
Arni village hunger strike : सत्यनारायण सेन “गुरलां” @ राशमी/ राजसमंद : प्रदेश के चित्तौड़गढ़ जिले में राशमी तहसील के आरणी गांव में चरागाह भूमि पर कतिपय लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने एवं कथित तौर पर पूर्व सरपंच द्वारा दिए गए पट्टों को निरस्त करने की मांग को लेकर चार दिन से ग्रामवासी भूख हड़ताल व धरने पर बैठे हैं। तहसील से लेकर जिला कलक्टर तक व मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामवासी अपने ही गांव में भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल के चार दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन का कोई नुमाइंदा आरणी गांव नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामवासियों में प्रशासन व सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
Rajasthan villagers protest against encroachment : आरणी गांव के राजूगिरी गोस्वामी ने बताया कि आरणी गांव में गोस्वामी व नाथ समाज की समाधि भूमि पर पूर्व सरपंच सहित कतिपय लोगों ने अतिक्रमण कर दिया। भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की गई। क्योंकि पहले इसकी शिकायत तहसील से लेकर जिला प्रशासन चित्तौड़गढ़ और मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इस कारण अब मजबूरन ग्रामवासियों को भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा है। राजूगिरी ने कलक्टर को भेजे ज्ञापन में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चरागाह व तालाब पेटे की भूमि कोई भी व्यक्ति नहीं ले सकता है और अतिक्रमण भी नहीं कर सकता है। ज्ञापन में बताया कि आरणी गांव के खसरा नं. 4635/452 के रास्ते जिसका खसरा नं. 450 व चारागाह जिसका खसरा नं. 4630/449 व 4636/456 है और तालाब पेटे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जाए।

खून से लिखी अपने मन की पीड़ा

Chittorgarh grazing land encroachment news धरने पर बैठे ग्रामीणों ने अपने खून से प्रशासन को पत्र लिखा। इसमें लिखा कि “जब शब्द थक गए, जब कलम कांपने लगी, तब हमें लहू से लिखना पड़ा। यह सिर्फ पत्र नहीं, बल्कि हमारे गांव की चीख है। यह लहू, हमारी ज़मीन की पीड़ा है। जब कोई सुनने को तैयार नहीं, तो खून ने बोलना शुरू किया है…” इस तरह पत्र लिखा गया।
सुनवाई नहीं होने से दिया धरना
Villagers write letter in blood ग्रामवासी बोले कि 15 जून व 29 जूनको 181 पर शिकायत दर्ज करवाई, मगर कार्रवाई नहीं हुई। संपर्क पोर्टल पर सुनवाई नहीं होने पर 30 जून को ग्राम विकास अधिकारी आरणी, विकास अधिकारी पंचायत समिति राशमी, थाना प्रभारी राशमी व जिला कलेक्टर चित्तौड़गढ़ को ज्ञापन दिए गए। फिर भी सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद 5 अगस्त 2025 को डाक के जरिए जिला पुलिस अधीक्षक व जिला कलक्टर को दोबारा पत्र भेजे गए। फिर भी आरणी गांव के लोगों की पीड़ा को प्रशासन द्वारा नहीं सुना गया।

भूख हड़ताल व धरना स्थल पर ग्रामीण

Arni village Goswami Nath community protest आरणी गांव में अभी नारायण गिरी गोस्वामी और अमित गिरी गोस्वामी चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अभी स्वास्थ्य ठीक है, मगर प्रशासन की तरफ से वार्ता के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके अलावा गांव के मनोहरगिरी, राजूगिरी, डालूगिरी, शंभू, श्यामगिरी, संपत, महेश, सोनू सुखवाल, लक्ष्मण काना, रतन सुखवाल, शंभू, किशन, सागर आदि ग्रामवासी धरने पर बैठे हैं।
