
Annual Function Alok School : आलोक स्कूल में “कल, आज और कल” थीम पर आधारित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह समारोह आलोक संस्थान के 60 वर्ष पूर्ण होने, आलोक राजसमंद के 25 वर्ष तथा वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत 2047” थीम के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग, देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
Alok School Annual Day Celebration : समारोह में मुख्य अतिथि राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी रहीं। गेस्ट ऑफ ऑनर प्रताप गौरव केंद्र उदयपुर के निदेशक अनुराग सक्सेना, विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल एवं पूर्व सभापति सुरेश पालीवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक दीप्ति माहेश्वरी, अनुराग सक्सेना, डॉ. प्रदीप कुमावत, प्रशासक मनोज कुमावत, निश्चय कुमावत, प्रतीक कुमावत, ध्रुव कुमावत तथा अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। प्राचार्य ललित गोस्वामी ने बताया कि इस समारोह में नर्सरी से कक्षा 12 तक के लगभग 1100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा 11 की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत वंदना नृत्य से हुई। इसके पश्चात किड्स प्लेनेट के नन्हे-मुन्नों ने इंग्लिश सॉन्ग, जंगल थीम एवं एयर थीम पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

धार्मिक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों ने शिव तांडव, भारतीय त्योहार, गुरुकुल एवं शिक्षक-शिष्य परंपरा, रामकथा, कृष्णलीला, दशावतार, देवी स्तुति, इंडियन फेस्टिवल एवं “कल, आज और कल” विषय पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए। भगवान श्रीराम का वनवास, सीता हरण, रावण वध, रामराज्य की स्थापना, भगवान कृष्ण की लीलाएं, मां दुर्गा के नौ रूप, महिषासुर वध तथा विष्णु के दशावतार की झांकियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लगभग चार घंटे तक चले कार्यक्रम में दर्शक अपनी सीटों से हिले तक नहीं।
Alok School Rajsamand Cultural Program : अंतिम प्रस्तुति में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत 2047” थीम पर आधारित देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इसमें भारत माता के स्वरूप में छात्राओं ने भारत के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध वर्तमान एवं उज्ज्वल भविष्य की गाथा प्रस्तुत की। महाराणा प्रताप, पेशवा बाजीराव, रानी लक्ष्मीबाई, स्वतंत्रता सेनानी, कोरोना विजय एवं विकसित भारत की झलकियों ने दर्शकों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत कर दी। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन लगभग 50 विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ किया। प्राचार्य ललित गोस्वामी ने स्वागत उद्बोधन एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर विद्यालय की उपलब्धियों व गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर एक वीडियो के माध्यम से संस्थान की विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया गया।
संस्कृति व परंपराओं का संरक्षण कर रहा आलोक

मुख्य अतिथि विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आलोक संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति एवं परंपराओं का भी संरक्षण कर रहा है, जो वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए नवाचार, कर्मशीलता और सकारात्मक सोच को अपनाने का संदेश दिया। गेस्ट ऑफ ऑनर अनुराग सक्सेना ने बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम में आध्यात्म और देशभक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने समाज को सकारात्मक संदेश दिया है। संस्थान निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह वार्षिकोत्सव बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने कहा कि आलोक संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति, सामाजिक सेवा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। इस अवसर पर प्रशासक मनोज कुमावत, निश्चय कुमावत, प्रतीक कुमावत एवं ध्रुव कुमावत ने अतिथियों का उपरणा, शॉल, पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया।
40 पूर्व छात्रों का सम्मान

समारोह में आलोक राजसमंद के लगभग 40 पूर्व विद्यार्थियों को भी मंच पर सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा, खेल, व्यापार, स्टार्टअप, कानून, चिकित्सा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कार्यक्रम के अंत में सहायक प्रशासक ध्रुव कुमावत ने धन्यवाद ज्ञापन किया। विशेष सहयोग के लिए पूर्व छात्रा एवं कोरियोग्राफर अंजली कुमावत एवं पलक सालवी को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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