
air india plane crash report : अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद क्रैश होने से 270 लोगों की जान चली गई थी। अब इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई है, जो कई चौंकाने वाले तथ्यों को उजागर करती है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी 15 पेज की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान के दोनों इंजन अचानक बंद होने के कारण यह दुर्घटना हुई। कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से पता चला है कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा था, “क्या तुमने फ्यूल स्विच बंद किया?” जिसका जवाब था, “नहीं, मैंने नहीं किया।”
AAIB की प्रारंभिक जांच के अनुसार, विमान के टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों फ्यूल स्विच एक-एक करके बंद हो गए, जिसके परिणामस्वरूप इंजनों को ईंधन की आपूर्ति रुक गई और दोनों इंजन ठप हो गए। यह स्थिति इतनी तेजी से बनी कि पायलटों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा तकनीकी खराबी से अधिक पायलट की चूक की ओर इशारा करता है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि जांच में सामने आए तथ्य विमान की तकनीकी स्थिति के बजाय मानवीय भूल की संभावना को रेखांकित करते हैं।
हादसे का भयावह दृश्य
air india boeing 787 crash : 12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171, बोइंग 787-8, टेकऑफ के महज दो मिनट बाद, दोपहर 1:40 बजे, एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई। उस समय विमान केवल 200 फीट की ऊंचाई पर था। इस हादसे में 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स सहित 270 लोगों की मौत हो गई। चमत्कारिक रूप से एक यात्री जीवित बच गया, जिसकी कहानी ने सभी को हैरान कर दिया।
कॉकपिट में क्या हुआ? पायलटों की बातचीत
air india crash report रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के आधार पर बताया गया है कि टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद जब इंजन बंद हुए, तो एक पायलट ने तुरंत दूसरे से सवाल किया, “क्या तुमने फ्यूल स्विच बंद किया?” दूसरा पायलट तुरंत जवाब देता है, “नहीं, मैंने नहीं किया।” इस संक्षिप्त बातचीत से साफ है कि पायलटों को भी इस अप्रत्याशित स्थिति का अंदाजा नहीं था। इसके बाद पायलटों ने दोनों इंजनों को दोबारा शुरू करने की कोशिश की, लेकिन विमान की कम ऊंचाई के कारण इंजनों को पर्याप्त शक्ति नहीं मिल सकी और विमान क्रैश हो गया।
30 सेकंड में बिखर गया सब कुछ
preliminary report on air india crash : रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना टेकऑफ से लेकर क्रैश तक मात्र 30 सेकंड में घटित हुई। इस दौरान विमान ने रनवे 23 से उड़ान भरी और 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई तक पहुंचा। पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मेडे कॉल (आपातकालीन संदेश) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिल सका। विमान का अंतिम सिग्नल 625 फीट की ऊंचाई पर रिकॉर्ड किया गया।
फ्यूल स्विच का रहस्य
ai171 preliminary report : फ्यूल स्विच के बंद होने का कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। फ्यूल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास स्थित होते हैं और इंजनों में ईंधन की आपूर्ति को नियंत्रित करते हैं। इन स्विचों में दो पोजीशन होती हैं: रन (जब फ्यूल सप्लाई चालू होती है) और कटऑफ (जब फ्यूल सप्लाई बंद हो जाती है)। बोइंग 787-8 जैसे विमान में प्रत्येक इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल स्विच होते हैं। ये स्विच स्प्रिंग-लोडेड और डिटेंट (लॉक) मैकेनिज्म से लैस होते हैं, जिससे इन्हें गलती से बंद करना मुश्किल होता है। स्विच को बंद करने के लिए तीन चरणों—पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना, और रिलीज करना—की जरूरत होती है। फिर भी, इस मामले में दोनों स्विच एक सेकंड के अंतराल में कटऑफ पोजीशन में चले गए, जिसने इंजनों को बंद कर दिया।
