 तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने हाथों से तैयार किए मॉडल व प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए।
students science exhibition models : स्कूल का मुख्य उद्देश्य था कि बच्चे किताबी ज्ञान के साथ साथ व्यावहारिक विज्ञान को समझें, प्रयोग करके सीखें और अपनी रचनात्मकता को सामने लाएं। मेले में छोटे बच्चों ने बहुत ही सरल, लेकिन आकर्षक मॉडल बनाए, जैसे पानी का चक्र, ज्वालामुखी का मॉडल, सौर ऊर्जा से चलने वाला छोटा पंखा और घरेलू सामान से बने विद्युत परिपथ। इसके अलावा कक्षा 6 से 9 के छात्रों ने अधिक जटिल प्रोजेक्ट तैयार किए, जिनमें जल संरक्षण के तरीके, प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के उपाय, सौर पैनल का कार्य सिद्धांत और बुनियादी रोबोटिक्स मॉडल शामिल थे। हर स्टॉल पर छात्र उत्साह से अपने प्रोजेक्ट की व्याख्या कर रहे थे और आने वाले अभिभावकों तथा अन्य छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे थे। कई छात्रों ने घर पर उपलब्ध सामग्री जैसे बोतल, कार्ड बोर्ड, बैटरी, तार और पुराने खिलौनों का इस्तेमाल करके कम लागत में प्रभावशाली मॉडल तैयार किए, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी दर्शाते थे। Pearl Grace Academy science fair
विज्ञान मेले ने जगाई सीखने की नई जिज्ञासा

science fair projects for students : मेले के दौरान स्कूल के विभिन्न कक्षाओं में अलग-अलग थीम पर आधारित स्टॉल सजाए थे, जिससे पूरा परिसर विज्ञान की प्रयोगशाला जैसा लग रहा था। निदेशक पुरुषोत्तम कुमावत ने पूरे मेले का विजिट किया। उन्होंने हर स्टॉल पर रुककर बच्चों से विस्तार से बात की, उनके प्रोजेक्ट के बारे में पूछा और उनकी मेहनत की प्रशंसा की। अभिभावकों ने भी बड़ी संख्या में मेले में पहुंचकर अपने बच्चों की कलाकारी व टैलेंट को देखा और स्कूल के इस प्रयास की सराहना की। कई अभिभावकों ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। यह विज्ञान मेला पर्ल ग्रेस एकेडमी की उन नियमित गतिविधियों में से एक है, जो छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें हाथों से काम करने और समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने की प्रेरणा देती है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ने में मदद करते हैं। मेले ने न केवल छात्रों को प्रोत्साहित किया, बल्कि पूरे स्कूल परिवार में विज्ञान के प्रति उत्साह का माहौल भी बनाया।





