
new financial rules : वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने में अब बेहद कम समय बचा है। आज 30 मार्च है और ऐसे में टैक्स, निवेश और बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम पूरे करने के लिए लोगों के पास केवल 2 दिन शेष हैं। 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद कई अहम डेडलाइन समाप्त हो जाएंगी। यदि आपने समय रहते जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं कीं, तो न केवल टैक्स बचाने का मौका हाथ से निकल सकता है, बल्कि कुछ सरकारी योजनाओं के खाते निष्क्रिय भी हो सकते हैं। इसलिए यह समय लापरवाही का नहीं, बल्कि सतर्कता के साथ वित्तीय काम निपटाने का है।
मार्च के आखिरी दो दिन खासतौर पर नौकरीपेशा, निवेशकों, टैक्स बचाने वालों और सरकारी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। 31 मार्च तक कुछ काम पूरे करना जरूरी है, नहीं तो अप्रैल से अतिरिक्त औपचारिकताएं, पेनाल्टी या टैक्स से जुड़ी असुविधाएं सामने आ सकती हैं।
1. PPF, NPS और सुकन्या खाते चालू रखने के लिए जमा करें न्यूनतम राशि
tax and banking changes April 1 : अगर आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF, नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS या सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवा रखा है, तो उसे सक्रिय बनाए रखने के लिए हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। इन योजनाओं में सालाना कम से कम 250 रुपए से 500 रुपए तक की न्यूनतम राशि जमा करनी होती है।
यदि यह न्यूनतम जमा नहीं किया गया, तो खाता निष्क्रिय या डिफॉल्ट की स्थिति में जा सकता है। बाद में खाते को दोबारा चालू कराने के लिए पेनाल्टी देनी पड़ सकती है और बैंक या संबंधित संस्थान के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक अपने खातों में न्यूनतम योगदान नहीं डाला है, उन्हें 31 मार्च से पहले यह काम जरूर पूरा कर लेना चाहिए।
इन योजनाओं में टैक्स छूट का भी फायदा
PPF Sukanya account update : PPF, NPS और सुकन्या समृद्धि योजना केवल बचत के साधन नहीं हैं, बल्कि टैक्स बचाने का अच्छा विकल्प भी मानी जाती हैं। इन योजनाओं में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि 80C के तहत कुल टैक्स छूट की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपए ही रहती है। यानी इन योजनाओं के साथ यदि आपने जीवन बीमा, ईएलएसएस या अन्य 80C वाले साधनों में निवेश किया है, तो कुल छूट इसी सीमा के भीतर गिनी जाएगी।
2. पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए निवेश का अंतिम मौका
PNB ATM cash limit : जो करदाता पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत रिटर्न दाखिल करते हैं, उनके लिए टैक्स बचाने का यह आखिरी मौका है। 31 मार्च तक किया गया निवेश ही चालू वित्तीय वर्ष में गिना जाएगा। यदि आप 1 अप्रैल या उसके बाद निवेश करते हैं, तो उसका लाभ अगले वित्तीय वर्ष में मिलेगा।
धारा 80C के तहत आप PPF, जीवन बीमा प्रीमियम, टैक्स सेविंग निवेश और अन्य पात्र विकल्पों में निवेश करके 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और कुछ निर्धारित मेडिकल खर्चों पर भी टैक्स राहत मिलती है। इस श्रेणी में विभिन्न स्थितियों के अनुसार 1 लाख रुपए तक की छूट का लाभ लिया जा सकता है।
इसलिए जिन लोगों ने अभी तक टैक्स बचाने के लिए जरूरी निवेश नहीं किया है, उनके लिए 31 मार्च अंतिम अवसर साबित हो सकता है। एक दिन की देरी भी पूरे साल की टैक्स प्लानिंग पर असर डाल सकती है।
3. नौकरीपेशा लोग ऑफिस में समय पर जमा करें इन्वेस्टमेंट प्रूफ
सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए मार्च का आखिरी सप्ताह बहुत अहम होता है। यदि आपने टैक्स बचाने के लिए निवेश, बीमा, किराया भुगतान या होम लोन जैसे दावे किए हैं, तो उनसे जुड़े दस्तावेज अपने कार्यालय में समय पर जमा करना जरूरी है।
इन्वेस्टमेंट प्रूफ में आमतौर पर घर के किराए की रसीदें, जीवन बीमा प्रीमियम की रसीद, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन ब्याज प्रमाण पत्र और अन्य टैक्स छूट से जुड़े दस्तावेज शामिल होते हैं। यदि ये कागजात समय पर जमा नहीं किए गए, तो कंपनी आपकी आखिरी सैलरी से अधिक टीडीएस काट सकती है।

ज्यादा TDS कट गया तो रिफंड के लिए करना होगा इंतजार
PAN card new rules : यदि आपने समय पर निवेश प्रमाण नहीं दिए, तो नियोक्ता टैक्स की गणना बिना छूट के कर सकता है। ऐसी स्थिति में आपकी सैलरी से जरूरत से ज्यादा TDS कट सकता है। हालांकि बाद में आयकर रिटर्न दाखिल करके यह पैसा वापस लिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको रिफंड आने तक इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए बेहतर यही है कि दस्तावेज समय पर जमा कर दिए जाएं, ताकि अनावश्यक कटौती से बचा जा सके।
लापरवाही पड़ सकती है महंगी