रैम एयर टर्बाइन (RAT) का खुलना
air india report जांच में यह भी सामने आया कि इंजनों के बंद होते ही विमान की रैम एयर टर्बाइन (RAT) स्वचालित रूप से सक्रिय हो गई। RAT एक छोटा प्रॉपेलर जैसा उपकरण है, जो हवा की गति से घूमकर बिजली और हाइड्रॉलिक पावर उत्पन्न करता है। यह तब काम करता है जब विमान की मुख्य शक्ति या हाइड्रॉलिक सिस्टम विफल हो जाते हैं। RAT ने विमान के नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम को कुछ समय तक चालू रखने की कोशिश की, लेकिन कम ऊंचाई के कारण यह प्रयास नाकाम रहा। AAIB ने CCTV फुटेज के आधार पर RAT के सक्रिय होने की पुष्टि की है।

जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य
हाल ही में सामने आई जांच रिपोर्ट में एक विमान दुर्घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन अचानक हवा में बंद हो गए। ईंधन कटऑफ स्विच RUN (चालू) से CUTOFF (बंद) में केवल एक सेकंड में बदल गए, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई। कॉकपिट ऑडियो से पता चला है कि इस दौरान एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “आपने क्यों बंद (इंजन) किया?” जिस पर जवाब मिला, “मैंने नहीं किया।” इससे साफ होता है कि इंजन बंद करने की क्रिया जानबूझकर नहीं की गई थी। पायलटों ने इंजन को दोबारा चालू करने की कोशिश की, जिसमें इंजन 1 (N1) कुछ हद तक चालू हुआ, लेकिन इंजन 2 को स्टार्ट नहीं किया जा सका। विमान केवल 32 सेकंड तक ही हवा में रह पाया था। ईंधन की गुणवत्ता को लेकर की गई जांच में कोई खामी नहीं पाई गई। हालांकि, थ्रस्ट लीवर पूरी तरह से टूटे हुए थे। ब्लैक बॉक्स से पता चला है कि टेकऑफ के दौरान थ्रस्ट एक्टिव था, जो यह संकेत देता है कि थ्रस्ट लीवर से इंजन का संपर्क बाधित हो गया था। गौरतलब है कि थ्रस्ट लीवर के माध्यम से ही विमान के इंजन की ताकत को नियंत्रित किया जाता है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि उड़ान के समय फ्लैप सेटिंग 5 डिग्री और लैंडिंग गियर की स्थिति सामान्य थी। बर्ड हिटिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। मौसम की बात करें तो आसमान एकदम साफ था और दृश्यता भी पूरी तरह सामान्य थी। आंधी या तूफान जैसा कोई प्रभाव नहीं था। साथ ही, दोनों पायलट पूरी तरह से मेडिकल रूप से फिट थे। पायलट इन कमांड के पास 15 हजार घंटे और को-पायलट के पास 3400 घंटे की उड़ान का अनुभव था। फिलहाल इस दुर्घटना की जांच जारी है और यह रिपोर्ट केवल प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है। अभी तक बोइंग विमान कंपनी या इंजन निर्माता जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के लिए कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है।
फ्यूल स्विच की तकनीकी जानकारी
फ्यूल स्विच विमान के इंजनों को ईंधन की आपूर्ति नियंत्रित करने का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बोइंग 787-8 में दो GE GEnx-1B इंजन हैं, और प्रत्येक के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच मौजूद हैं। ये स्विच कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं और इंजन को रन या कटऑफ मोड में रखते हैं। रन मोड में फ्यूल वाल्व खुलता है, जिससे इंजन को ईंधन मिलता है और वह थ्रस्ट उत्पन्न करता है। कटऑफ मोड में वाल्व बंद हो जाता है, जिससे इंजन तुरंत रुक जाता है। ये स्विच स्प्रिंग-लोडेड और डिटेंट मैकेनिज्म से लैस होते हैं, ताकि गलती से न हिलें। फिर भी, इस मामले में स्विच के बंद होने का कारण अब तक रहस्य बना हुआ है।
दोनों पायलट की जानकारी
| विवरण | पायलट सुमीत समरवाल | को-पायलट क्लाइव कुंदर |
|---|---|---|
| उम्र | 56 साल | 32 साल |
| लाइसेंस वैधता | मई 2026 तक | 26 सितंबर 2025 तक |
| लाइसेंस जारी हुआ | – | 2020 में |
| कुल उड़ान अनुभव | 15,638 घंटे | 3,403 घंटे |
| Boeing 787 पर अनुभव | 8,596 घंटे | 1,128 घंटे |
| अन्य विमान | Boeing 787, Boeing 777, A310 | Airbus A320, Cessna 172, Piper PA-34 |
| भूमिका | पायलट | को-पायलट / पायलट-इन-कमांड (छोटे विमान पर) |



