
IRAN ISRAEL WAR UPDATES : तेहरान में तेल भंडारण सुविधा के पास भीषण आग की लपटें उठती नजर आईं। इसी तेल भंडार केंद्र पर इजराइल ने जून 2025 में भी हमला किया था। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसी बीच इजराइल ने ईरान के तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इजराइली मीडिया वाइनेट के अनुसार, ईरान के करीब 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। ट्रम्प के मुताबिक, इसका अर्थ यह है कि ईरान इस स्थिति में न बचे कि वह आगे लड़ाई जारी रख सके और अंततः उसे आत्मसमर्पण करना पड़े। उन्होंने कहा कि या तो ईरान खुद सरेंडर करे या फिर उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने की स्थिति में ही न रहे। दूसरी ओर, ईरानी सेना ने शनिवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसके जहाज फारस की खाड़ी में पहुंचे, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी नौसेना ऑयल टैंकरों की सुरक्षा के लिए जल्द फारस की खाड़ी में जहाज भेज सकती है। ये टैंकर आमतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरते हैं।
जंग के बड़े अपडेट्स
- ईरान में अब तक 6,668 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया जा चुका है।
- इन हमलों में 5,535 घरों और 1,041 दुकानों को नुकसान पहुंचा है।
- 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूलों पर भी हमले हुए हैं।
- अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध में अब तक 1,483 लोगों की मौत हो चुकी है।
- रेड क्रिसेंट के 13 सेंटर भी हमलों की चपेट में आए हैं।
- इस युद्ध में अब तक इजराइल के 1,765 लोग घायल हुए हैं।

ट्रम्प का दावा- ईरान अब दबंग नहीं, ‘लूजर’ बन गया है
ISRAEL ATTACK ON IRAN OIL DEPOT : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि ईरान अब अपने पड़ोसी देशों के सामने झुक चुका है। उन्होंने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और भरोसा दिया है कि अब उन पर हमला नहीं करेगा। उनके मुताबिक, यह सब अमेरिका और इजराइल के लगातार सैन्य दबाव का नतीजा है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं रहा, बल्कि एक ‘लूजर’ बन गया है। उन्होंने संकेत दिया कि यह स्थिति तब तक बनी रह सकती है, जब तक ईरान या तो आत्मसमर्पण न कर दे या पूरी तरह कमजोर न हो जाए। दरअसल, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में पड़ोसी देशों पर हुए हमलों को लेकर खेद जताया था। उन्होंने कहा था कि जब तक किसी पड़ोसी देश की जमीन से ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा, तब तक ईरान भी उन देशों को निशाना नहीं बनाएगा।
युद्ध से जुड़ी तस्वीरों की झलक
- TEHRAN OIL STORAGE BLAST : ट्रम्प कुवैत में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों के शव वापसी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मेलानिया ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद रहे।
- 7 मार्च को ईरान के इस्फहान स्थित शाहिद बेहेश्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धमाके के बाद का फुटेज सामने आया।
- दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए ईरानी ड्रोन हमले का वीडियो भी सामने आया।
- तेहरान में अमेरिकी-इजराइली हमले में मारी गई 2 साल की जैनब साहेबी के अंतिम संस्कार में एक व्यक्ति उसके शव को हाथों में उठाकर रोता दिखा।
- ब्रिटेन में शनिवार को ईरान युद्ध समाप्त करने की मांग को लेकर मार्च निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किया।
- वहीं, इंटरनेशनल विमेंस डे मार्च के दौरान कुछ ईरानी महिलाओं ने अमेरिका के समर्थन में भी रैली निकाली।
श्रीलंका में इलाज करा रहे ईरानी नाविकों को अस्पताल से छुट्टी
TRUMP ON IRAN SURRENDER : अमेरिकी हमले में एक ईरानी जहाज के डूबने के बाद बचाए गए 22 ईरानी नाविकों को श्रीलंका के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह जानकारी समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट में सामने आई है। इन नाविकों का इलाज श्रीलंका के दक्षिणी बंदरगाह शहर गाले के करापिटिया अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि अभी भी 10 नाविक इलाज के लिए भर्ती हैं। अधिकारी के अनुसार, हिंद महासागर से बरामद किए गए 84 ईरानी लोगों के शव भी इसी अस्पताल में रखे गए हैं। कई अन्य नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं।ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जिस समय अमेरिकी हमले में जहाज डूबा, उस वक्त उस पर कम से कम 130 नाविक सवार थे।
मिडिल ईस्ट के कई देशों पर रविवार सुबह ड्रोन हमले
IRAN OIL TANKS ATTACKED : मिडिल ईस्ट के कई देशों ने रविवार सुबह ड्रोन और मिसाइल हमलों की नई लहर की पुष्टि की है। इन हमलों के बाद कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया। कुवैत की सेना ने बताया कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के फ्यूल स्टोरेज को कई दुश्मन ड्रोन ने निशाना बनाया। वायु रक्षा प्रणाली ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। हालांकि, इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से कुछ नागरिक ढांचों को नुकसान पहुंचा। ये हमले ऐसे समय में हुए, जब शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी देशों से माफी मांगते हुए कहा था कि अगर उन पर हमला नहीं हुआ, तो ईरान भी अपने पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाएगा। बाद में उनके दफ्तर ने स्पष्ट किया कि उनका आशय यह था कि यदि क्षेत्रीय देश अमेरिका के हमले में सहयोग नहीं करेंगे, तो ईरान भी उन पर हमला नहीं करेगा।
ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल को इजराइल ने हवा में रोका
ईरान की ओर से इजराइल पर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया। इजराइली सेना के अनुसार, आधी रात के बाद यह तीसरा हमला था, लेकिन अब तक किसी भी इलाके में सीधे नुकसान की खबर नहीं है। किसी के घायल होने की भी सूचना नहीं मिली है। हमले के दौरान जिन इलाकों में सायरन बजाए गए, वहां नागरिकों को बम शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए थे। बाद में इजराइली सेना के होम फ्रंट कमांड ने बताया कि जिन क्षेत्रों में सायरन बज रहे थे, वहां के लोग अब सुरक्षित रूप से शेल्टर से बाहर निकल सकते हैं।
ईरान के लड़कियों के स्कूल पर हमले को युद्ध अपराध मानकर जांच की मांग
मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने दक्षिणी ईरान के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले की जांच युद्ध अपराध के रूप में किए जाने की मांग की है। इस हमले में 160 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल थे। ह्यूमन राइट्स वॉच की डिजिटल इन्वेस्टिगेशंस लैब की शोधकर्ता सोफिया जोन्स ने कहा कि किसी भी अवैध हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। यदि युद्ध अपराध हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हमले की तुरंत, निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए। जांच में यह भी देखा जाना चाहिए कि हमले के जिम्मेदार लोगों को पहले से यह जानकारी थी या नहीं कि वहां एक स्कूल है और उस समय बच्चे व शिक्षक मौजूद होंगे।
रिपोर्ट- ईरान की सरकार गिराना अमेरिका के लिए आसान नहीं
अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि अमेरिका के नेतृत्व में ईरान पर बड़ा जमीनी हमला भी किया जाए, तब भी वहां की मौजूदा सरकार को हटाना आसान नहीं होगा। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने इस बात पर भी संदेह जताया है कि यह युद्ध चार से छह हफ्तों में खत्म हो सकेगा। यह रिपोर्ट उस समय तैयार की गई थी, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला शुरू किया था। अभियान के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर मौजूदा सरकार कमजोर पड़ती भी है, तो बिखरी हुई विपक्षी ताकतों के सत्ता संभालने की संभावना फिलहाल कम नजर आती है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शनिवार रात 40 से ज्यादा ड्रोन दागे गए, जिनमें से लगभग 33 को हवा में ही मार गिराया गया।
ईरान ने इजराइल पर फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल
इजराइली सेना ने कहा है कि ईरान की ओर से एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई है। इसके बाद दक्षिणी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजने की आशंका जताई गई। आईडीएफ ने कहा कि कुछ देर पहले नागरिकों को बम शेल्टर से बाहर निकलने की अनुमति दी गई थी, लेकिन नए खतरे की जानकारी मिलने के बाद फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया। सेना ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों या बम शेल्टर में जाने के लिए तैयार रहने को कहा। ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष में लगातार मिसाइल और हवाई हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है।
ईरानी हमले में दो कुवैती गार्ड्स की मौत
कुवैत में रविवार सुबह हुए ईरानी हमले में ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के फ्यूल टैंकों में लगी आग पर अब काबू पा लिया गया है। सरकारी मीडिया कार्यालय के अनुसार, सोशल सिक्योरिटी कार्यालय की मुख्य इमारत में लगी आग को बुझाने का काम अब भी जारी है। फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार मोर्चे पर डटी हुई हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी अमेरिकियों को नुकसान पहुंचाता है या उन्हें धमकी देता है, तो अमेरिका उसे दुनिया में कहीं भी ढूंढकर खत्म कर देगा। उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया। हेगसेथ ने कहा, “अगर आप अमेरिकियों को मारते हैं या दुनिया में कहीं भी उन्हें धमकी देते हैं, तो हम बिना किसी माफी और बिना किसी हिचकिचाहट के आपको ढूंढकर मार देंगे।” इस बयान के साथ 21 सेकंड का एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें अमेरिकी सेना की बमबारी में वाहनों और इमारतों को नष्ट होते दिखाया गया।
चीन ने अमेरिका-इजराइल से युद्ध रोकने की अपील की
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। उन्होंने इस संघर्ष को तत्काल रोकने और बातचीत की राह अपनाने की अपील की। बीजिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वांग यी ने कहा कि ताकत के इस्तेमाल से इस संकट का समाधान संभव नहीं है। केवल सैन्य कार्रवाई किसी समस्या का स्थायी हल नहीं दे सकती। उन्होंने कहा, “दुनिया को फिर से जंगल के कानून की ओर नहीं जाना चाहिए।” वांग यी ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान में सरकार बदलने की मांग को वहां की जनता का व्यापक समर्थन हासिल है। चीन ने एक बार फिर दोहराया कि मौजूदा संकट का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि कूटनीतिक बातचीत से निकल सकता है।
