
Sunrise Academy Nathdwara : नाथद्वारा की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाले संस्थानों में सनराइज एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। वर्ष 2006 में स्थापित यह विद्यालय आज शिक्षा, अनुशासन, संस्कार, खेलकूद, विज्ञान, वाणिज्य, सह-शैक्षणिक गतिविधियों और सर्वांगीण विकास का एक सशक्त केंद्र बन चुका है। निकुंज रिवर रिजॉर्ट, बिच्छू मंगरी, नाथद्वारा स्थित यह विद्यालय अपने आरंभ से ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और उज्ज्वल भविष्य की दिशा देने के लिए समर्पित रहा है।
विद्यालय के निदेशक राजदीप भाटिया एवं प्रधानाचार्या शिप्रा भाटिया के कुशल नेतृत्व में संस्था ने निरंतर प्रगति की है। विद्यालय ने एक छोटे शैक्षणिक प्रयास से शुरू होकर आज एक प्रतिष्ठित सीनियर सेकेंडरी संस्थान के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। विद्यालय की शैक्षणिक यात्रा क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ी—उच्च प्राथमिक मान्यता 2010-11, माध्यमिक मान्यता 2014-15 और उच्च माध्यमिक मान्यता 2018-19 में प्राप्त हुई। इसी सत्र 2018-19 से वाणिज्य वर्ग प्रारंभ हुआ, जबकि बदलते समय और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विज्ञान वर्ग 2024-25 से प्रारंभ किया गया।
Rajsamand top school : सनराइज एकेडमी का मूल उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम देना नहीं, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो जीवन के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास, ज्ञान, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें। यही कारण है कि विद्यालय ने वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम देने के साथ-साथ खेल, विज्ञान, सांस्कृतिक गतिविधियों, शैक्षणिक भ्रमण, नवाचार कार्यशालाओं और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों में भी उल्लेखनीय पहचान बनाई है।


विद्यालय की मूल जानकारी
| विद्यालय स्थापना वर्ष | 2006 |
| विद्यालय का नाम | सनराइज एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल |
| स्थान | निकुंज रिवर रिजॉर्ट, बिच्छू मंगरी, नाथद्वारा |
| विद्यालय निदेशक | राजदीप भाटिया |
| विद्यालय प्रधानाचार्या | शिप्रा भाटिया |
मान्यता एवं शैक्षणिक विस्तार
| क्रम | विवरण | सत्र |
|---|---|---|
| 1 | उच्च प्राथमिक मान्यता | 2010-11 |
| 2 | माध्यमिक मान्यता | 2014-15 |
| 3 | उच्च माध्यमिक मान्यता | 2018-19 |
| 4 | वाणिज्य वर्ग प्रारंभ | 2018-19 |
| 5 | विज्ञान वर्ग प्रारंभ | 2024-25 |
शैक्षणिक उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा
best school in Nathdwara : सनराइज एकेडमी ने बोर्ड परीक्षाओं में लगातार उत्कृष्ट परिणाम देकर नाथद्वारा और राजसमंद जिले में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सतत शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रेरक वातावरण है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने वर्ष दर वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय अंक प्राप्त किए हैं। कई विद्यार्थियों ने जिला स्तर पर रैंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया, वहीं कुछ विद्यार्थियों ने राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा : सत्रानुसार टॉपर
| सत्र | विद्यार्थी का नाम | प्रतिशत | विशेष उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| 2015-2016 | ईशिका जोशी | 88.00% | — |
| 2016-2017 | ईशा सनाढ्य | 88.83% | — |
| 2017-2018 | रूचिता नागौरी | 88.17% | — |
| 2018-2019 | तेजस्विनी सोनी | 88.33% | — |
| 2019-2020 | दिया पालीवाल | 91.33% | — |
| 2020-2021 | भव्या परिहार | 99.00% | — |
| 2021-2022 | हार्दिका सैनी | 92.50% | — |
| 2022-2023 | लाभांशी पालीवाल | 94.67% | — |
| 2023-2024 | हर्षिका मेहरा | 99.67% | स्टेट टॉपर |
| 2024-2025 | तानिया कुमावत | 96.67% | — |
| 2025-2026 | भाविका कुमावत | 94.00% | — |
कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा (वाणिज्य वर्ग) : सत्रानुसार टॉपर
| सत्र | विद्यार्थी का नाम | प्रतिशत | विशेष उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| 2019-2020 | पायल पुरोहित | 87.60% | — |
| 2020-2021 | कोयल जोशी | 99.00% | — |
