
Aadhaar PAN name update process अब आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में नाम, पता और मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। केंद्र सरकार जल्द ही एक नया यूनिफाइड डिजिटल आईडेंटिटी सिस्टम लागू करने जा रही है। इस नए सिस्टम के तहत एक विशेष पोर्टल बनाया जा रहा है, जहां लोग एक ही जगह से अपने सभी जरूरी पहचान पत्रों में संशोधन कर सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह होगी कि किसी एक दस्तावेज में बदलाव करते ही बाकी सभी पहचान पत्रों में यह परिवर्तन ऑटोमैटिक तरीके से अपडेट हो जाएगा।
पोर्टल कैसे करेगा काम?
How to update Aadhaar and PAN together सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा यह पोर्टल इस तरह से डिज़ाइन किया जा रहा है कि आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे सभी पहचान दस्तावेज आपस में पूरी तरह से इंटीग्रेटेड रहेंगे। यदि किसी को अपना मोबाइल नंबर बदलना है या फिर पता अपडेट कराना है, तो इसके लिए पोर्टल पर जाकर संबंधित विकल्प चुनना होगा।
जैसे-
- मोबाइल नंबर बदलने के लिए अलग विकल्प
- पता अपडेट करने के लिए अलग विकल्प
इसके बाद यूज़र को अपने नए दस्तावेज (Address Proof, Mobile Proof आदि) अपलोड करने होंगे। आवेदन स्वीकार होते ही तीन वर्किंग डेज (कार्य दिवस) के भीतर यह बदलाव सभी जुड़े दस्तावेजों में अपने आप अपडेट हो जाएगा।
नया पहचान पत्र कैसे मिलेगा?
Unified Digital Identity System India यदि कोई व्यक्ति बदलाव के बाद नया पहचान पत्र पाना चाहता है, तो पोर्टल पर एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध रहेगा। इसके तहत:
- निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर आवेदन करना होगा।
- आवेदन के सात वर्किंग डेज (कार्य दिवस) के भीतर अपडेटेड पहचान पत्र व्यक्ति के पते पर डाक द्वारा भेज दिया जाएगा।
- यदि कोई व्यक्ति चाहें, तो स्वयं कार्यालय जाकर भी नया पहचान पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
- इसके लिए पोर्टल पर विकल्प चुनना होगा, जिसके बाद मोबाइल पर एक मैसेज के जरिए पहचान पत्र प्राप्त करने की तारीख और समय की जानकारी दे दी जाएगी।
ट्रायल रन जारी, जल्द होगी शुरुआत
Aadhaar PAN driving license integration सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल इस पोर्टल का ट्रायल रन (परीक्षण) चल रहा है। इस दौरान सामने आई कुछ तकनीकी और कानूनी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। विशेष ध्यान डेटा की सुरक्षा पर दिया जा रहा है। सिस्टम को फुल-प्रूफ बनाने के लिए अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि यूज़र्स की निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रह सके। अब तक किए गए ट्रायल रन में लगभग 92% से अधिक सटीकता प्राप्त हो चुकी है। जैसे ही यह आंकड़ा 98% या उससे अधिक हो जाएगा, इसे प्रायोगिक तौर पर जनता के लिए लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद कुछ ही महीनों में इस सेवा को पूरे देशभर में आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
अभी नाम तय नहीं, जल्द होगा ऐलान
How to update voter ID mobile number फिलहाल, इस पोर्टल का कोई आधिकारिक नाम तय नहीं किया गया है। फाइनल परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार पोर्टल का नाम तय करेगी और इसका आधिकारिक उद्घाटन करेगी। इसके बाद नागरिक सरल, सुरक्षित और तेज़ प्रक्रिया के माध्यम से अपने पहचान दस्तावेजों में संशोधन कर सकेंगे।
यूनिफाइड डिजिटल आईडेंटिटी सिस्टम का उद्देश्य
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया जा रहा यूनिफाइड डिजिटल आईडेंटिटी सिस्टम (Unified Digital Identity System) का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाना है। अभी तक आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी जैसे अलग-अलग दस्तावेजों में नाम, पता या मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। हर जगह अलग प्रक्रिया, अलग दस्तावेज और अलग समय सीमा की वजह से आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

इस नई प्रणाली के जरिए सरकार का मकसद है:
- एकीकृत (Unified) पहचान व्यवस्था तैयार करना, ताकि एक जगह बदलाव करने से सभी पहचान पत्रों में अपने आप अपडेट हो जाए।
- समय और संसाधनों की बचत करना, ताकि लोग बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाएं।
- डिजिटल सेवाओं को सरल और सुलभ बनाना, जिससे देशभर में डिजिटल इंडिया (Digital India) अभियान को मजबूती मिले।
- डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना, ताकि नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारियां सुरक्षित रहें।
- नागरिकों के अनुभव (User Experience) को बेहतर बनाना, ताकि कम समय में अधिक सटीक सेवाएं मिलें।
- ई-गवर्नेंस (E-Governance) को बढ़ावा देना, जिससे सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता आए।
यूनिफाइड डिजिटल आईडेंटिटी सिस्टम का लक्ष्य सिर्फ पहचान पत्रों को अपडेट करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है जो भविष्य में और भी कई सरकारी और निजी सेवाओं से जुड़कर आम लोगों के जीवन को सुविधाजनक बना सके।
सरकार चाहती है कि नागरिकों को अपनी पहचान से जुड़े हर कार्य में आसानी हो और देश एक डिजिटल रूपांतरण (Digital Transformation) की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़े।
