
Interest Free Home Loan : आज के दौर में अपना घर खरीदना लगभग हर व्यक्ति का सपना होता है। लेकिन बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के कारण ज्यादातर लोगों को Home Loan का सहारा लेना पड़ता है। शुरुआत में होम लोन लेना आसान लगता है, क्योंकि बैंक लंबी अवधि और आसान EMI का विकल्प देते हैं, लेकिन समय के साथ यही EMI लोगों के मासिक बजट पर भारी पड़ने लगती है। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि व्यक्ति अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ लोन चुकाने में खर्च कर देता है।
सबसे ज्यादा चिंता उस समय होती है, जब लोगों को यह पता चलता है कि उन्होंने जितना लोन लिया था, उससे कहीं ज्यादा रकम ब्याज के रूप में बैंक को लौटानी पड़ेगी। यही वजह है कि कई ग्राहक मानसिक दबाव महसूस करते हैं। हालांकि, फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर थोड़ी समझदारी से प्लानिंग की जाए तो होम लोन के भारी ब्याज के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Home Loan के साथ SIP का कॉम्बिनेशन बन सकता है गेमचेंजर
Home Loan SIP Strategy : वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति होम लोन लेने के साथ-साथ छोटी रकम की SIP यानी Systematic Investment Plan शुरू कर दे, तो लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। यही फंड भविष्य में उस ब्याज की भरपाई कर सकता है, जो आपने बैंक को चुकाया है। दरअसल, SIP की सबसे बड़ी ताकत Compounding होती है। लंबे समय तक नियमित निवेश करने पर छोटी रकम भी करोड़ों की संपत्ति में बदल सकती है। यही कारण है कि अब कई लोग होम लोन और SIP को साथ लेकर चलने की रणनीति अपना रहे हैं।

SBI फिलहाल कितनी ब्याज दर पर दे रहा है Home Loan
Home Loan Interest Recovery Plan : देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ग्राहकों को अलग-अलग श्रेणी में Home Loan उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में बैंक सामान्य Home Loan पर लगभग 7.25 प्रतिशत से 8.45 प्रतिशत तक ब्याज दर ऑफर कर रहा है। वहीं Home Loan Maxgain (OD) पर ब्याज दर 7.75 प्रतिशत से 8.95 प्रतिशत तक है। इसके अलावा Top-Up Loan की ब्याज दर 7.75 प्रतिशत से 10.50 प्रतिशत के बीच रखी गई है। वहीं YONO Insta Home Top-Up Loan पर करीब 8.10 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है। ब्याज दरें ग्राहक के CIBIL Score, Income और Loan Profile के आधार पर तय होती हैं।
45 लाख रुपये के Home Loan पर कितनी बनेगी EMI
SBI Home Loan EMI Calculator : मान लीजिए कोई व्यक्ति SBI से 45 लाख रुपये का Home Loan लेता है। यदि बैंक 7.50 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर 30 साल के लिए यह लोन देता है, तो उसकी मासिक EMI लगभग 31,465 रुपये बनेगी। अगर इस पूरी अवधि की गणना करें तो 30 साल में ग्राहक कुल करीब 1.13 करोड़ रुपये बैंक को लौटाएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें लगभग 68.27 लाख रुपये केवल ब्याज के रूप में जाएंगे।
होम लोन का पूरा गणित
| विवरण | राशि |
|---|---|
| बैंक | SBI |
| लोन राशि | 45 लाख रुपये |
| ब्याज दर | 7.50% |
| अवधि | 30 साल |
| मासिक EMI | 31,465 रुपये |
| कुल भुगतान | लगभग 1.13 करोड़ रुपये |
| कुल ब्याज | करीब 68.27 लाख रुपये |
सिर्फ 2200 रुपये की SIP बना सकती है बड़ा फंड
45 Lakh Home Loan EMI : अब मान लीजिए कि Home Loan लेने के साथ ही ग्राहक हर महीने केवल 2200 रुपये की SIP शुरू कर देता है। यदि Mutual Fund में औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है और यह निवेश लगातार 30 साल तक जारी रखा जाता है, तो स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। 30 साल में निवेशक कुल 7.92 लाख रुपये निवेश करेगा, लेकिन Compounding के कारण यह रकम बढ़कर लगभग 77.65 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें करीब 69.73 लाख रुपये सिर्फ रिटर्न या ब्याज के रूप में मिलेंगे।
SIP का संभावित रिटर्न
| विवरण | राशि |
|---|---|
| मासिक SIP | 2,200 रुपये |
| अनुमानित रिटर्न | 12% सालाना |
| निवेश अवधि | 30 साल |
| कुल निवेश | 7.92 लाख रुपये |
| अनुमानित रिटर्न | 69.73 लाख रुपये |
| कुल फंड वैल्यू | 77.65 लाख रुपये |
इस तरह “वापस” आ सकता है होम लोन का ब्याज
यदि SIP का अनुमानित रिटर्न 69 लाख रुपये के आसपास पहुंचता है और Home Loan पर चुकाया गया कुल ब्याज करीब 68 लाख रुपये है, तो तकनीकी रूप से आपका निवेश उस ब्याज की भरपाई कर सकता है। यही वजह है कि कई फाइनेंशियल प्लानर इसे “Interest Recovery Strategy” भी कहते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। Mutual Fund में रिटर्न निश्चित नहीं होता, लेकिन लंबी अवधि में Equity Mutual Funds ने औसतन अच्छा रिटर्न दिया है।
नौकरी जाने या आर्थिक संकट में भी मिलेगा सहारा
इस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके पास एक Emergency Fund जैसा बड़ा कॉर्पस तैयार होता रहता है। यदि भविष्य में नौकरी चली जाए, बिजनेस में नुकसान हो जाए या अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, तो SIP का यह फंड काफी मददगार साबित हो सकता है। कई लोग सिर्फ EMI भरते रहते हैं और उनके पास कोई अलग निवेश नहीं होता। ऐसे में आर्थिक संकट आने पर वे मुश्किल में फंस जाते हैं। लेकिन SIP के जरिए समानांतर निवेश करने से वित्तीय सुरक्षा मजबूत हो जाती है।
निवेश शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- SIP हमेशा अपनी आय और खर्च को देखकर शुरू करें।
- Equity Mutual Fund लंबी अवधि के लिए बेहतर माने जाते हैं।
- 10 से 15 साल से ज्यादा अवधि में Compounding का फायदा ज्यादा मिलता है।
- यदि आय बढ़े तो समय-समय पर SIP Amount भी बढ़ाते रहें।
- किसी भी निवेश से पहले Financial Advisor की सलाह जरूर लें।
सिर्फ लोन नहीं, Financial Planning भी जरूरी
आज के समय में सिर्फ Home Loan लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ स्मार्ट Financial Planning करना भी बेहद जरूरी हो गया है। यदि सही रणनीति अपनाई जाए तो होम लोन का बोझ काफी हद तक कम महसूस हो सकता है। छोटी-छोटी SIP भविष्य में बड़ा फंड तैयार कर सकती है और यही फंड आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है।