| 2021-2022 | नित्या कुंवर देवड़ा | 93.40% | जिला स्तर पर 6वीं रैंक |
| 2022-2023 | किरण शर्मा | 84.80% | — |
| 2023-2024 | सुमन कुंवर | 95.80% | जिला स्तर पर 8वीं रैंक |
| 2024-2025 | लाभांशी पालीवाल | 93.80% | — |
| 2025-2026 | दिव्या सैनी | 97.00% | जिला स्तर पर प्रथम रैंक |
कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा (विज्ञान वर्ग) : सत्रानुसार टॉपर
| सत्र | विद्यार्थी का नाम | प्रतिशत | विशेष उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| 2024-2025 | तितिक्षा त्रिपाठी | 95.60% | — |
| 2025-2026 | स्तुति माली | 97.40% | जिला स्तर पर प्रथम रैंक |
हर्षिका मेहरा की ऐतिहासिक सफलता
best RBSE school Nathdwara सनराइज एकेडमी के इतिहास में सत्र 2023-24 एक स्वर्णिम उपलब्धि के रूप में दर्ज है। विद्यालय की मेधावी छात्रा हर्षिका मेहरा ने कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99.67% अंक प्राप्त कर न केवल राजसमंद जिले, बल्कि पूरे राजस्थान में टॉप किया। यह उपलब्धि विद्यालय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण रही और इसने संस्था को राज्य स्तर पर नई पहचान प्रदान की।
इस अद्वितीय सफलता के उपलक्ष्य में विद्यालय द्वारा भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। शहर के विभिन्न मार्गों से निकली इस रैली में हर्षोल्लास और गर्व का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कई गणमान्य अतिथियों ने उपस्थित होकर छात्रा की सफलता की सराहना की और उसे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विशेष गौरव का विषय यह रहा कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा भी हर्षिका मेहरा को सम्मानित किया गया। विद्यालय ने इस सफलता का श्रेय छात्रा की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को दिया।
वाणिज्य और विज्ञान वर्ग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन


Sunrise Academy board result : सनराइज एकेडमी ने केवल माध्यमिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि उच्च माध्यमिक स्तर पर भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। सत्र 2021-22 में वाणिज्य वर्ग की छात्रा नित्या कुंवर देवड़ा ने 93.40% अंक प्राप्त कर राजसमंद जिले में 6वीं रैंक हासिल की। इसके बाद सत्र 2023-24 में सुमन कुंवर ने 95.80% अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर 8वीं रैंक अर्जित की। विद्यालय की गौरवगाथा को और ऊंचाई मिली सत्र 2025-26 में, जब विद्यालय ने विज्ञान और वाणिज्य दोनों वर्गों में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- विज्ञान वर्ग में स्तुति माली ने 97.40% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
- वाणिज्य वर्ग में दिव्या सैनी ने 97.00% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि स्पष्ट करती है कि सनराइज एकेडमी न केवल निरंतर प्रगति कर रही है, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक परिणाम देने में भी अग्रणी है।
खेलकूद में भी अग्रणी पहचान


सनराइज एकेडमी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। विद्यालय खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और नेतृत्व विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। विगत 5 वर्षों में विद्यालय के लगभग 500 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर भाग लेकर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए हैं। विद्यालय के विद्यार्थी जिन खेलों में सक्रिय रहे, उनमें शामिल हैं: शतरंज, बॉल बैडमिंटन, जूडो, बैडमिंटन, कैरम, रोल बॉल, साइक्लिंग, खो-खो, हैंडबॉल, रोलर स्केटिंग, बास्केटबॉल, क्रिकेट, ड्यूबॉल, कुश्ती, वेट लिफ्टिंग, टेबल टेनिस आदि। इनमें से 51 विद्यार्थियों का राज्य स्तर पर चयन होना विद्यालय के खेल प्रबंधन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाता है।
विशेष रूप से:
- खुशी सैनी ने मालदीव में आयोजित इंटरनेशनल ड्यू बॉल प्रतियोगिता के महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर देश का गौरव बढ़ाया।
- किंजल बागोरा ने जूडो में,
- संस्कृति भाटिया ने कूड़ो में,
- नमन दीक्षित ने कुश्ती में
राज्य स्तर पर क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अर्जित किए।
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इंदिरा प्रियदर्शिनी अवार्ड में चयन
