
IBJA Gold Silver Price : अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू ट्रेडिंग के असर से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार, 6 मार्च को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक निवेशकों की Profit Booking और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण दोनों की कीमतों में कमी आई है।
India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में आज 1,177 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव घटकर ₹1,59,409 पर आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यही सोना ₹1,60,586 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन दिनों के दौरान सोना करीब ₹8,000 तक सस्ता हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू किया, जिसकी वजह से कीमतों में यह गिरावट देखने को मिली है।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
SILVER PRICE TODAY : सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली है। शुक्रवार को एक किलो चांदी की कीमत ₹902 घटकर ₹2,63,210 प्रति किलो पर पहुंच गई। गुरुवार को यही कीमत ₹2,64,212 प्रति किलो थी। यानी चांदी भी लगातार तीसरे दिन सस्ती हुई है। यदि पिछले तीन दिनों की बात करें तो चांदी की कीमत में करीब ₹26,000 तक की गिरावट आ चुकी है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाल के महीनों में चांदी में आई तेज तेजी के बाद ट्रेडर्स ने बड़े पैमाने पर Profit Booking की है, जिसके कारण कीमतों में यह गिरावट आई है।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
SILVER PRICE DROP : भारत में अक्सर देखा जाता है कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर होता है। इसके पीछे कई आर्थिक और स्थानीय कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा पर भारी खर्च होता है। आयात बंदरगाहों से दूर शहरों में ट्रांसपोर्ट लागत ज्यादा होती है, जिससे वहां सोने का भाव थोड़ा बढ़ सकता है।
2. स्थानीय मांग और खरीदारी
देश के कुछ हिस्सों, खासकर दक्षिण भारत में सोने की मांग ज्यादा रहती है। यहां देश की कुल खपत का लगभग 40 प्रतिशत सोना खरीदा जाता है। बड़ी मात्रा में खरीद होने पर ज्वेलर्स को डिस्काउंट मिलता है, जिसका असर स्थानीय कीमतों पर भी पड़ता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में स्थानीय Jewellers Association होती हैं, जो मांग और सप्लाई के आधार पर सोने की कीमत तय करने में भूमिका निभाती हैं। उदाहरण के लिए तमिलनाडु में Madras Jewellers Association स्थानीय बाजार के अनुसार दरें तय करती है।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की कीमत भी सोने के रेट को प्रभावित करती है। यदि किसी ज्वेलर ने पहले कम कीमत पर सोना खरीदा है तो वह ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम कीमत पर भी बेच सकता है।
ऑल-टाइम हाई से चांदी ₹1.23 लाख तक सस्ती
IBJA GOLD RATE UPDATE : साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2026 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख था, जो 29 जनवरी को बढ़कर ₹1.76 लाख के ऑल-टाइम हाई स्तर तक पहुंच गया था। उस रिकॉर्ड स्तर से अब तक सोना लगभग ₹17,000 सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी ने भी इसी दौरान रिकॉर्ड बनाया था। 31 दिसंबर 2026 को चांदी की कीमत लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। अब उस रिकॉर्ड स्तर से केवल 36 दिनों में चांदी ₹1.23 लाख तक सस्ती हो चुकी है।
सोना खरीदते समय इन 2 जरूरी बातों का रखें ध्यान
Sone ka bhav : यदि आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
1. हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
सोना खरीदते समय यह जरूर देखें कि उस पर Bureau of Indian Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा हो। यह हॉलमार्क एक Alphanumeric Code होता है, जैसे AZ4524। इससे यह पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का और कितना शुद्ध है।
2. कीमत को जरूर क्रॉस-चेक करें
सोना खरीदने से पहले उसकी कीमत कई स्रोतों से जांच लें। उदाहरण के लिए India Bullion and Jewellers Association (IBJA) की वेबसाइट पर रोजाना सोने के ताजा भाव अपडेट किए जाते हैं।
ध्यान रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं। इसलिए खरीदते समय कैरेट के अनुसार कीमत की जांच करना जरूरी है।



