
राजसमंद। Ananta Hospital News : चिकित्सा जगत में कभी-कभी ऐसे क्षण आते हैं, जो उम्मीद को नया अर्थ दे जाते हैं। राजसमंद के अनन्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब मात्र 570 ग्राम वजन के नवजात को लगभग 140 दिनों की अथक देखभाल के बाद स्वस्थ अवस्था में मां की गोद में सौंप दिया गया।
राजसमंद-उदयपुर जिले की सरहद पर स्थित अनन्ता अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में 23 सितम्बर 2025 को तीन दिन का एक नवजात लाया गया। जन्म केवल 25 सप्ताह में ही हो गया था। जब नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रणय त्रिवेदी और शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु आडवाणी ने बच्चे को देखा तो वे हैरान रह गए—वजन मात्र 570 ग्राम। इतना कम वजन और समय से पहले जन्म… स्थिति बेहद नाजुक थी। बच्चे को तुरंत एनआईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया। अगले दिन उसे एनआईवी सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया। संक्रमण के खतरे को देखते हुए एंटीबायोटिक्स शुरू की गईं। 25–30 दिनों बाद बच्चे को एचएफएनसी (हाई फ्लो नेजल कैन्युला) पर रखा गया। हर दिन एक नई चुनौती सामने थी, और हर चुनौती का समाधान चिकित्सक टीम खोज रही थी।

आंखों, खून और फेफड़ों की जटिलताएं

Premature baby 25 weeks : 14 दिन बाद आंखों की जांच में आरओपी (रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी) पाई गई। विशेषज्ञों ने “बेवासीजुमाब” दवा देकर उपचार किया। साथ ही बच्चे को अनेमिया ऑफ प्रीमैच्योरिटी था, जिसके कारण 5–6 बार रक्त चढ़ाना पड़ा। कमजोर हड्डियों का उपचार भी लगातार चलता रहा। ऑक्सीजन पर लंबे समय तक निर्भर रहने से बच्चे को बीपीडी (ब्रोंकोपल्मोनरी डिस्प्लेसिया) हो गया, लेकिन चिकित्सकों ने धैर्य और विशेषज्ञता से इसका भी सफल इलाज किया।
आखिरकार मिली मुस्कान
NICU success story Ananta Hospital : लगभग 140 दिनों तक आईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी और नर्सिंग स्टाफ की समर्पित सेवा के बाद नन्हा योद्धा अब पूरी तरह स्वस्थ है। उसका वजन बढ़कर 1400 ग्राम हो चुका है और वह मां का दूध पी रहा है। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन शर्मा के अनुसार, उदयपुर संभाग में इतने कम वजन के नवजात को इतने लंबे समय तक सफल उपचार देकर स्वस्थ करने का यह पहला मामला है। Extremely low birth weight
टीमवर्क की मिसाल

Rajsamand hospital case : इस सफलता के पीछे डॉ. प्रणय त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु आडवाणी, डॉ. भावना वैष्णव, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रसून भट्टाचार्य और पूरी टीम की अथक मेहनत, अनुभव और अटूट विश्वास रहा।