कुवैत ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं
कुवैत ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सरकारी जानकारी के मुताबिक, कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के फ्यूल टैंकों पर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई थी। इसके अलावा, पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी की मुख्य इमारत पर हुए हमले के बाद भी आग लगने की घटना सामने आई।
ईरान का दावा- हम छह महीने तक जंग लड़ सकते हैं
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि देश अमेरिका और इजराइल के खिलाफ छह महीने तक युद्ध लड़ने में सक्षम है। समाचार एजेंसी फार्स में प्रकाशित बयान के अनुसार, सेना के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड दोनों लंबे समय तक संघर्ष झेलने और जवाब देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सैन्य अड्डों और सुविधाओं सहित 200 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिका ने संसद की समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार कर इजराइल को बम बेचने की मंजूरी दी
ट्रम्प प्रशासन ने संसद की समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए इजराइल को 20 हजार से अधिक बम बेचने की मंजूरी दे दी है। इस हथियार सौदे की कीमत करीब 65 करोड़ डॉलर बताई गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार देर रात जारी बयान में कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस सौदे को आपात स्थिति बताते हुए मंजूरी दी। इसी आधार पर सामान्य संसदीय समीक्षा प्रक्रिया हटाकर तत्काल हथियार बिक्री की अनुमति दी गई।
इस पैकेज में 12 हजार BLU-110A/B श्रेणी के 1000 पाउंड वजन वाले सामान्य उद्देश्य वाले बम शामिल हैं। इस सौदे का मुख्य ठेकेदार टेक्सास स्थित कंपनी रिपकॉन यूएसए होगी।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस सौदे में BLU-111 श्रेणी के 500 पाउंड वजन वाले बम भी शामिल हैं। इसके अलावा, इजराइल सीधे लगभग 29.8 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त महत्वपूर्ण हथियार भी खरीदेगा।
ईरान की चेतावनी- बुनियादी ढांचे पर हमला बेहद खतरनाक कदम
ईरान ने अमेरिका और इजराइल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है।
रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल के हमलों में तेहरान के तेल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका ने केशिन द्वीप पर स्थित एक मीठे पानी के डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला कर अपराध किया है।
उन्होंने कहा कि इस हमले से करीब 30 गांवों की जल आपूर्ति प्रभावित हुई है। अराघची ने कहा कि किसी देश के बुनियादी ढांचे पर हमला करना बहुत खतरनाक कदम है और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई की शुरुआत अमेरिका ने की है, ईरान ने नहीं।
लेबनान की राजधानी बेरूत में इजराइली हमले के बाद कई लोग बेघर हो गए हैं। दहियेह इलाके में शहीद चौक के पास कई परिवारों ने रात खुले आसमान के नीचे बिताई।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में अंदरूनी मतभेद के संकेत
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरानी नेतृत्व के अलग-अलग बयानों को वहां के भीतर उभरते मतभेदों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शनिवार को इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशेकियन ने खाड़ी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगते हुए बयान जारी किया था। लेकिन अन्य ईरानी नेताओं की आलोचना के बाद उन्होंने कुछ ही समय में अपना बयान वापस ले लिया। वहीं, ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश में एकता बनाए रखने की अपील की और नेतृत्व के भीतर किसी भी मतभेद से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को इस युद्ध की कीमत चुकानी पड़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलते बयानों से ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के भीतर मौजूद अलग-अलग दबाव और ध्रुव स्पष्ट हो रहे हैं। कुछ कट्टरपंथी नेता खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ अब भी कूटनीतिक रास्ते से समाधान चाहते हैं।
खाड़ी देशों ने बहरीन और कुवैत पर हमलों की निंदा की
खाड़ी देशों के संगठन GCC के प्रमुख ने बहरीन और कुवैत पर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं और ईरान के बढ़ते आक्रामक रवैये को दर्शाते हैं। GCC की वेबसाइट पर जारी बयान में महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने कहा कि संगठन इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। उनके मुताबिक, ये हमले खास तौर पर खाड़ी क्षेत्र को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संस्थानों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों का उल्लंघन है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अलबुदैवी ने यह भी कहा कि GCC के सभी सदस्य देश बहरीन और कुवैत के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा, संप्रभुता तथा महत्वपूर्ण संस्थानों की रक्षा में पूरा समर्थन देंगे।