पिछले पांच वर्षों में सनराइज एकेडमी की कई छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित इंदिरा प्रियदर्शिनी अवार्ड के लिए हुआ है। यह विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और छात्राओं के सर्वांगीण विकास का प्रमाण है।
चयनित छात्राएं:
- तनुश्री जोशी
- हर्षिका मेहरा
- आस्था बागोरा
- अर्पिता वर्मा
- अरसीन बानू
- लक्षिता मेहता
- लेखा जीनगर
इन छात्राओं ने अपनी मेहनत, निरंतरता, अनुशासन और उपलब्धियों से विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है तथा अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थियों का सम्मान
विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपखंड स्तर और जिला स्तर पर विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया गया है। उन्हें समय-समय पर प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जो उनके उत्साहवर्धन और भविष्य की उपलब्धियों के लिए प्रेरक सिद्ध हुआ। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि विद्यालय की उस सुदृढ़ शिक्षण प्रणाली का भी प्रमाण है, जो विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना विकसित करती है।
समर्पित अध्यापक-अध्यापिकाएं
किसी भी विद्यालय की सफलता उसके शिक्षकों की निष्ठा, योग्यता और समर्पण पर निर्भर करती है। सनराइज एकेडमी इस दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां के अध्यापक-अध्यापिकाओं ने उत्कृष्ट शिक्षण, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।विद्यालय के शिक्षकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए विभिन्न मंचों पर विशेष सम्मान, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए हैं। इन शिक्षकों ने न केवल बोर्ड परिणामों को ऊंचा उठाया, बल्कि खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थियों का प्रभावी मार्गदर्शन किया। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे सम्मान शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें और अधिक उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
शैक्षणिक भ्रमण
सनराइज एकेडमी प्रतिवर्ष विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करता है। इन भ्रमणों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक अनुभवों से भी समृद्ध करना है। विद्यालय द्वारा विभिन्न स्थानों के भ्रमण सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें शामिल हैं: नाथद्वारा के दर्शनीय स्थल, उदयपुर, बायोलॉजिकल पार्क, ग्रेस म्यूजियम, महाराणा प्रताप संग्रहालय, हल्दीघाटी, कांकरोली, जैसलमेर, जयपुर, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, माउंट आबू, सोमनाथ और द्वारका।
इन भ्रमणों से विद्यार्थियों में
- ज्ञानवर्धन,
- अनुशासन,
- सहयोग की भावना,
- नेतृत्व क्षमता,
- सांस्कृतिक समझ
का विकास होता है। विद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मातृ-पितृ दिवस
सनराइज विद्यालय में प्रतिवर्ष मातृ-पितृ दिवस बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रहती है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रचनात्मक प्रस्तुतियों और भावनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से यह आयोजन विद्यालय और परिवार के मधुर संबंधों को और सशक्त बनाता है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में अपने माता-पिता के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और भारतीय संस्कारों के प्रति जुड़ाव को मजबूत करता है।
अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट लॉन्चिंग वर्कशॉप
सनराइज एकेडमी समय के साथ चलने वाला और नवाचार को महत्व देने वाला विद्यालय है। सत्र 2025-26 में विद्यालय द्वारा अंतरिक्ष विज्ञान एवं रॉकेट लॉन्चिंग वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी रोचक जानकारियां प्राप्त कीं, स्वयं रॉकेट मॉडल तैयार किए और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उनका लाइव प्रक्षेपण भी देखा।
इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में
- वैज्ञानिक सोच,
- तार्किक दृष्टिकोण,
- जिज्ञासा,
- प्रयोगधर्मिता
को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रशासन ने इसे भविष्य उन्मुख शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
विद्यालय की कार्यशैली और दर्शन