railway refund rule change : मार्च के अंतिम दिनों में छोटी सी अनदेखी भी आर्थिक रूप से नुकसानदायक हो सकती है। एक ओर टैक्स बचाने का मौका निकल सकता है, दूसरी ओर बचत योजनाओं के खाते निष्क्रिय हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए अतिरिक्त TDS कटने की समस्या अलग खड़ी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि 31 मार्च की रात 12 बजे से पहले सभी लंबित वित्तीय कार्य पूरे कर लिए जाएं।
1 अप्रैल से बदलने वाले बड़े नियम
कैटेगरी 1: टैक्स और बैंकिंग
1. रिवाइज्ड रिजीम के तहत फाइलिंग
- सरकार ने साल 2025 में नई टैक्स रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव किया था।
- यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2025 से लागू मानी जाएगी।
- अब इसी बदले हुए ढांचे के तहत रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।
- सैलरीड पर्सन को सेक्शन 87A के तहत 12.75 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स राहत मिल सकती है।
- अन्य करदाताओं को 12 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है।
2. नया फॉर्म 130 और 131
- पहले TDS कटौती के सबूत के लिए फॉर्म 16 और अन्य आय के लिए 16A दिया जाता था।
- अब इन फॉर्म्स का प्रारूप बदलकर फॉर्म 130 और फॉर्म 131 किया गया है।
- जून-जुलाई में रिटर्न भरते समय टैक्स कैलकुलेशन और छूट का विवरण पहले से अधिक स्पष्ट मिलेगा।
- इससे ITR भरने में गलती की संभावना कम हो सकती है।
3. PNB ATM कैश लिमिट
- पंजाब नेशनल बैंक के क्लासिक डेबिट कार्ड से अब एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपए निकाले जा सकेंगे।
- प्लेटिनम कार्डधारकों के लिए यह सीमा 50 हजार रुपए प्रतिदिन होगी।
- जिन ग्राहकों को इससे ज्यादा रकम निकालनी होती है, उन्हें बैंक शाखा, चेकबुक या विड्रॉल फॉर्म का सहारा लेना पड़ेगा।
- यह फैसला फ्रॉड पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
4. पैन कार्ड अपडेट
- नए पैन कार्ड बनवाने या पुराने कार्ड में जन्मतिथि अपडेट कराने के लिए अब आधार कार्ड को जन्मतिथि के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- आधार को अब केवल एड्रेस प्रूफ के तौर पर माना जाएगा।
- जन्मतिथि बदलवाने या नया पैन बनवाने के लिए अन्य दस्तावेज देने होंगे।
- इनमें जन्म प्रमाण पत्र और 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
कैटेगरी 2: यात्रा और सफर
5. रेलवे रिफंड और कैंसिलेशन नियम
- ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा।
- पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी।
- यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन भी बदल सकेंगे।
- समय पर टिकट कैंसिल नहीं करने पर पैसों का नुकसान हो सकता है।
- नियम सख्त होने से आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
6. फास्टैग एनुअल पास
- 1 अप्रैल से फास्टैग का वार्षिक पास रिन्यू कराने पर ज्यादा रकम चुकानी होगी।
- NHAI ने एनुअल पास की कीमतों में 2.5% की बढ़ोतरी की है।
- अब सालाना पास के लिए 3 हजार रुपए की जगह 3,075 रुपए देने होंगे।
- यह पास कार यूजर्स को देशभर के 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर की सुविधा देता है।
7. टोल पर नो-कैश
- सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजैक्शन को पूरी तरह बंद किया जा रहा है।
- अब टोल भुगतान केवल फास्टैग या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा।
- अगर आपके पास फास्टैग नहीं है या उसमें बैलेंस कम है, तो दिक्कत आ सकती है।
- कैश विकल्प बंद होने से यात्रियों को पहले से डिजिटल पेमेंट तैयार रखना होगा।
कैटेगरी 3: बाजार और रसोई
8. सिलेंडर और ATF के नए रेट्स
- सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं।
- 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे नई दरें जारी होंगी।
- कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने की आशंका है।
- अगर हवाई ईंधन यानी ATF महंगा हुआ, तो फ्लाइट टिकट भी महंगे हो सकते हैं।
- इसका असर होटल-रेस्टोरेंट कारोबार और यात्रा खर्च दोनों पर पड़ सकता है।
9. गाड़ियों की नई कीमतें
- 31 मार्च तक पुरानी स्टॉक और पुरानी कीमतों पर गाड़ियां मिल रही थीं।
- 1 अप्रैल से कमर्शियल और पैसेंजर वाहनों की कीमतों में 2% से 3% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
- जिन लोगों ने कार बुक तो कर ली है, लेकिन 31 मार्च तक बिल नहीं कटा, उन्हें बढ़ी हुई कीमत चुकानी पड़ सकती है।
- शोरूम प्राइस बढ़ने के साथ रजिस्ट्रेशन चार्ज भी बढ़े हुए दामों पर लागू हो सकते हैं।
समय रहते निपटाएं जरूरी काम
कुल मिलाकर 31 मार्च केवल वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन नहीं है, बल्कि टैक्स प्लानिंग, निवेश प्रबंधन और खातों को सक्रिय बनाए रखने की अंतिम सीमा भी है। यदि आप चाहते हैं कि आपके PPF, NPS या सुकन्या खाते सक्रिय रहें, पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत पूरी छूट मिल सके और सैलरी से ज्यादा TDS न कटे, तो अगले 2 दिनों में ये काम प्राथमिकता के साथ निपटा लेना चाहिए।



