
LPG New Policy 2026 : राजस्थान में व्यावसायिक गैस संकट के बीच भजनलाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के वितरण के लिए नई वितरण नीति-2026 लागू कर दी है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आवश्यक सेवाओं तक गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना, वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना है।
सरकार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसका असर राजस्थान में भी देखने को मिला, जहां पिछले कुछ समय से व्यावसायिक गैस की उपलब्धता को लेकर परेशानी बनी हुई थी। अब राज्य सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि प्रदेश में कमर्शियल गैस की सप्लाई अब पहले की तुलना में सुधर रही है और यह करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि नई नीति के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सबसे पहले उन क्षेत्रों तक गैस पहुंचे, जहां इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है। खास तौर पर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और आमजन से जुड़ी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है।
किस क्षेत्र को कितना मिलेगा कोटा
Rajasthan commercial LPG policy : नई नीति के तहत सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए गैस आवंटन का स्पष्ट ढांचा तय किया है। इसके अनुसार अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को उनकी मांग के अनुरूप 100 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि ये दोनों क्षेत्र सीधे आमजन के जीवन और बुनियादी सेवाओं से जुड़े हैं, इसलिए यहां किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
वहीं होटल, रेस्तरां और डेयरियों को उनकी औसत खपत का 60 प्रतिशत गैस कोटा दिया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों के लिए 40 प्रतिशत आपूर्ति का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तक एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तरह सरकार ने जरूरत, उपयोगिता और प्राथमिकता के आधार पर वितरण का संतुलित मॉडल तैयार किया है।
प्रवासी श्रमिकों और फूड कार्ट संचालकों के लिए विशेष व्यवस्था
Rajasthan LPG new rules : नई नीति में छोटे उपभोक्ताओं और रोजमर्रा के छोटे व्यवसाय करने वालों का भी ध्यान रखा गया है। प्रवासी श्रमिकों और फूड कार्ट संचालकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो सीमित संसाधनों में अपना काम चला रहे हैं और बड़े सिलेंडरों पर निर्भर नहीं रह सकते।
पंजीकरण के बिना नहीं मिलेगा सिलेंडर
Rajasthan gas cylinder update : सरकार ने इस नीति में पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। अब कोई भी व्यावसायिक उपभोक्ता बिना रजिस्ट्रेशन के कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं ले सकेगा। सभी उपभोक्ताओं को संबंधित तेल विपणन कंपनी (OMC) के वितरक के साथ अपना पंजीकरण कराना होगा। सरकार का मानना है कि इससे वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान आसान होगी और गैस की अनियमित आपूर्ति तथा कालाबाजारी पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
PNG वाले क्षेत्रों के लिए भी साफ निर्देश
नई नीति में उन क्षेत्रों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे इलाकों में उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कमर्शियल एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके और गैस आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन हो सके।

पिछले एक साल की खपत के आधार पर तय होगा आवंटन
Rajasthan LPG supply news : सरकार ने गैस आवंटन तय करने के लिए भी एक स्पष्ट फार्मूला तैयार किया है। इसके तहत अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की औसत खपत को आधार मानकर कोटा निर्धारित किया जाएगा। इससे वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तर्कसंगत बनाने में मदद मिलेगी। हर उपभोक्ता को उसकी पूर्व खपत के आधार पर गैस आवंटित की जाएगी, जिससे मनमानी या पक्षपात की आशंका कम होगी।
जिला स्तर पर बनेगी निगरानी व्यवस्था
नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां गठित की गई हैं। ये समितियां स्थानीय जरूरतों का आकलन करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त गैस आवंटन पर निर्णय ले सकेंगी। इससे जिला स्तर पर वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार त्वरित फैसले लेना आसान होगा और जिन क्षेत्रों में अधिक जरूरत होगी, वहां समय पर राहत पहुंचाई जा सकेगी।
कालाबाजारी रोकने और जरूरी सेवाओं को बचाने की कोशिश
नई नीति का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि गैस संकट के दौरान जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। साथ ही वितरण में पारदर्शिता लाई जाए और कालाबाजारी पर लगाम लगाई जाए। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब गैस वितरण पूरी तरह नियंत्रित, पंजीकृत और प्राथमिकता आधारित प्रणाली के तहत होगा।
होटल और रेस्तरां संचालकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि आप होटल, रेस्तरां, डेयरी या किसी अन्य व्यावसायिक गतिविधि के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं, तो जल्द से जल्द अपने गैस वितरक से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन अपडेट कराना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर नई नीति के तहत सिलेंडर प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। सरकार चाहती है कि सभी पात्र उपभोक्ता समय रहते अपनी जानकारी दर्ज कराएं, ताकि वितरण में किसी तरह की बाधा न आए।