सनराइज एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का शिक्षा दर्शन केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। विद्यालय का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो
- शैक्षणिक रूप से सक्षम हों,
- नैतिक रूप से मजबूत हों,
- खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हों,
- तकनीकी और वैज्ञानिक सोच रखते हों,
- समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनें।
विद्यालय का वातावरण अनुशासन, सकारात्मकता, प्रेरणा और उपलब्धि की भावना से परिपूर्ण है। यही कारण है कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी न केवल परीक्षा परिणामों में, बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट पहचान बना रहे हैं।
विज्ञान, कला एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला शैक्षणिक वातावरण
सनराइज एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नाथद्वारा अपने विद्यार्थियों में केवल पाठ्य ज्ञान ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की सोच विकसित करने पर भी विशेष बल देता है। इसी उद्देश्य से विद्यालय में प्रतिवर्ष विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है, जिसमें कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थी जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, प्रदूषण नियंत्रण, स्मार्ट सिटी, रोबोटिक्स, मानव शरीर रचना, पर्यावरण संरक्षण, जल चक्र तथा ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत करते हैं। इसके साथ ही कला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की चित्रकला, हस्तकला और रचनात्मक कलाकृतियाँ भी सभी के आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार क्षमता और कलात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं। इस प्रकार के आयोजन बच्चों में ज्ञानवर्धन, जिज्ञासा, प्रयोगधर्मिता तथा सीखने की गहरी भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
स्काउट एवं गाइड गतिविधियों से व्यक्तित्व निर्माण
सनराइज एकेडमी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्काउट एवं गाइड जैसी गतिविधियों को भी विशेष महत्व देता है। विद्यालय के स्काउट एवं गाइड विद्यार्थियों ने “हर घर तिरंगा” जिला स्तरीय रैली तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु सीड बॉल अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर समाज में जागरूकता का प्रेरक संदेश दिया है।
विद्यालय में समय-समय पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सोपान के कैंप आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा तृतीय सोपान सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है और अब चयनित विद्यार्थी विद्यालय के माध्यम से राज्यपाल अवार्ड हेतु निर्धारित कोर्स पूर्ण करेंगे। स्काउट एवं गाइड गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है। ये गतिविधियाँ उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें एक जिम्मेदार, संवेदनशील तथा जागरूक नागरिक बनने की दिशा प्रदान करती हैं।
सनराइज विद्यालय का जॉय ऑफ गिविंग अभियान
सनराइज विद्यालय सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय मूल्यों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा मानते हुए प्रतिवर्ष “जॉय ऑफ गिविंग” अभियान का आयोजन करता है। दीपावली के अवसर पर आयोजित इस विशेष पहल के माध्यम से विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों के सहयोग से संकलित उपहार, पाठ्य सामग्री, खाद्य सामग्री, पहनने योग्य वस्त्र एवं अन्य उपयोगी वस्तुएँ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाती हैं। विद्यालय द्वारा कनवा बस्ती, बागोल, नाडा भील बस्ती, अकेलाई (पंचायत समिति खमनोर) सहित विभिन्न गांवों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और जरूरतमंद बच्चों के बीच सामग्री वितरण कर “हर घर दीपावली” के भाव को साकार किया जाता है। विद्यालय के निदेशक राजदीप भाटिया एवं प्रधानाचार्या शिप्रा भाटिया के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग, करुणा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम बना है। यह पहल न केवल विद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती है।







































































